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अडानी ग्रुप के खिलाफ ट्वीट करने पर पत्रकार को एक साल की जेल, कोर्ट ने कहा- ‘जो लिखा है उसे साबित करो…
पत्रकार रवि नायर को अडानी ग्रुप से जुड़े मानहानि के एक केस में दोषी ठहराया गया है। 10 फरवरी को गुजरात के गांधीनगर जिले की मनसानी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने नायर को एक साल की साधारण कैद और 5,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्रकार रवि नायर ने अपने X अकाउंट पर फैज अहमद फैज के गाने ‘हम देखेंगे’ की लाइनें लिखी हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला सितंबर 2021 में अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEML) द्वारा फाइल की गई एक क्रिमिनल कंप्लेंट से जुड़ा है। कंपनी ने आरोप लगाया था कि अक्टूबर 2020 और जुलाई 2021 के बीच नायर ने अपने X अकाउंट और वेबसाइट ‘adaniwatch.org’ पर कई ट्वीट और खबरें पोस्ट की थीं। इसमें अडानी ग्रुप पर भ्रष्टाचार, क्रोनी कैपिटलिज्म, पर्यावरण कानूनों में बदलाव, सरकारी एजेंसियों के गलत इस्तेमाल और गलत बिजनेस प्रैक्टिस का आरोप लगाया गया था।
कंपनी का कहना है, ‘ये आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं और इनसे इन्वेस्टर्स, रेगुलेटर्स और आम जनता के बीच उसकी रेप्युटेशन को नुकसान पहुंचा है।’ कंपनी ने तर्क दिया कि अडानी ग्रुप एक कड़े रेगुलेटेड सेक्टर में काम करता है, और ऐसे आरोप सीधे तौर पर उसकी क्रेडिबिलिटी और रेप्युटेशन पर असर डालते हैं। इसलिए, रवि नायर ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा, ‘उनकी पोस्ट पब्लिक इंटरेस्ट के मुद्दों पर आधारित जर्नलिज़्म और कमेंट्री थी।’ उन्होंने तर्क दिया कि ट्वीट्स पब्लिकली उपलब्ध जानकारी पर आधारित थे और फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन के अधिकार के तहत आते हैं। उन्होंने इसे डिफेमेशन के बजाय बिना किसी भेदभाव के क्रिटिसिज़्म बताया।
हालांकि, कोर्ट ने नायर की दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ट्वीट्स और न्यूज़ रिपोर्ट्स सिर्फ विचारों या पॉलिसीज़ की क्रिटिसिज़्म नहीं थीं, बल्कि अडानी ग्रुप के खिलाफ सीधे और गंभीर आरोप थे, जो काफी हद तक साबित नहीं हुए। कोर्ट के मुताबिक, फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन का मतलब बिना पक्के सबूत के आरोप लगाना नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि नायर यह साबित नहीं कर सके कि उनका बयान सच था, अच्छी नीयत से दिया गया था या कानून के तहत सुरक्षित था।

