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देश के दो सबसे बड़े एग्जाम NEET और CBSE की 12वीं, दोनों में बड़ी चूक और लाखों छात्रों के सपने चूर…ऐसी लापरवाही क्यों
सरकार ने भी माना- गलती हुई; पेपर लीक से लेकर तकनीकी अव्यवस्था तक, परीक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
नई दिल्ली। देश की दो सबसे बड़ी परीक्षाएं- NEET और CBSE की 12वीं, इस समय गंभीर विवादों और अव्यवस्थाओं के कारण सवालों के घेरे में हैं। एक तरफ NEET परीक्षा पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की वजह से लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया, वहीं दूसरी तरफ CBSE की डिजिटल मूल्यांकन ने छात्रों और अभिभावकों की परेशानी बढ़ा दी। दोनों मामलों ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, सुरक्षा और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
NEET पेपर लीक विवाद के बीच 21 जून को होने वाले री-टेस्ट से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हाईलेवल बैठक हुई। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह शामिल हुए। बैठक में फैसला लिया गया कि अब NEET परीक्षा के पेपर के परिवहन में सेना और वायुसेना की मदद ली जाएगी।
अब सेना और वायुसेना की निगरानी में पहुंचेगा NEET पेपर
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि यूपीएससी की तर्ज पर NEET परीक्षा के पेपर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्टेशन और परीक्षा केंद्रों तक पेपर पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया कई स्तर की निगरानी में होगी। रक्षा मंत्रालय ने भी इस व्यवस्था के लिए सहमति दे दी है। प्रधान ने कहा कि री-टेस्ट के पेपर के ट्रांसपोर्टेशन में वायुसेना मदद करेगी। पहले इस प्रक्रिया में डाक विभाग और गृह मंत्रालय की प्रमुख भूमिका होती थी, लेकिन इस बार सुरक्षा व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं। NTA ने फीस रिफंड के लिए बैंक अकाउंट डिटेल्स जमा करने की डेडलाइन भी बढ़ाकर 22 जून रात तक कर दी है। पहले इसकी अंतिम तारीख 27 मई तय की गई थी।
प्रधानमंत्री खुद कर रहे हैं निगरानी
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री स्वयं री-टेस्ट की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी हर जानकारी उन्हें दी जा रही है। इस बार सरकार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है, इसलिए बड़ी सावधानी से सारे कदम उठाए जा रहे हैं।
ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिंया पर भी उठ रहे सवाल
इस बीच CBSE की ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रक्रिया को लेकर भी विवाद सामने आया है। जानकारी के अनुसार, जिस कोएम्प्ट एजूटेक कंपनी को OSM का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया, वह पहले ग्लोबरेना नाम से विवादों में रही है। कंपनी पर तेलंगाना में 2019 और 2023 में बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े घोटालों के आरोप लगे थे। उन घटनाओं के बाद 23 युवाओं द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात भी सामने आई थी।
राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला
इधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस मसले को लेकर लगातार हमलावर हो रहे हैं। उन्होंने NEET की तैयारी कर रहे छात्र प्रदीप मेघवाल के परिवार से मुलाकात की। बता दें कि प्रदीप ने प्रश्न पत्र लीक होने के बाद आत्महत्या कर ली थी। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी-प्रधान की जोड़ी इसके लिए जवाबदेह है।
अब नीट पेपर लीक मामले में जांच तेज, अब तक 13 गिरफ्तार
पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सीबीआई अब तक 49 स्थानों पर तलाशी अभियान चला चुकी है। जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। बता दें कि नीट 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इसमें लगभग 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया और 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई।
सीबीएसई: शिक्षा मंत्री ने माना गड़बड़ी हुई, जिम्मेदारी लेता हूं
इधर CBSE की डिजिटल सेवाओं और मूल्यांकन प्रक्रिया में आई दिक्कतों को लेकर भी शिक्षा मंत्रालय सक्रिय हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाईलेवल बैठक की। राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह पहली बार था जब CBSE ने इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया। माना कि कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इन्हें ठीक किया जाएगा और समाधान निकाला जाएगा।
प्रधान बोले- गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी
प्रधान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्रों की समस्याओं का समय पर, पारदर्शी और छात्र हित में समाधान किया जाए। धर्मेंद प्रधान बोले- भविष्य में कोई गड़बड़ी न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा और गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पोर्टल और सर्वर व्यवस्था की होगी तकनीकी समीक्षा
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस साल लगभग 18 लाख छात्रों ने कक्षा 12वीं की परीक्षा दी। इसके तहत करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और लगभग 40 करोड़ स्कैन पेज प्रोसेस किए गए। अब तक करीब चार लाख छात्र पोर्टल के जरिए लगभग 11 लाख स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं देख चुके हैं। अब शिक्षा मंत्री ने IIT मद्रास के प्रोफेसरों और डिजिटल सिस्टम विशेषज्ञों की टीम को CBSE पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता, लॉगिन मैनेजमेंट और पेमेंट गेटवे सिस्टम की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, CBSE ने बैठक में दावा किया कि ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम सुरक्षित और मजबूत IT प्लेटफॉर्म पर आधारित है।

