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लखनऊ 'टिन बॉक्स' मर्डर केस: पिता ने ही की थी बेटी की हत्या, बहन-बहनोई के साथ मिलकर रची थी साजिश
लखनऊ के गोमती नगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के डिब्बे से मिले टिन के बॉक्स से बाहर आया रहस्य अब दिल दहला देने वाला साबित हुआ है। पुलिस जांच में पता चला है कि, टिन के बॉक्स से मिली एक युवती की टुकड़ों में कटी लाश गैंग वॉर, सीरियल किलिंग या एकतरफा प्यार का नतीजा नहीं थी, बल्कि यह एक पिता के डर, गुस्से और तथाकथित इज्जत से जुड़े विचारों का परिणाम था।
कुशीनगर निवासी बिग्गन अंसारी को डर था कि उसकी तीसरी बेटी भी घर छोड़कर भाग न जाए। पुलिस पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि उसकी दो बेटियां पहले ही घर छोड़कर भाग चुकी हैं। अब उसकी 15 वर्षीय बेटी शब्बा दूसरे धर्म के युवक से फोन पर बात करती थी, जो बात उसे परेशान करती थी। यह डर उसे इतना क्रूर बना गया कि उसने अपनी ही बेटी की हत्या कर दी, फिर उसके शरीर के टुकड़े करके ट्रेन में फेंकने की साजिश रची।
17 मई को छपरा-गोमती नगर एक्सप्रेस लखनऊ के गोमती नगर रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन के S1 कोच में एक टिन का बॉक्स लावारिस हालत में पड़ा था। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह किसी यात्री का सामान होगा, लेकिन जब बॉक्स खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी दंग रह गए। टिन के बॉक्स में सलवार-सूट पहने एक किशोरी का धड़ था। पास की बैग में उसके कटे हुए हाथ और पैर थे। लड़की का सिर गायब था। सूचना मिलते ही GRP और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची, जिससे पूरे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि इतनी क्रूर हत्या किसने की और शव ट्रेन तक कैसे पहुंचाया गया।
जब लखनऊ GRP ने जांच शुरू की, तब ट्रेन के पूरे रूट के CCTV फुटेज खंगाले गए। कई घंटों की जांच के बाद कुशीनगर के तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पर पुलिस को एक अहम सुराग मिला। फुटेज में 3 लोग ट्रेन के स्लीपर कोच में एक बड़ा टिन का बॉक्स और बैग ले जाते दिखाई दिए। थोड़ी देर बाद वही लोग बगल के AC कोच से उतरते दिखे। यहीं पुलिस को शक हुआ कि मामला गड़बड़ है। जांच में तीनों की पहचान कुशीनगर के शिवराही निवासी बिग्गन अंसारी, उसकी बहन नूरजहां और उसके बहनोई मुजीबुल्ला के रूप में हुई।
पुलिस ने बिग्गन अंसारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में टूट गया। उसने जो कहानी बताई, उससे पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसकी 15 वर्षीय बेटी शब्बा दूसरे धर्म के एक युवक से मोबाइल फोन पर बात करती थी। उसे यह रिश्ता पसंद नहीं था। उसने कई बार समझाया, डांटा और चेतावनी दी, लेकिन उसने बात करना बंद करने से इनकार कर दिया। इससे परिवार में तनाव बढ़ता गया।
यहीं जांच का सबसे चौंकाने वाला पहलू सामने आया। आरोपी पिता ने पुलिस को बताया कि उसकी दो बेटियां पहले ही घर छोड़कर भाग चुकी थीं। इस वजह से वह पहले से ही समाज और रिश्तेदारों के तानों से परेशान था। उसे डर था कि उसकी तीसरी बेटी भी वही रास्ता अपना सकती है। गांव की बदनामी और लोगों की बातें उसके दिमाग पर लगातार असर डाल रही थीं। धीरे-धीरे यह डर गुस्से में बदल गया और वह अपनी बेटी को समस्या के रूप में देखने लगा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इसी मानसिकता ने उसे उस हद तक कठोर बना दिया कि उसने उसकी हत्या करने का फैसला कर लिया।
जांच में पता चला कि बिग्गन अंसारी ने हत्या की योजना पहले से बना रखी थी। उसने अपनी पत्नी और दो बेटों को एक रिश्तेदार के घर भेज दिया, ताकि घर पर कोई मौजूद न रहे। 16 मई को उसने अपनी बहन नूरजहां और बहनोई मुजीबुल्ला को घर बुलाया। फिर तीनों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। पुलिस का कहना है कि यह अचानक गुस्से का मामला नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। पूछताछ में आरोपी ने अपनी बेटी की हत्या करने की बात कबूल कर ली। इसके बाद उसने उसकी पहचान छिपाने और शव को ठिकाने लगाने में आसानी के लिए उसके टुकड़े कर दिए। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि लड़की का सिर काटकर गांव के तालाब में फेंक दिया गया था। शरीर को टिन के बॉक्स में रखा गया था, जबकि हाथ और पैर अलग बैग में भरे गए थे। इस पूरी घटना ने पुलिस अधिकारियों को भी झकझोर दिया।
हत्या के बाद आरोपी पिता अपनी बहन और बहनोई के साथ घर से करीब 4 किलोमीटर दूर तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पहुंचा। तीनों ने छपरा-गोमती नगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में बॉक्स और बैग रख दिए। इसके बाद शक से बचने के लिए वे बगल के AC कोच से नीचे उतर गए। ट्रेन रवाना हो गई और लाश वाला बॉक्स कई स्टेशनों से गुजरते हुए लखनऊ पहुंच गया। आरोपियों को उम्मीद थी कि शव की कभी पहचान नहीं हो पाएगी, लेकिन CCTV कैमरों ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। शव के टुकड़े कर दिए गए थे और सिर गायब था। ऐसे में युवती की पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। हालांकि, रेलवे स्टेशनों के फुटेज और संदिग्ध गतिविधियों से धीरे-धीरे पूरा मामला साफ होता गया। जैसे-जैसे पुलिस संदिग्धों तक पहुंची, वैसे-वैसे हत्या का रहस्य खुलता गया। अब पुलिस सबूत मजबूत करने के लिए तालाब से युवती का सिर बरामद करने की कोशिश कर रही है।
इस घटना के सामने आने के बाद शिवराही इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव वाले भी इस घटना से स्तब्ध हैं। किसी को यकीन नहीं हो रहा कि कोई पिता अपनी बेटी के साथ इतनी क्रूरता कर सकता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, परिवार पिछले कुछ समय से तनाव में था, लेकिन किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि स्थिति इतनी भयावह हो जाएगी। GRP ने फिलहाल मुख्य आरोपी बिग्गन अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी बहन और बहनोई की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

