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साल का पहला चंद्रग्रहण आज, मंदिरों के कपाट बंद, सूतक की वजह से गुजरात में होली कल खेली जाएगी
सूरत। तीन मार्च यानी मंगलवार को चंद्रग्रहण के चलते मंदिरों के कपाट बंद कर दिये गए हैं। यह साल-2026 का पहला चंद्रग्रहण है। ग्रहण दोपहर 3:21 बजे शुरू होगा और शाम 6:47 बजे तक रहेगा। ऐसे में भारत में शाम को ग्रहण लगा हुआ चंद्र उदय होगा। सूतक और ग्रहण के समय रंग-गुलाल खेलना, उत्सव मनाना और पूजा-पाठ करना शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए देश के कई हिस्सों में होली 4 मार्च को मनाया जाएगा। पूरे गुजरात में भी आधिकारिक रूप से होली की छुट्टी 4 मार्च को ही रहेगी।
बता दें कि चंद्रग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लग जाता है। ग्रहण दोपहर 3.21 बजे से शुरू होगा, इसलिए इसका सूतक सुबह 6.21 बजे से है। शाम को 6.47 बजे ग्रहण और सूतक खत्म होंगे। ग्रहण खत्म होने के बाद घरों में और मंदिरों में शुद्धिकरण किया जाता है। भक्त पहले खुद स्नान करते हैं और फिर देवी-देवताओं को भी स्नान कराते हैं। इसके बाद विधिवत पूजा-पाठ की जाती है।
सूतक में ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। ग्रहण के बाद शाम 7:15 बजे मंदिर में प्रवेश कर गर्भगृह की विधिवत साफ-सफाई और शृंगार किया जाएगा। इसके बाद संध्या आरती के साथ दर्शन-पूजन शुरू कर दिया जाएगा।

वहीं, यूपी में चंद्रग्रहण के चलते मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं। मंदिरों के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। अयोध्या में राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में सुबह 8:15 बजे भगवान को भोग लगाया गया। इसके बाद सुबह 9 बजे से मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। मथुरा में भी कुछ ऐसा ही हाल है। बांके बिहारी मंदिर समेत मंदिरों के कपाट सुबह 9 बजे बंद किए गए। काशी में दशाश्वमेध घाट पर कराई जाने वाली रोज शाम की आरती भी सवा घंटे की देरी से होगी। काशी विश्वनाथ धाम के कपाट भी पौने तीन घंटे बंद रहेंगे।
बता दें कि ग्रहण और सूतक के समय में मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है। उत्सव मनाना, विवाह, गृह प्रवेश, जनेऊ संस्कार जैसे मांगलिक कार्य इस दौरान नहीं किये जाते हैं। आप सूतक के समय मंत्र जप, दान-पुण्य कर सकते हैं। जरूरतमंद लोगों को अनाज, खाना, धन, कपड़ों का दान करना चाहिए। किसी गोशाला में गायों की देखभाल करें, दान करें तथा गायों को हरी घास खिलाएं। किसी नदी-तालाब में मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर खिलाएं।

