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इस मासूमियत चेहरे के पीछे का सच जानकर रह जाएंगे हैरान... पहले पति, सास समेत 4 लोगों की हत्या, फिर सभी को कार में डालकर जला दिया
राजस्थान के अजमेर जिले के बोराड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव में एक पारिवारिक विवाद ने भयावह रूप धारण कर लिया। यहां एक महिला ने अपने दो बच्चों के साथ मिलकर अपने ही पति, सास, पति की दूसरी पत्नी और एक अन्य रिश्तेदार की हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के प्रयास में चारों शवों को कार में रखकर आग लगा दी। पुलिस ने कुछ ही घंटों में इस जघन्य हत्या के मामले का खुलासा कर दिया।
अजमेर के एसपी हर्षवर्धन ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि श्रीरामपुरा गांव में घर से लगभग 500 मीटर दूर मुख्य सड़क पर एक कार जल रही है, जिसमें चार शव हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मृतकों की पहचान पूर्व सरपंच राम सिंह, उनकी मां पुसी देवी, राम सिंह की दूसरी पत्नी सुरज्ञान और उनकी बुआ महिमा के रूप में हुई है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतक राम सिंह का अपनी पहली पत्नी सुनीता के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों एक ही घर में रहते थे और अक्सर कहासुनी होती रहती थी। बुधवार देर शाम परिवार में विवाद हुआ, जिसके बाद स्थिति हिंसक हो गई।
पुलिस जांच के अनुसार, सुनीता ने अपनी बेटी सरिता और नाबालिग बेटे के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया। आरोप है कि तीनों ने राम सिंह, उनकी मां, उनकी दूसरी पत्नी और रिश्तेदार महिमा पर धारदार हथियारों से हमला किया, जिससे चारों की मौत हो गई। हत्याओं के बाद पूरे घर में अफरा-तफरी मच गई और दहशत का माहौल फैल गया।
घटना को दुर्घटना दिखाने के लिए आरोपियों ने शवों को घर से दूर ले जाकर ठिकाने लगाने की योजना बनाई। चारों शव राम सिंह की कार में रखे गए, जिसे बाद में घर से कुछ दूरी पर ले जाकर आग लगा दी गई। आरोपियों का प्रयास था कि हत्याओं को आकस्मिक दुर्घटना या आग लगने का मामला दिखाया जाए। घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विभिन्न पुलिस टीमें तैनात की गई थीं। FSL और MOB टीमों ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए और पूरे घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई।
एसपी हर्षवर्धन ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों ने मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीणों से मिली छोटी-बड़ी जानकारियों को जोड़ते हुए पुलिस ने जांच की कड़ियां मजबूत कीं और आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी सुनीता, उसकी बेटी सरिता और उसके नाबालिग बेटे को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल तीनों से घटना के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तार से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

