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वडोदरा के बाद अब सूरत में मगरमच्छों का आतंक, दो इलाकों में दिखे, मछुआरों की नाव पर चढ़े
स्थानीय लोगों ने पुष्टि की है कि सूरत के फूलपाड़ा और अमरोली क्षेत्र से होकर बहने वाली तापी नदी में 4-5 विशालकाय मगरमच्छ मौजूद हैं। नदी के पानी और किनारों के आसपास घूमते इन मगरमच्छों के कारण पूरे इलाके में भारी दहशत फैल गई है। नदी में अचानक इतनी बड़ी संख्या में मगरमच्छ दिखाई देने से नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
मछली पकड़ने गए मछुआरों की छोटी नाव पर एक मगरमच्छ का बच्चा चढ़ गया था। मनोजभाई उर्फ राजाभाई ने बताया कि, रोज की तरह दो लोगों के बैठने लायक छोटी नाव लेकर मछुआरे मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान अचानक नदी के पानी से लगभग दो से ढाई फुट लंबा एक मगरमच्छ नाव पर चढ़ आया। नाव पर अचानक मगरमच्छ को देखकर उसमें सवार मछुआरों की सांसें थम गईं। हालांकि, मछुआरों ने सूझबूझ से काम लेते हुए मगरमच्छ को वहां से भगा दिया, जिसके बाद वह वापस पानी में चला गया।
नदी में मगरमच्छों की इस खुली आवाजाही और दहशत के लाइव दृश्य भी कैमरे में कैद किए गए हैं। राजाभाई के अनुसार, उनके एक व्यक्ति ने नदी किनारे से लगभग 25-30 फुट की सुरक्षित दूरी पर खड़े होकर इस मगरमच्छ का लाइव वीडियो बनाया था। वीडियो में मगरमच्छ नदी के पानी और किनारे के आसपास घूमता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। यह वीडियो फिलहाल सोशल मीडिया और स्थानीय समूहों में तेजी से वायरल हो रहा है, जो तापी नदी में मगरमच्छों की मौजूदगी का सबूत है। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग और प्रशासन के सक्रिय होने की मांग उठी है।
पूरी घटना के बारे में बात करते हुए मछुआरे राजाभाई ने चिंता जताई कि उनके लोग और अन्य स्थानीय निवासी लगातार नदी के आसपास रहते हैं और उनका जीवन पूरी तरह नदी पर निर्भर है। अब तक उनके लोगों ने अलग-अलग समय पर कम से कम 4-5 मगरमच्छ अपनी आंखों से देखे हैं। कभी किनारे के पास तो कभी नदी के बीचोंबीच ये मगरमच्छ दिखाई देते हैं, जिससे मछुआरों के लिए आजीविका कमाना भी जोखिम भरा हो गया है। उन्हें डर है कि कभी भी कोई बड़ा मगरमच्छ नाव पलट सकता है या किसी व्यक्ति पर हमला कर सकता है।
स्थानीय मछुआरे और नदी किनारे रहने वाले मनोजभाई अंबाराम पटेल (जो इलाके में 'राजाभाई' के नाम से लोकप्रिय हैं) के अनुसार, तापी नदी के इस हिस्से में फिलहाल मगरमच्छों ने अपना डेरा जमा लिया है। उन्होंने बताया कि नदी में दिखाई देने वाले मगरमच्छों में से एक मगरमच्छ कम से कम 10-12 फुट लंबा और बेहद विशाल है। इसके अलावा अन्य दो मगरमच्छ लगभग 7 से 8 फुट लंबे हैं। एक साथ इतने बड़े जलीय जीवों का नदी में खुलेआम घूमना नदी किनारे के सामान्य जीवन पर बुरा असर डाल रहा है और लोग पानी के पास जाने से भी डर रहे हैं।
फिलहाल मछुआरों ने मगरमच्छ को भगा दिया है, लेकिन नदी में रहने वाले ये 4 से 5 मगरमच्छ कभी भी किनारे के रिहायशी इलाकों की ओर आ सकते हैं। मनोजभाई के घर के ठीक नीचे नदी का किनारा है, जहां दो से ढाई फुट का मगरमच्छ पहुंच गया था। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय निवासी प्रशासन और वन विभाग से इन मगरमच्छों का जल्द से जल्द रेस्क्यू करने की मांग कर रहे हैं।

