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सूरत के सबसे बड़े उत्सव का समापन कल, बप्पा की मूर्तियों के विर्सजन के लिए हाईटेक व्यवस्था, बड़े गणपति वाहनों की जीपीएस से निगरानी
ड्रोन, सीसीटीवी और एआई कैमरे से निगरानी के अलावा 5800 पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
सूरत। शहर में 11 दिनों से चल रहे सबसे बड़े उत्सव गणपति पर्व का शुक्रवार को समापन हो जाएगा। सूरत के लिए यह कितना बड़ा पर्व है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां करीब एक लाख छोटी-बड़ी प्रतिमाओं का विर्सजन होगा। बड़ी संख्या में निकलने वाली विसर्जन यात्राओं और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सूरत पुलिस ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था का व्यापक इंतजाम किया है। इस बार बड़े गणपति की प्रतिमाएं ले जाने वाले वाहनों पर जीपीएस सिस्टम लगाया गया है। इसके जरिए इन वाहनों की लोकेशन, मूवमेंट और गति पर पुलिस कंट्रोल रूम से नजर रखी जा सकेगी। इससे भीड़ और ट्रैफिक को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। बता दें कि विसर्जन के दिन पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल रहता है। सुबह से रात तक मानों सड़क पर मेला लगा रहता है। बाजे-गाजे के साथ नाचते-गाते भक्त बप्पा की मूर्तियों का विर्सजन करने के लिए निकलते हैं।
इतनी बड़ी व्यवस्था: 505 अधिकारी, 5800 पुलिसकर्मी, 4000 होमगार्ड तैनात
विसर्जन शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए 505 उच्च पुलिस अधिकारियों के साथ 5800 पुलिस जवान और 4000 होमगार्ड तैनात रहेंगे। इसके अलावा एसआरपी की 11 कंपनियां, टीआरपी के 1450 जवान, आईआरएफ की 2 कंपनियां तथा सीआईएसएफ और बीएसएफ की एक-एक कंपनी भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल रहेगी। पूरे विसर्जन मार्ग पर कर सुरक्षा को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है। पुलिस की अलग-अलग टीमें भीड़ वाले क्षेत्रों, विसर्जन मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखेंगी।
21 कृत्रिम तालाब और 3 प्राकृतिक ओवारा पर भी तय
सूरत में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए 21 कृत्रिम तालाब और 3 प्राकृतिक ओवारा तय किए गए हैं। इन स्थानों के साथ पूरे विसर्जन मार्ग पर तकनीक के जरिए निगरानी की जाएगी। इसके लिए 20 ड्रोन कैमरे, 125 वीडियो कैमरे, 150 एआई आधारित कैमरे, 900 बॉडी कैमरे और करीब 3000 सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल होगा। इन कैमरों की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। पुलिस की इस हाईटेक व्यवस्था का उद्देश्य भीड़ की स्थिति, वाहनों की आवाजाही और विसर्जन स्थलों पर होने वाली गतिविधियों की लगातार निगरानी करना है।
25 रास्तों पर डायवर्जन, भारी वाहनों की आवाजाही पर भी असर
विसर्जन यात्राओं के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए करीब 25 रास्तों पर सामान्य वाहनों की आवाजाही को बंद या डायवर्ट करने की व्यवस्था की गई है। नागरिकों को इन मार्गों के बजाय वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना होगा। विसर्जन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस की विशेष टीमें भी तैनात रहेंगी। शहर में कई स्थानों पर बैरिकेडिंग और डायवर्जन की व्यवस्था की गई है।
BRTS और सिटी बस सेवा भी 25 सितंबर को बंद
विसर्जन यात्राओं के चलते ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए सूरत नगर निगम ने 25 सितंबर को शहर में बीआरटीएस और सिटी बस सेवा बंद रखने का फैसला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, शहर में 385 BRTS बसें 13 रूट पर और 440 सिटी बसें 45 रूट पर संचालित होती हैं। रोजाना 2.5 लाख से अधिक यात्री इन सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। विसर्जन के दौरान मार्गों पर प्रतिबंध और यात्राओं की आवाजाही को देखते हुए एक दिन के लिए सार्वजनिक परिवहन सेवा बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
326 पेट्रोलिंग वाहन और 530 बाइक लगातार गश्त करेंगी
किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए 7 क्यूआरटी, 15 डीसीपी टीम और 10 एसओजी टीम तैनात रहेंगी। पूरे शहर में 326 पेट्रोलिंग वाहन और 530 बाइक से लगातार गश्त की जाएगी। पुलिसकर्मियों के लिए 1800 शोल्डर लाइट की भी व्यवस्था की गई है। रात के समय कम रोशनी वाले और सुनसान स्थानों पर निगरानी के लिए 32 अक्सा लाइट और 10 वॉच टावर लगाए गए हैं। प्राकृतिक ओवारा पर मूर्ति विसर्जन के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 14 क्रेन और 3 बोट भी तैयार रखी गई हैं।
पुलिस कंट्रोल रूम से बड़े वाहनों की निगरानी
बड़े गणपति की प्रतिमाओं को ले जाने वाले वाहनों पर लगाए गए GPS सिस्टम इस बार सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा होंगे। इन वाहनों की लोकेशन पुलिस कंट्रोल रूम में देखी जासकेगी। इससे किसी मार्ग पर वाहनों की संख्या बढ़ने या गति धीमी होने की स्थिति में पुलिस को मौके पर व्यवस्था संभालने में मदद मिलेगी।
इंचार्ज सीपी ने कहा- लोगों को कम परेशानी हो, इसलिए पूरा बंदोबस्त किया
इंचार्ज पुलिस कमिश्नर बवांग जमीर ने कहा कि जनता को कम से कम परेशानी हो और पूरा बंदोबस्त अच्छी तरह से पूरा हो, इसके लिए सूरत सिटी पुलिस की ओर से पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि जनता की ओर से भी अच्छा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि परमिशन और रूट के लेटर देने का काम 99 प्रतिशत पूरा हो चुका है और इसे 100 प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा। सभी पुलिस थानों में शांति समिति और मोहल्ला समितियों के साथ बैठकें की गई हैं। इसके अलावा एसएमसी, जीईबी और टोरेंट जैसी एजेंसियों के साथ भी समन्वय बैठकें पूरी हो चुकी हैं। पुलिस के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

