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चंदा चोरी विवाद के बीच राम मंदिर में भक्तों के लिए बदल गई दर्शन व्यवस्था, क्या-क्या बदलाव हुए, अयोध्या जाने से पहले जान लें…
अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बड़ा बदलाव किया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसके लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। दरअसल दर्शन और आरती से जुड़ी व्यवस्था में अहम बदलाव किया है, ताकि श्रद्धालुओं को रामलला का दर्शन सुगम तरीके से कर सकें। नई व्यवस्था के तहत अब राम दरबार के दर्शन के लिए किसी भी प्रकार के पास की जरूरत नहीं होगी। श्रद्धालु बिना पास के सीधे राम दरबार के दर्शन कर सकेंगे। वहीं, रामलला की आरती में शामिल होने के इच्छुक भक्तों के लिए पहली बार तत्काल पास की सुविधा शुरू कर दी गई है। इसके लिए बिड़ला धर्मशाला के सामने स्थित यात्री सुविधा केंद्र में अलग काउंटर बनाया गया है। यहां फिलहाल सीमित संख्या में तत्काल पास जारी किए जा रहे हैं। ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं की संख्या और मांग को देखते हुए भविष्य में तत्काल पासों का कोटा बढ़ाया भी जा सकता है।
चढ़ावा चोरी विवाद के बीच नई व्यवस्था लागू की गई
यह नई व्यवस्था ऐसे समय लागू की गई है, जब हाल ही में मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया प्रभावित हो गई थी। ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय तथा सदस्य गोपाल राव और अनिल मिश्रा की आईडी बंद किए जाने के कारण पास जारी करने में तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतें आ रही थीं। इसका असर यह हुआ कि प्रतिदिन बहुत कम संख्या में दर्शन पास बन पा रहे थे। श्रद्धालुओं की बढ़ती परेशानी को देखते हुए ट्रस्ट ने व्यवस्था की समीक्षा की और तत्काल प्रभाव से नई प्रणाली लागू कर दी।
आरती दर्शन के लिए अलग-अलग श्रेणी के पास जारी किए जाएंगे
नई व्यवस्था के तहत आरती दर्शन के लिए अलग-अलग श्रेणी के पास जारी किए जाएंगे। पास व्यवस्था प्रभारी नरेंद्र के अनुसार, बिड़ला धर्मशाला के सामने स्थित यात्री सुविधा केंद्र पर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से तत्काल पास बनाए जा रहे हैं। यहां रोजाना रामलला की आरती के लिए 45 तथा राम परिवार की आरती के लिए 15 तत्काल पास उपलब्ध कराए जाएंगे। रामलला की मंगला आरती सुबह 4 बजे और शृंगार आरती सुबह 6 बजे होती है। इन दोनों आरतियों में शामिल होने के लिए पास एक दिन पहले जारी किए जाएंगे, जबकि रात 9 बजे होने वाली शयन आरती के लिए उसी दिन पास उपलब्ध कराया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को आरती में शामिल होने के लिए पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक व्यवस्था मिलेगी।
ऑनलाइन पास व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी
ट्रस्ट ने ऑनलाइन पास व्यवस्था को भी यथावत रखा है। आरती दर्शन के लिए पहले से प्रतिदिन 100 ऑनलाइन पास जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा 75 रेफरल पास की व्यवस्था भी जारी रहेगी। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि रेफरल पासों का कोई अलग कोटा जिला प्रशासन, सैनिक सदन या किसी अन्य संस्था के लिए निर्धारित नहीं किया गया है। यदि किसी विशेष अतिथि के लिए आवश्यकता होगी तो संबंधित व्यक्ति सीधे ट्रस्ट से संपर्क कर सकेगा। इससे पास वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाए रखने का प्रयास किया गया है।
नियमित दर्शन के लिए जारी पास की भी समीक्षा की जा रही
नियमित दर्शन व्यवस्था की भी समीक्षा जारी है। रामलला के नियमित दर्शन के लिए अब तक 2,743 दैनिक पास जारी किए जा चुके हैं। ट्रस्ट इन सभी पासों की समीक्षा कर रहा है ताकि व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाया जा सके। छह महीने की वैधता वाले पासों का नवीनीकरण भी लगातार किया जा रहा है। जिन श्रद्धालुओं के पास की अवधि समाप्त होने वाली है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका नवीनीकरण करा सकते हैं। हालांकि, फिलहाल नए दैनिक पास जारी करने पर रोक लगाई गई है। ट्रस्ट का कहना है कि समीक्षा पूरी होने के बाद ही इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
भक्त आरती दर्शन के लिए ऐसे बनवा सकते हैं तत्काल पास
- बिड़ला गेट स्थित तीर्थ क्षेत्र के यात्री सुविधा केंद्र के काउंटर पर आवेदन करना होगा। ध्यान रखें कि मंगला और श्रृंगार आरती का पास एक दिन पहले, जबकि शयन आरती का पास उसी दिन जारी होगा।
- पास बनना प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शुरू होगा।, लेकिन काउंटर से केवल वरिष्ठ नागरिकों तथा गोद में दूधमुंहे शिशु के साथ आने वाले माता-पिता का पास बनाया जाएगा।
- अपने पास आधार कार्ड तथा शिशु के साथ माता-पिता की फोटो दिखानी होगी।
नई व्यवस्था से राम दरबार तक पहुंचना आसान हो जाएगा
राम मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भीड़ बढ़ने के साथ दर्शन और आरती व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना ट्रस्ट के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इसी कारण समय-समय पर व्यवस्थाओं में बदलाव किए जा रहे हैं। ट्रस्ट का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से एक ओर श्रद्धालुओं को राम दरबार के दर्शन के लिए अतिरिक्त औपचारिकताओं से राहत मिलेगी, वहीं आरती में शामिल होने के इच्छुक लोगों के लिए तत्काल पास की सुविधा भी अधिक उपयोगी साबित होगी।

