गुजरात के व्यापारियों में UPI चार्ज को लेकर नाराजगी, बोले- ‘पहले UPI के लिए प्रोत्साहित किया और अब…’

Hindi Khabarchhe Picture
On

15 अक्टूबर से UPI पेमेंट में बड़ा बदलाव होगा। 2000 रुपये से अधिक के मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा। सरकार के इस फैसले के कारण व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है और फिर से कैश और चेक के लेनदेन की ओर आगे बढ़ने की बात कर रहे हैं। व्यापारियों ने कहा कि, जो 2,000 रुपये की लिमिट रखी गई है उसे बढ़ाकर 50,000 या 1,00,000 करना चाहिए। पहले व्यापारियों और लोगों को UPI के लिए प्रोत्साहित किया और अब चार्ज लगाना गलत बात है।

व्यापारियों का मानना है कि यह नया नियम लागू होने से लोग डिजिटल पेमेंट करना बंद कर देंगे या कम कर देंगे। इस नियम का असर अभी से ही दिखाई देना शुरू हो गया है, जहां कुछ सप्लायर्स ने डिजिटल पेमेंट लेने से मना करके कैश में पेमेंट मांगना शुरू कर दिया है। सरकार ने डिजिटल पेमेंट को प्रोत्साहन दिया और इसके कारण ही देश की इकोनॉमी में ट्रांजेक्शंस बढ़े थे, लेकिन इस तरह चार्ज लगाने से डिजिटल इंडिया के अभियान पर विपरीत असर पड़ेगा और लोग फिर कैश की ओर लौटेंगे।

पिछले 2-3 वर्षों में खासकर GenZ और आम नागरिक अपनी जेब में कैश रखने की आदत छोड़ चुके हैं। सब्जियों से लेकर छोटी-बड़ी हर चीज खरीदने के लिए लोग UPI से भुगतान करने के आदी हैं। अब अचानक यह आदत बदलना लोगों के लिए मुश्किल होगा और इससे व्यापारियों की बिक्री पर असर पड़कर अंततः देश के GDP को नुकसान पहुंच सकता है।

MDR को लेकर बोलते हुए राजकोट के ईगल पेट्रोलपंप के मोहम्मदभाई ने बताया कि, हमने ऑनलाइन सेवा जारी रखी है और जारी रखेंगे। 2000 से ऊपर के पेमेंट पर चार्ज लगना 15 अक्टूबर से शुरू होने वाला है। हालांकि हम अभी भी सभी प्रकार के पेमेंट ऑनलाइन स्वीकार करते हैं. और 15 अक्टूबर के बाद भी 2000 से ऊपर के पेमेंट लेना बंद करने का कोई इरादा नहीं है। हम सरकार के नियमों के अनुसार चार्ज भरेंगे लेकिन ऑनलाइन सुविधा जारी रखी जाएगी।

1811
divyabhaskar.co.in

राजकोट शहर के रैया टेलीफोन एक्सचेंज के पास स्थित RD हेयर सैलून के संचालक रविभाई राठौड़ ने बताया कि, UPI पर जो चार्ज वसूलने की शुरुआत आगामी अक्टूबर महीने से होने वाली है और आगामी अक्टूबर महीने में नवरात्रि पर्व शुरू होने वाला है। नवरात्रि गुजरातियों का बड़ा पर्व है इस दौरान भाई बहन सभी हेयर स्टाइल और मेकअप करवाते हैं जिसका बिल 2000 से ऊपर ही होता है क्योंकि स्टार्टिंग रेंज 2000 होती है। ऐसे में अगर लोग UPI से पेमेंट करेंगे तो छोटे व्यापारियों के लिए मुश्किल खड़ी होगी।

राजकोट के टैक्सी संचालक भाविन राजगोर ने बताया कि, मैं 15 वर्षों से टैक्सी के व्यवसाय से जुड़ा हुआ हूं। राजकोट में करीब 1000 छोटे-बड़े टैक्सी संचालक हैं इन सभी पर UPI के नए कानून से 100% सीधा असर पड़ेगा। क्योंकि टैक्सी के अंदर पूरे देश में कम से कम 300 किलोमीटर का फिक्स किराया लिया जाता है और इसमें सबसे छोटी गाड़ी का मौजूदा प्रति किलोमीटर 11 रुपये किराया है। इस तरह एक किराया कम से कम 3300 रुपये होता है जो 2000 से ऊपर ही कहा जाएगा, और फिलहाल 98% ग्राहक ऑनलाइन पेमेंट कर रहे हैं ऐसे समय में यह फैसला छोटे व्यापारियों के लिए एक और आफत के समान है।

अहमदाबाद के आई.एच ज्वेलर्स के मैनेजर जितेश व्यास ने बताया था कि, सरकार ने UPI के लिए 15 अक्टूबर से नए नियम लागू करने की घोषणा की है। 2 हजार से अधिक के ट्रांजेक्शन पर 0.04 प्रतिशत MDR दर लागू की जाएगी। मल्टीपल लेवल पर देखें तो ट्रांजेक्शन चार्ज बढ़ जाता है. जिससे इसका असर निश्चित रूप से होने वाला है, ज्वेलर्स के सभी लोगों पर थोड़ी नकारात्मक असर देखने को मिलने वाली है। ग्राहकों के साथ अब बैंक थ्रू या अन्य किस तरह से ट्रांजेक्शन करवाना है इसे लेकर विचार करेंगे।

फुटवियर मर्चेंट एसोसिएशन के सचिव और वडोदरा व्यापार विकास एसोसिएशन के कन्वीनर भरत चौहान ने कहा कि, हम व्यापारी विकास एसोसिएशन के रूप में सरकार के इस फैसले का विरोध करते हैं। सरकार ने 2,000 रुपये से ऊपर के UPI ट्रांजेक्शन पर चार्ज लेने की बात कही है, लेकिन आज 2,000 रुपये की सीमा बहुत ही सामान्य हो गई है। आज तेल का डिब्बा या जूते की दो जोड़ी जैसी सामान्य चीजें खरीदने जाएं तो भी ₹2,500 का बिल हो जाता है। ऐसे हालात में ग्राहक अतिरिक्त चार्ज देने से मना करे, तो वह बोझ व्यापारी को खुद सहन करना पड़ता है।

वडोदरा शहर स्कूल संचालक महामंडल के मंत्री हर्षल अमीन ने बताया कि, हमारे स्कूलों में भी कोविड के बाद के समय में कैशलेस ट्रांजेक्शन हो रहे हैं. UPI के जरिए बहुत सारे स्कूल फीस स्वीकार करते हैं और कई अभिभावकों की फीस UPI के माध्यम से ही हमारे पास आ रही है। अगर सरकार इसमें चार्जेस लागू करेगी तो अभिभावक भी सोचेंगे और अगर वे इन चार्जेस को वहन नहीं करेंगे तो UPI के जरिए हो रहे ट्रांजेक्शन में भारी कमी आएगी। अगर चार्जेस लागू होते हैं, तो अभिभावक डिजिटल पेमेंट के बजाय फिर से चेक या कैश देना पसंद करेंगे। शिक्षा जैसे सेवाक्षेत्रों के लिए इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।

1711
divyabhaskar.co.in

इस बारे में फल सॉल्यूशंस कंपनी के ओनर शैलेन्द्र पंत ने बताया था कि, यह फैसला बिल्कुल उचित नहीं है. आज अधिकांश व्यापार और लेनदेन UPI से ही हो रहे हैं। ऐसे में 2,000 रुपये जैसी छोटी राशि पर चार्ज लगाना अनुचित है। उनकी अपनी कंपनी में मिनिमम प्रोडक्ट 2,000 रुपये का होने के कारण 0.4% के हिसाब से चार्ज गिनें तो मार्जिन पर बड़ा असर पड़ता है। मॉल, जियो या ब्लिंकिट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी यह राशि व्यापारियों के लिए बड़ा बोझ बन जाएगी।

अहमदाबाद में BPCL डीलर तनसुख परमार ने बताया कि, UPI पेमेंट को लेकर इससे पहले इतनी स्पष्ट जानकारी नहीं थी। लेकिन नए नियम के अनुसार अगर रोजाना बड़ी संख्या में 2000 रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन होते हैं, तो व्यापारियों और पेट्रोल पंप मालिकों पर बड़ा आर्थिक बोझ आ सकता है। पेट्रोल पंप बिजनेस की स्थिति के बारे में बताया कि, आमतौर पर कोई ग्राहक एक साथ 25,000 या 30,000 का ईंधन नहीं भरवाता है। इसलिए सरकार को पेट्रोल पंप व्यवसाय को इस नियम के दायरे से छूट देनी चाहिए या फिर मासिक सीमा तय करनी चाहिए। अगर 2000 रुपये की ट्रांजेक्शन लिमिट बढ़ाकर 50 हजार या 1 लाख तक की जाती है तो छोटे और बड़े व्यापारियों को राहत मिल सकती है। अन्यथा आने वाले समय में पेट्रोल पंप के संचालन खर्च में वृद्धि होने से संचालकों की मुश्किलों में बढ़ोतरी हो सकती है।

सूरत के व्यापारी संजय अग्रवाल ने सरकार से अपील करते हुए बताया है कि, इस फैसले का सीधा असर छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। 90% लोग अभी कैशलेस सिस्टम से जुड़ गए हैं। लेकिन अगर UPI पर फिर से टैक्स लगेगा, तो लोग वापस कैश और पेपर पद्धति की ओर मुड़ जाएंगे।

सूरत के कपड़ा व्यापारी रंगनाथ शारदा ने इस 0.4% चार्ज का गणित समझाते हुए कहा कि, इस चार्ज का असर सीधे कपड़े की लागत पर पड़ेगा। क्योंकि कपड़ा बनने के हर चरण पर 0.4% चार्ज लगेगा। हम वर्कवाले को, ग्रे वाले को, मिल वाले को और पार्टी को पेमेंट देंगे, उसके बाद सेमी होलसेल से लेकर रिटेल तक हर जगह चार्ज लगेगा। इस तरह, आज के समय में कपड़ों पर 2 से 2.5% मार्जिन अपने आप जुड़ जाएगा, जिसके कारण कपड़ा महंगा होगा और बिक्री घटेगी।

उल्लेखनीय है कि, सरकार के कैशलेस इकोनॉमी के अभियान के बाद सूरत के लगभग 70000 कपड़ा व्यापारी और ट्रेडर्स डिजिटल पेमेंट की ओर मुड़ गए थे। अब तक छोटे-बड़े व्यापारी 5000 से 20000 रुपये का माल खरीदते और इंस्टेंट UPI से पेमेंट करते थे, जिससे माल तुरंत पैक हो जाता था। लेकिन अब UPI चार्ज से बचने के लिए पेमेंट चेक से स्वीकार किया जाएगा। चेक क्लियर होने में 3-4 दिन का समय लगने से व्यापार में ढीलापन आएगा और बाहरगांव के व्यापारियों के माल की डिलीवरी में भी देरी होगी।

About The Author

More News

सस्ते के चक्कर में अमेरिका से iPhone 18 Pro मंगाने का सोच रहे हैं? तो पहले टैक्स का गणित समझ लें

Top News

सस्ते के चक्कर में अमेरिका से iPhone 18 Pro मंगाने का सोच रहे हैं? तो पहले टैक्स का गणित समझ लें

Apple ने iPhone 17 Pro सीरीज की तुलना में iPhone 18 Pro सीरीज को भारत में बहुत महंगी कीमत पर...
टेक और ऑटाे 
सस्ते के चक्कर में अमेरिका से iPhone 18 Pro मंगाने का सोच रहे हैं? तो पहले टैक्स का गणित समझ लें

भाजपा के पास 10 पार्षद होने के बावजूद अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को एक भी वोट नहीं मिला; RLP-कांग्रेस ने बोर्ड बनाया; '0' का चुनावी गणित बना चर्चा का विषय

राजस्थान के शहरी स्थानीय स्वशासन के चुनावों के बाद, नागौर जिले की मूंडवा नगरपालिका के अध्यक्ष पद का चुनाव राज्य...
भाजपा के पास 10 पार्षद होने के बावजूद अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को एक भी वोट नहीं मिला; RLP-कांग्रेस ने बोर्ड बनाया; '0' का चुनावी गणित बना चर्चा का विषय

'पद्मश्री सम्मान वापस लें': पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी से क्यों नाराज है हिंदू सेना? गृह मंत्री अमित शाह से की गई अपील

भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी अक्सर अपने बयानों के कारण विवादों में रहते हैं; हाल ही में, हिंदू सेना...
राजनीति 
'पद्मश्री सम्मान वापस लें': पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी से क्यों नाराज है हिंदू सेना? गृह मंत्री अमित शाह से की गई अपील

गुजरात के व्यापारियों में UPI चार्ज को लेकर नाराजगी, बोले- ‘पहले UPI के लिए प्रोत्साहित किया और अब…’

15 अक्टूबर से UPI पेमेंट में बड़ा बदलाव होगा। 2000 रुपये से अधिक के मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट...
बिजनेस 
गुजरात के व्यापारियों में UPI चार्ज को लेकर नाराजगी, बोले- ‘पहले UPI के लिए प्रोत्साहित किया और अब…’

बिजनेस

Copyright (c) Khabarchhe All Rights Reserved.