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बिहार में पकड़ा गया फर्जी आईएएस जिसके पास मिली महंगी टेस्ला कार, हुई गिरफ़्तारी
8 अगस्त को जब बिहार की खगड़िया पुलिस ने मनीष कुमार गुप्ता को गिरफ़्तार किया तो पुलिस उसे अपनी गाड़ी से थाने नहीं ले जा सकी, पुलिस मनीष को उसकी महंगी टेस्ला गाड़ी में फ्रंट सीट पर बैठाकर ही थाने ले गई. इसका मुख्य कारण ये टेस्ला एफ़एसडी (फुल सेल्फ़ ड्राइविंग) थी
मौके पर उपस्थित स्थानीय पत्रकार रणवीर कुमार ने कहा, मनीष ने पुलिस को बताया कि जब तक वह कार की आगे वाली सीट पर नहीं बैठेंगे, तब तक गाड़ी नहीं चलेगी। इसके बाद मनीष कुमार गुप्ता और उनका ड्राइवर आगे बैठे, जबकि दरोगा पीछे की सीट पर बैठा। अब यह गाड़ी थाने में खड़ी है, जिसे देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं।

सालाना बाढ़ की चपेट में रहने वाले खगड़िया जिले में पुलिस ने 8 अगस्त की देर शाम मनीष गुप्ता को खुद को IAS अधिकारी बताने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पिछले 10 साल से खगड़िया के गोगरी थाने से महज एक किलोमीटर दूर रहने वाला मनीष गुप्ता इलाके में खुद को IAS अधिकारी बताकर रौब जमाता था।
वह खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का अंडरकवर एजेंट और केंद्रीय सतर्कता आयोग का अधिकारी बताता था। हालांकि, खगड़िया SP भानु प्रताप सिंह की शुरुआती जांच में मनीष गुप्ता के ये सभी दावे प्रथम दृष्टया फर्जी पाए गए
कौन है मनीष गुप्ता?
बिहार के खगड़िया जिले के गोगरी बाजार में एक 5 मंजिला आलीशान बंगला है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गोगरी के मुख्य बाजार में इससे ज्यादा आलीशान घर शायद ही कोई दूसरा हो, इसी घर में 49 वर्षीय मनीष कुमार अकेले रहते थे। 8 अगस्त की दोपहर करीब 2 बजे गोगरी थाने की पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस उनके घर पहुंची।
गोगरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार की ओर से दर्ज FIR के मुताबिक, घर के बाहर एक व्यक्ति चश्मा लगाए और हाफ पैंट पहने टहल रहा था। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम मनीष कुमार गुप्ता बताया और खुद को IAS अधिकारी बताया। FIR में कहा गया है कि मनीष ने मोबाइल पर एक पहचान पत्र दिखाया, जिस पर केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) का नाम और पहचान संख्या 0577102 के साथ ‘चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर’ लिखा था।
पूछताछ के दौरान मनीष ने खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का अंडरकवर एजेंट भी बताया। पुलिस के मुताबिक, इसकी जांच में उनका यह दावा प्रथम दृष्टया फर्जी पाया गया। पुलिस को मनीष के घर के बाहर एक काले रंग की टेस्ला कार और सफेद रंग की सफारी कार खड़ी मिली। सफारी पर ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ का बोर्ड लगा हुआ था।
FIR के अनुसार, दोनों गाड़ियों के बारे में पूछने पर मनीष ने उन्हें अपना बताया। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने मनीष गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया और उनके घर की तलाशी ली।

