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टेक्सटाइल इंडस्ट्री में बढ़ता कद: टी-20 वर्ल्ड कप में सूरत में तैयार 20 देशों के विशाल राष्ट्रीय ध्वज लहराएंगे, 150 किलो वजनी है झंडा
सूरत। टी-20 वर्ल्ड कप का शनिवार से आगाज हो गया। इस बार इसमें 20 देश भाग ले रहे हैं। भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से इसके आयोजनकर्ता हैं। हालांकि इस प्रतियोगिता के साथ सूरत का एक विशेष जुड़ाव भी सामने आया है। जब पूरी दुनिया मैदान में लग रहे चौके-छक्के का आनंद ले रहे होंगे, उस समय खिलाड़ियों के पीछे लहराते झंडे सूरत के लिए गर्व का पल अहसास करा रहे होंगे। दरअसल, मैदान में लहराते अगल-अलग देशों के राष्ट्रीय ध्वज सूरत में ही तैयार किये गए हैं। बता दें कि सूरत के टेक्सटाइल उद्योग ने 35 मीटर लंबा और 150 किलो वजनी ध्वज बनाया है, जिसे उठाने के लिए 54 लोगों की जरूरत पड़ेगी।
वर्ल्ड कप में भाग लेने वाले सभी 20 राष्ट्रों के लिए दुनिया के सबसे बड़े आकार के ध्वज सूरत की जानी-मानी कंपनी ‘प्रवीण ओवरसीज’ ने तैयार किया है। इस कंपनी के मालिक प्रवीण गुप्ता ने बताया कि उनकी कंपनी ने वर्ल्ड कप में भाग लेने वाले सभी 20 राष्ट्रों के लिए दुनिया के सबसे बड़े आकार के ध्वज बनाए हैं। यह केवल एक ऑर्डर नहीं है, बल्कि सूरत के लिए गर्व का क्षण है। पहले ऐसे बड़े ध्वज बनाने के लिए भारत को विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत सूरत ने यह महारत हासिल कर ली है।
150 किलो वजनी झंडा उठाने के लिए 54 लोगों की जरूरत होगी
सूरत में तैयार झंडे की लंबाई 35 मीटर है। इसका वजन करीब 150 किलो हैं। इसे मैदान में लाने या लहराने के लिए 54 लोगों की जरूरत होगी। ये ध्वज अपने विशाल आकार के कारण स्टेडियम में आकर्षण का केंद्र बनेंगे। इतने बड़े आकार के ध्वज का संतुलन और उसकी गुणवत्ता बनाए रखना टेक्सटाइल कला का उत्कृष्ट नमूना है।
50 कारीगरों की दिन-रात की मेहनत के बाद तैयार हुआ विशाल ध्वज
बता दें कि पिछले दो महीनों से करीब 50 कुशल कारीगर रात-दिन मेहनत कर रहे थे। कपड़े की प्रोसेसिंग से लेकर डिजिटल प्रिंटिंग और उसके बाद मजबूत स्टिचिंग तक की प्रक्रिया बहुत ही सटीकता के साथ की गई है। राष्ट्रीय ध्वज किसी भी देश का सम्मान होता है, इसलिए उसके रंगों और अशोक चक्र या अन्य प्रतीकों में जरा भी कमी न रह जाए, इसके लिए विशेष सावधानी बरती गई।
सूरत के टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगा बूस्ट
यह टी-20 वर्ल्ड कप दुनिया के लिए भले सिर्फ एक खेल हो लेकिन सूरत के व्यापारियों के लिए वरदान जैसा है। एक अनुमान के मुताबिक, इस वर्ल्ड कप के कारण सूरत के टेक्सटाइल मार्केट को 100 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार मिलेगा। सिर्फ राष्ट्रीय ध्वज ही नहीं, बल्कि टी-शर्ट, स्पोर्ट्सवियर, कैप और अन्य एक्सेसरीज के लिए भी सूरत को बड़े पैमाने पर ऑर्डर मिले हैं। स्पोर्ट्स टेक्सटाइल क्षेत्र में सूरत की यह बड़ी छलांग मानी जा सकती है, जो आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।

