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विधायक के बेटे ने लगाई लाल बत्ती, तो ममता बनर्जी ने मंच से ही लगा दी क्लास
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखें तय हो गई हैं। बंगाल में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल से 29 अप्रैल के बीच होंगे। इस दौरान नेताओं द्वारा राजनीतिक रैलियां और बयानबाजी शुरू हो गई है। इसी बीच, आसनसोल जिले में एक रैली के दौरान एक मजेदार घटना हुई। यहां, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक चुनावी रैली को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने भाषण के दौरान, मंच पर ही अपने ही एक विधायक पर कटाक्ष किया, जिससे वे शर्मनाक स्थिति में आ गए। पहले तो, ममता बनर्जी ने जामुडिया सीट के लिए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और वर्तमान विधायक हरे राम सिंह का हाथ पकड़कर उनका मनोबल बढ़ाया। फिर कहा कि, ‘अपने बेटे से कहो कि लाल बत्ती वाली गाड़ी का इस्तेमाल न करे।’

आसनसोल की सभा में ममता बनर्जी मंच से अपने उम्मीदवारों का परिचय करवा रही थीं। इस प्रक्रिया में उन्होंने विधायक हरे राम सिंह का हाथ पकड़कर उन्हें जनता के सामने प्रस्तुत किया और लोगों से उन्हें वोट देने की अपील की। हालांकि, इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसा कहा जिसकी हरे राम सिंह ने भी कल्पना नहीं की थी। भरे मंच पर, जनता के सामने उन्होंने हरे राम सिंह को चेतावनी दी कि वे अपने पुत्र को कहें कि वह लाल बत्ती वाले वाहन का उपयोग न करे क्योंकि इस तरह के काम से पार्टी की छवि खराब होती है।
हरे राम सिंह के बेटे का नाम प्रेमपाल सिंह है। प्रेमपाल सिंह आसनसोल जिला तृणमूल कांग्रेस के युवा नेता हैं। प्रेमपाल अक्सर हूटर और बड़े काफिले के साथ यात्रा करते हुए देखे जाते हैं। अब यह बात मुख्यमंत्री तक भी पहुंच गई। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए ममता बनर्जी ने स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी को भी नियमों से ऊपर नहीं समझना चाहिए। चाहे वह कोई भी हो।

इस मामले में जब पत्रकारों ने विधायक हरे राम सिंह से सवाल किया तो उन्होंने जवाब दिया कि, ‘(ममता बनर्जी ने) क्या कहा वह आपने सुन ही लिया। और आप मुझसे क्या पूछ रहे हैं? आपने तो सुन ही लिया। दीदी ने कहा बेटे पर थोड़ा ध्यान रखो, इसमें क्या है?’
इस चुनावी मौसम में, तृणमूल कांग्रेस भाजपा पर भी लगातार हमला कर रही है। पार्टी ने X पर पोस्ट करके भाजपा पर तीखे प्रहार किए। पार्टी ने कहा कि, देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। देश के 15 राज्यों में भी उसकी ही सत्ता है। जहां ज्यादातर सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ की बातें होती हैं, वहां भी भाजपा की ही सरकार है। जब अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि कार्रवाई करने में इतनी देरी क्यों हो रही है?

तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अब तक अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने के लिए कोई कदम क्यों नहीं उठाए। साथ ही यह भी पूछा कि भाजपा के नियंत्रण वाले वेनिस आयोग ने मतदाता सूची में शामिल विदेशी नागरिकों के नाम अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किए। टीएमसी का आरोप है कि अवैध घुसपैठ से भाजपा को राजनीतिक लाभ मिलता है। भाजपा जानबूझकर बंगाली और बांग्लादेशी के बीच का फर्क धुंधला करने की कोशिश कर रही है, ताकि असम की तरह बंगाल में भी डिटेंशन कैंप मॉडल लागू किया जा सके।

