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नर्स ने कहा- बेटा हुआ है, नसबंदी कराओ, कुछ देर बाद हेल्थ वर्कर ने कुछ ऐसा कहा कि हंगामा हो गया
वैशाली जिले के हाजीपुर सदर अस्पताल के लेबर वार्ड में नवजात बच्चे को बदलने और बेचने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर और हेल्थ वर्कर ने उन्हें बताया कि सिजेरियन से बेटा हुआ है, लेकिन कुछ देर बाद कपड़े में लिपटी बेटी थमा दी।
मिली जानकारी के मुताबिक, गोरौल थाना क्षेत्र के इस्लामपुर निवासी धीरज कुमार की पत्नी 25 वर्षीय गुंजन देवी को बुधवार सुबह डिलीवरी के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब डेढ़ घंटे बाद महिला को ऑपरेशन रूम में ले जाया गया। आधे घंटे बाद हेल्थ वर्कर ने परिजनों को बताया कि उसने बेटे को जन्म दिया है।
परिजनों का आरोप है कि हेल्थ वर्कर ने उनसे कहा कि बच्चे का जन्म सिजेरियन से हुआ है, इसलिए उसकी नसबंदी करा दी जाए। परिजन मान गए और महिला की नसबंदी करा दी गई। इस दौरान परिजनों को नवजात शिशु नहीं दिखाया गया।
करीब एक घंटे बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने नवजात शिशु को सौंप दिया। जब परिजनों ने बच्ची को देखा तो वह लड़की थी। यह देखकर परिजन हैरान रह गए। जब उन्होंने पूछताछ की तो स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि लड़की पैदा हुई है। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि नवजात शिशु की अदला-बदली कर उसे बेच दिया गया और फिर लड़की सौंप दी गई। करीब चार घंटे तक हंगामा चलता रहा, इस दौरान डॉक्टर और नर्स मौके से भाग गए।
घटना की सूचना नगर थाने को दी गई। सूचना मिलते ही नगर थाने के ASI उत्तम कुमार शर्मा सदर अस्पताल पहुंचे और परिजनों से बात कर मामले को शांत कराया। इस संबंध में पीड़ित की बहन कुमारी संजू सिंह ने नगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
याचिका में कहा गया है कि ऑपरेशन के बाद उसे बताया गया कि लड़का है, नसबंदी कर दी गई और रिश्वत भी मांगी गई। बाद में उसे कपड़े में लपेटकर लड़की थमा दी गई। पीड़ित के भाई संजय कुमार सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि नवजात को उन्हें नहीं दिखाया गया और बाद में उसे बदल दिया गया। उन्होंने डॉक्टर और हेल्थ वर्कर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

