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दिल्ली कोर्ट का बड़ा फैसला: यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को FIR की कॉपी देने का आदेश
राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब अपनी FIR (प्रथम सूचना रिपोर्ट) की कॉपी पाने के हकदार हैं। चिब को दिल्ली में आयोजित 'AI समिट' के दौरान एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के मामले में आरोपी बनाया गया है।
पटियाला हाउस कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) रवि ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वे चिब को FIR की प्रति उपलब्ध कराएं। 'बार एंड बेंच' की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने यह कहते हुए इसका विरोध किया था कि FIR "संवेदनशील प्रकृति" की है और इसे साझा नहीं किया जा सकता।
अदालत ने पुलिस की दलीलें खारिज कीं

अदालत पुलिस के दावों से सहमत नहीं हुई। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि यह मामला 'संवेदनशील' श्रेणी में नहीं आता और जांच अधिकारी (IO) का दावा तर्कहीन है। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा:

• संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन: FIR की कॉपी देने से इनकार करना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 230 के वैधानिक आदेश और संविधान के अनुच्छेद 21 (निष्पक्ष प्रक्रिया) व अनुच्छेद 22 (गिरफ्तारी के कारणों की तत्काल जानकारी) के तहत सुरक्षा उपायों का उल्लंघन है।
• बचाव का अधिकार: बुनियादी दस्तावेज (FIR) के बिना आरोपी जमानत या अपने बचाव की तैयारी नहीं कर सकता, जिससे उसे अपूरणीय क्षति होगी।
• जांच में कोई खतरा नहीं: कोर्ट ने यह भी नोट किया कि मामला क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर होने के बाद FIR देने से जांच में किसी तरह का जोखिम नहीं है।न्यायाधीश रवि ने आगे जोड़ा कि अपराधों की प्रकृति की जांच करना अदालत का काम है, पुलिस का नहीं।
उदय भानु चिब फिलहाल चार दिनों की पुलिस हिरासत में हैं। वे इस मामले में गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से एक हैं।

