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'सैमसन का कैच छोड़कर मैंने बहुत बड़ी गलती की...', हार के बाद इंग्लिश कप्तान हैरी ब्रूक का छलका दर्द
आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ हार के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक बेहद निराश नजर आए। इस महत्वपूर्ण मुकाबले में इंग्लैंड को 7 रनों से करीबी हार का सामना करना पड़ा, और ब्रूक के अनुसार संजू सैमसन का कैच छोड़ना मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
एक कैच जो इंग्लैंड को भारी पड़ा
जब संजू सैमसन मात्र 15 रन पर खेल रहे थे, तब हैरी ब्रूक के हाथों उनका एक आसान कैच छूट गया। यह कैच ऐसा था जिसे ब्रूक आमतौर पर 100 में से 99 बार पकड़ लेते, लेकिन गलत अनुमान के कारण गेंद उनके दाहिने हाथ से छिटक कर जमीन पर गिर गई।
अपनी गलती स्वीकार करते हुए हैरी ब्रूक ने कहा "मैं यह स्वीकार करता हूं कि संजू सैमसन का कैच छोड़कर मैंने बहुत बड़ी गलती की। 'कैच मैच जिताते हैं', और दुर्भाग्य से यह मेरे हाथ में नहीं रहा। मैं बार-बार स्कोरबोर्ड देख रहा था और वह रन बना रहा था। मेरे दिमाग में लगातार यह चल रहा था कि अब मुझे भी उतने ही रन बनाने होंगे।"
जीवनदान मिलने के बाद सैमसन ने आक्रामक रुख अपनाया और अगली 35 गेंदों में 74 रन और जोड़कर भारत को एक विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया। बल्लेबाजी में भी ब्रूक फ्लॉप रहे और केवल 7 रन ही बना सके।
भारत की शानदार फील्डिंग और सूर्या की तारीफ
जहां एक ओर इंग्लैंड ने फील्डिंग में चूक की, वहीं भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर जबरदस्त मुस्तैदी दिखाई। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने फील्डिंग कोच टी. दिलीप की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ी बहुत अच्छी तरह प्रतिक्रिया दे रहे हैं और टीम के लिए अतिरिक्त मेहनत कर रहे हैं।
ब्रैंडन मैक्कुलम ने की अंपायरिंग और फील्डिंग पर चर्चा
इंग्लैंड के हेड कोच ब्रैंडन मैक्कुलम ने स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए कहा कि वानखेड़े जैसे शोर शराबे वाले मैदान पर फील्डिंग करना आसान नहीं होता। उन्होंने मैच के मुख्य बिंदुओं पर बात की:
• अक्षर पटेल के लपके गए कैचों ने मैच में बड़ा अंतर पैदा किया।
• जोफ्रा आर्चर की गेंदें वानखेड़े के अतिरिक्त उछाल के कारण शॉर्ट हो रही थीं, जिसका फायदा सैमसन जैसे ताकतवर खिलाड़ी ने बखूबी उठाया।
इंग्लैंड के लिए इस पूरे वर्ल्ड कप में फील्डिंग प्रभावशाली रही थी, लेकिन सेमीफाइनल जैसे बड़े मंच पर हुई यह गलती उनके लिए टूर्नामेंट से बाहर होने का कारण बन गई।

