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तांत्रिक ने कैंसर मरीज को दवा बंद कर केवल 'मन्नत' रखने को कहा, गिरफ्तार हुआ
क्या कोई भूवा, तांत्रिक या चमत्कारी बाबा कैंसर ठीक कर सकता है? इसका सीधा और स्पष्ट जवाब है—नहीं। लेकिन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को चमत्कार से ठीक करने का दावा करने वाले कई ढोंगी आज भी सक्रिय हैं। पुलिस को जानकारी मिलने पर कार्रवाई होती है, लेकिन जब तक लोग जागरूक नहीं होंगे, तब तक ऐसे मामले सामने आते रहेंगे।
ऐसा ही एक मामला गुजरात के बनासकांठा जिले के धानेरा तालुका के हड़ता गांव से सामने आया है। यहां नरेश नामक एक तथाकथित भूवा को कैंसर ठीक करने का दावा करने के आरोप में विज्ञान जथा की शिकायत के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसे पूछताछ के लिए धानेरा पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

सबसे गंभीर बात यह थी कि उसने तीसरे चरण (स्टेज-3) के कैंसर से पीड़ित मरीज को अस्पताल का इलाज बंद करने और केवल "मन्नत" रखने से कैंसर ठीक होने का दावा किया। मरीज का परिवार बीमारी को लेकर चिंतित था और इसी मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर भूवा ने उन्हें अपने जाल में फंसाने की कोशिश की।
यह सर्वविदित है कि यदि कैंसर का समय रहते पता चल जाए तो उसका प्रभावी उपचार संभव है। लेकिन यदि बीमारी उन्नत अवस्था में पहुंच जाए तो इलाज लंबा, कठिन और महंगा हो सकता है। उपचार का परिणाम मरीज की उम्र, कैंसर के प्रकार और उसकी शारीरिक, मानसिक तथा आर्थिक स्थिति पर भी निर्भर करता है। कई बार लंबे इलाज से निराश होकर लोग चमत्कार की उम्मीद में ऐसे ढोंगियों के पास चले जाते हैं। लेकिन आज तक किसी भी वैज्ञानिक अध्ययन ने यह साबित नहीं किया कि मंत्र, तंत्र, बाधा या चमत्कार से कैंसर ठीक हो सकता है। इसके विपरीत, इलाज में देरी से मरीज की जान तक जा सकती है।
यदि केवल आस्था से कैंसर ठीक हो जाता, तो हमारे देश के महान संतों को भी चिकित्सा की आवश्यकता नहीं पड़ती। स्वामी विवेकानंद के गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस को गले का कैंसर था और उनका इलाज चिकित्सकों ने किया था। इसी प्रकार प्रसिद्ध संत रमण महर्षि को भी कैंसर हुआ था और उन्होंने भी आधुनिक चिकित्सा का सहारा लिया था। उन्होंने चमत्कार की प्रतीक्षा नहीं की।

भगवान में श्रद्धा रखना व्यक्तिगत आस्था का विषय है और इससे मानसिक शक्ति मिल सकती है। लेकिन भगवान के नाम पर लोगों को गुमराह करने वालों पर भरोसा करना खतरनाक है। जब हमारे महान संतों ने भी डॉक्टरों और चिकित्सा विज्ञान पर विश्वास किया, तो हमें भी बिना किसी झिझक के वैज्ञानिक उपचार पर भरोसा करना चाहिए।
कैंसर का इलाज केवल योग्य ऑन्कोलॉजिस्ट और आधुनिक चिकित्सा पद्धति से ही संभव है। किसी भी परिस्थिति में डॉक्टर की सलाह के बिना उपचार बंद करना मरीज के जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
About The Author
Dr. Dinky Gajiwala, DNB (Medicine), DNB (Medical Oncology), is a dedicated Medical Oncologist and Consultant at Hope Cancer Clinic, Surat. She specializes in comprehensive cancer treatment and is passionate about empowering patients through education and awareness. With a strong presence on social media, Dr. Gajiwala actively spreads reliable information on breast cancer, chemotherapy, immunotherapy, and other critical aspects of oncology, making cancer care more accessible and understandable for all.

