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लड़की, माता-पिता और भाई... पूरा परिवार एक ही काम करता था, बड़ी उम्र के कुंवारों को खोजता और खेल कर देता
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में शादी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले अंतर-जिला गिरोह का बरदह पुलिस ने पर्दाफाश किया है। यह गिरोह ऐसे युवकों को निशाना बनाता था जिनकी शादी नहीं हो रही थी। पहले लड़की की फोटो दिखाकर रिश्ता फाइनल किया जाता था और फिर मंदिर में शादी की रस्में पूरी की जाती थीं। इसके बाद दुल्हन अपने कथित परिवार के सदस्यों के साथ नकदी और गहने लेकर भाग जाती थी।
पुलिस ने इस मामले में 5 पुरुष और 2 महिलाओं समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से नकद रु. 19,650, सोने-चांदी के गहने, शादी का सामान और अपराध में इस्तेमाल की गई दो बाइक बरामद हुई हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद नाक की नथ वही है जो शादी के दौरान दुल्हन को दी गई थी।
मामला बरदह थाना क्षेत्र का है। बिलग्राम, हरदोई के रहने वाले रामबिलास ने पुलिस में शिकायत की थी कि, अपने बेटे राजकुमार की शादी कराने के लिए लड़की की फोटो व्हाट्सऐप पर भेजी गई थी। इसके बाद उसे बंधवा महादेव मंदिर में बुलाया गया, जहां राजकुमार की दुल्हन के साथ शादी कराई गई थी। शादी के दौरान दुल्हन को नाक की नथ और 80 हजार रुपये नकद दिए गए थे।
शादी के बाद राजकुमार दुल्हन के साथ घर लौट रहा था। इस दौरान बंधवा मोड़ के पास लड़की के कथित पिता, भाई और एक अन्य व्यक्ति ने उसे कार से नीचे उतार दिया। इसके बाद सभी दुल्हन और शादी में मिले पैसे लेकर भाग गए। पीड़ित के परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
जांच आगे बढ़ने पर इस घटना के पीछे एक संगठित गिरोह मिला। SP सिटी मधुबन कुमार सिंह के अनुसार, गिरोह ऐसे अविवाहित युवकों को खोजता था जिनकी शादी नहीं हो रही थी। इसके बाद उनके परिवार से बिचौलिए के माध्यम से संपर्क किया जाता था और शादी का प्रस्ताव रखा जाता था।
इस गिरोह की सबसे खास बात यह थी कि शादी के दौरान इसके सदस्य लड़की की तरफ के अलग-अलग रिश्तेदारों की भूमिका निभाते थे। कोई उसका पिता, कोई उसका भाई या कोई अन्य रिश्तेदार बनता था। इस तरह, लड़के और उसके परिवार का विश्वास जीतने के बाद, शादी की रस्में पूरी की जाती थीं।
SP सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि यह एक संगठित गिरोह है, जो बिचौलियों के माध्यम से अविवाहित लड़कों को शादी का ऑफर देता था। शादी की सभी रस्में पूरी होने के बाद लड़की और उसके परिवार के सदस्य लड़के को छोड़कर भाग जाते थे।
पुलिस के अनुसार इस गिरोह में 2 महिलाएं भी शामिल थीं। इनमें से एक महिला दुल्हन की भूमिका निभाती थी, जबकि दूसरी महिला उसकी मां बनकर लड़के का विश्वास हासिल करती थी। जबकि अन्य आरोपी लड़की के पिता, भाई और रिश्तेदारों के रूप में शादी में शामिल होते थे।
11 सितंबर को, पुलिस ने कोदहरा चार रास्ता के पास घेराबंदी कर 5 पुरुषों और 2 महिलाओं को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से रु. 19,650 नकद, पायल की जोड़ी, मंगलसूत्र, कान की बालियां और नाक की नथ बरामद हुई थी।
पुलिस ने आरोपियों के पास से सिंदूर का एक डिब्बा, दो साड़ियां, पैंट-शर्ट का कपड़ा और घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद नाक की नथ वही है जो शादी के दौरान राजकुमार ने दुल्हन को दी थी।
SP सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि, शादी में दिए गए पैसों में से 19,650 रुपये बरामद किए गए हैं। इसके अलावा नाक की नथ, पायल, मंगलसूत्र, शादी में इस्तेमाल किया गया सिंदूर और अन्य सामान भी पुलिस ने जब्त किया है। जांच के दौरान गिरोह के कुछ सदस्यों का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
बरदह पुलिस ने इस मामले में संगठित अपराध से संबंधित धाराएं भी बढ़ाई हैं। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड की कार्रवाई की गई है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि, इसी तरह कितने लोगों को इस गिरोह के सदस्यों ने अपना शिकार बनाया है।

