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तमिलनाडु: क्या विजय के बढ़ते कदम देख दशकों की दुश्मनी भुलाकर एक होंगे कट्टर विरोधी DMK और AIADMK?
इस बार पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु समेत 5 राज्यों में हुए चुनावों के नतीजों ने सबको चौंका दिया। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने एकतरफा शानदार जीत हासिल की, जबकि तमिलनाडु में सभी विशेषज्ञों की भविष्यवाणियों को गलत साबित करते हुए अभिनेता विजय की पार्टी तमिलनाडु की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, हालांकि उसे भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। इसी बीच तमिलनाडु से बड़ी खबर सामने आ रही है।
नई सरकार के गठन को लेकर तमिलनाडु में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बीच, राज्य में DMK और AIADMK जैसे कट्टर विरोधी दलों के बीच संभावित गठबंधन को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। इससे पहले TVK प्रमुख विजय ने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। विजय ने राज्यपाल को 112 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा था। हालांकि, राज्यपाल ने 118 विधायकों के समर्थन पत्र की मांग की, जिसके बाद विजय ने अतिरिक्त समय मांगा था।
वहीं VCK ने DMK के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था। ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि TVK की सरकार बनाने के लिए VCK विजय के साथ जा सकती है। सत्ता में किसका समर्थन करना है, यह तय करने के लिए VCK की आज बैठक होने वाली थी, लेकिन अब DMK और AIADMK गठबंधन की अटकलों के बीच VCK ने बैठक रद्द कर दी है। इससे पहले TVK के निमंत्रण के बावजूद वामपंथी दलों और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने समर्थन देने से इनकार कर दिया था। AIADMK ने भी विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने से साफ इनकार कर दिया है। AIADMK ने कहा कि TVK को समर्थन देने से जुड़ी सभी खबरें गलत हैं।
अगर DMK और AIADMK के आंकड़ों पर नजर डालें तो DMK ने चुनाव में 59 सीटें जीती हैं, जबकि AIADMK ने 47 सीटों पर जीत हासिल की है। यदि दोनों पार्टियां गठबंधन करती हैं तो उनका आंकड़ा 106 तक पहुंच जाएगा, जो बहुमत के 118 के आंकड़े से 12 सीटें कम है। ऐसे में दोनों कट्टर विरोधी दलों को सरकार बनाने के लिए अन्य पार्टियों का समर्थन लेना पड़ेगा।
गौरतलब है कि तमिलनाडु चुनाव में TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई है। हालांकि, वह 118 विधायकों के बहुमत के आंकड़े को पार नहीं कर सकी। 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में TVK ने 108 सीटें हासिल कीं। विजय दो विधानसभा क्षेत्रों से जीते हैं, इसलिए यदि वह एक सीट छोड़ने का फैसला करते हैं तो पार्टी की संख्या घटकर 107 हो जाएगी।
पहले ऐसी खबरें थीं कि विजय 7 मई को पद की शपथ लेंगे। उन्हें कांग्रेस पार्टी का भी समर्थन प्राप्त है। हालांकि, सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 विधायकों की संख्या नहीं होने के कारण स्थिति फंसी हुई नजर आ रही है। ऐसे में शपथ ग्रहण समारोह टाला जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि AIADMK की स्थापना 1972 में हुई थी। इसकी शुरुआत उस समय हुई जब एम.जी. रामचंद्रन (MGR) को DMK ने निलंबित कर दिया था। इसके बाद MGR ने अपनी नई पार्टी बनाई, जिसे AIADMK नाम दिया गया। यह पार्टी आगे चलकर तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ी ताकत बनकर उभरी और DMK के साथ इसकी लंबी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही।

