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तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर; CBI जांच की मांग
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कथित हॉर्स ट्रेडिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों की CBI जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में जांच पूरी होने तक राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की गई है। यह याचिका मदुरै निवासी के.के. रमेश ने दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया है कि हालिया विधानसभा चुनावों के बाद TVK ने हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए अन्य विधायकों का समर्थन हासिल किया है। हाल ही में TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बने हैं।
यह जनहित याचिका (PIL) चेन्नई स्थित के.के. रमेश द्वारा दायर की गई है। इसमें उन्होंने खास तौर पर भाजपा के खिलाफ CBI जांच की मांग की है। याचिका में भारतीय संघ, CBI और तमिलनाडु सरकार को प्रतिवादी बनाया गया है।
याचिका में क्या कहा गया है? याचिका में कहा गया है कि TVK तमिलनाडु में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, हालांकि उसके पास सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत नहीं था। हालिया विधानसभा चुनाव में TVK ने चौंकाने वाले तरीके से 4 मई को 108 सीटें जीतकर राज्य की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई थी। इसके बाद कांग्रेस, CPI, CPI(M) और IUML ने विजय की पार्टी को समर्थन देने की घोषणा की। इस घटनाक्रम के बाद विजय ने 10 मई को पद की शपथ ली और बाद में विधानसभा के फ्लोर पर अपना बहुमत साबित किया।
हालांकि, बहुमत साबित करने की प्रक्रिया के दौरान विवाद खड़ा हो गया। जब विजय की पार्टी ने विधानसभा में बहुमत साबित किया तो सभी हैरान रह गए; AIADMK के 25 विधायकों ने TVK को समर्थन दिया, जिससे TVK के नेतृत्व वाले गठबंधन की सीटों की संख्या 144 से अधिक हो गई। तमिलनाडु के दो कांग्रेस विधायक गुरुवार को राज्य मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। कांग्रेस विधायक राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन तमिलनाडु सरकार का हिस्सा बनेंगे। इन विधायकों के शामिल होने के साथ, कांग्रेस 59 साल बाद तमिलनाडु मंत्रिमंडल में शामिल हो रही है।

