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लोहरदगा: DSP अमित कुमार सिंह ने ऐसा क्या किया कि उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज हो गई?
लोहरदगा में तैनात DSP अमित कुमार सिंह पर एक युवती ने यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया, जिससे झारखंड पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। रांची के चुटिया पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि DSP ने शादी और भरोसे का झांसा देकर महिला को शारीरिक संबंध बनाने के लिए फंसाया और बाद में मामला सामने आने पर उसे दबाने की कोशिश की।
सूत्रों के अनुसार, पीड़िता स्नातकोत्तर की छात्रा है। युवती ने झारखंड पुलिस मुख्यालय में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस मुख्यालय में आंतरिक जांच की गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर गृह विभाग ने DSP अमित कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
पीड़िता का आरोप है कि मामला सामने आने के बाद DSP अमित कुमार सिंह ने उसके ऊपर केस दर्ज न कराने के लिए लगातार दबाव बनाया। आरोप है कि समझौते के लिए पैसे की पेशकश की गई और महिला को कानूनी कार्रवाई वापस लेने के लिए डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा महिला का आरोप है कि DSP की ओर से वकील के माध्यम से भी उस पर दबाव डालने की कोशिश की गई। उसे समझौता करने और मामला वापस लेने के लिए लगातार संपर्क किया जाता रहा। हालांकि युवती ने हार मानने से इनकार कर दिया और अंततः पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बताया जाता है कि घटना के बाद पीड़िता मानसिक रूप से परेशान हो गई थी और अवसाद में चली गई थी। इसके बावजूद उसने पहले पुलिस मुख्यालय में शिकायत करने और फिर एफआईआर दर्ज कराने का साहस जुटाया।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि DSP अमित कुमार सिंह ने अपनी पहचान छिपाने के लिए होटल बुकिंग के दौरान नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था। जांच एजेंसियां अब इस पहलू से भी जांच कर रही हैं कि सरकारी पद पर रहते हुए उन्होंने नकली दस्तावेजों का उपयोग क्यों किया। सूत्रों के अनुसार, महिला और DSP लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे। युवती का आरोप है कि अधिकारी ने भरोसा और अच्छे भविष्य का आश्वासन देकर उसका शारीरिक शोषण किया। जब उसने इसका विरोध किया और कानूनी कार्रवाई की बात कही, तो उस पर दबाव बनाया गया।
कहा जाता है कि अमित कुमार सिंह मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। वह लोहरदगा में झारखंड पुलिस सेवा में प्रशिक्षु DSP के रूप में तैनात थे। वह एक युवा अधिकारी के रूप में जाने जाते थे, लेकिन अब गंभीर आरोपों ने उनका नाम विवादों में ला दिया है। गृह विभाग की कार्रवाई के बाद जांच कानूनी और विभागीय दोनों स्तरों पर आगे बढ़ेगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायत से जुड़े डिजिटल सबूतों, होटल रिकॉर्ड और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
DSP के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों ने झारखंड पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि दोषी पाए गए तो कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल चुटिया पुलिस स्टेशन ने एफआईआर दर्ज कर ली है और पूरे मामले की जांच कर रहा है।

