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पश्चिम बंगाल: सीएम पद के दावेदार सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या करने वाला पकड़ा गया, पुलिस ने पूरी घटना बताई
घटना पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके का है। देर रात का समय था। सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ अपनी कार में यात्रा कर रहे थे। उनका ड्राइवर वाहन चला रहा था, जबकि वे बगल की सीट पर बैठे थे। रिपोर्टों के अनुसार, एक कार काफी समय से चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो का पीछा कर रही थी। अचानक, पीछे वाला वाहन आगे आ जाता है और उसकी रफ्तार धीमी हो जाती है। परिणामस्वरूप, चंद्रनाथ की कार भी धीमी हो जाती है; और बगल से बदमाश बाहर आए, चंद्रनाथ की छाती में एक के बाद एक गोलियां दागीं, और माहौल पूरी तरह हिंसक हो गया। कुल दस राउंड फायरिंग की गई। उनके शरीर से दो गोलियां निकाली गई हैं।
बंगाल पुलिस फिलहाल इस मामले के संबंध में तीन व्यक्तियों (स्थानीय ‘हिस्ट्रीशीटर’) से पूछताछ कर रही है। हालांकि, मुख्य हमलावर अभी भी फरार है। चंद्रनाथ की हत्या में कॉन्ट्रैक्ट किलर्स के शामिल होने की आशंका जताई गई है। पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम घोषित होने और भाजपा की जीत के बाद से हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की लगातार खबरें आ रही हैं। हालांकि, हिंसा की यह आग बुधवार रात और भड़क गई, जब उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
चंद्रनाथ कई वर्षों से सुवेंदु के साथ काम कर रहे थे। उन पर दोहरिया इलाके की एक सड़क पर हमला किया गया था। कई गोलियां लगने के बाद उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हत्या ने बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल मचा दी है और क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार, यह एक पूर्वनियोजित हत्या थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चंद्रनाथ की कार का दो वाहन पीछा कर रहे थे: एक फोर व्हीलर और एक मोटरसाइकिल। रिपोर्ट के अनुसार, पीछा कर रही एक कार ने चंद्रनाथ की कार को ओवरटेक किया, जिसके कारण उसे धीमा होना पड़ा। थोड़ी देर बाद, मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने बेहद करीब से गोलीबारी की। घटना के दौरान लगभग चार राउंड फायरिंग की गई, जिनमें से 3 गोलियां चंद्रनाथ के सीने, पेट और सिर में लगीं। भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने बताया कि चंद्रनाथ की छाती से पांच गोलियां निकाली गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि हमले में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल पर नंबर प्लेट नहीं थी, जिससे संदेह पैदा होता है कि हमला पूर्वनियोजित था। घटनाक्रम बताते हुए एक सूत्र ने कहा, ‘किसी ने उनकी कार का पीछा किया और जब वाहन धीमा हुआ, तब उन्होंने गोलीबारी कर दी।’
गोलीबारी में कार का ड्राइवर भी घायल हुआ था और फिलहाल कोलकाता के SSKM अस्पताल में इलाज के तहत है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल से मिले गोलियों के खोखे संकेत देते हैं कि हमले में एक छोटे हथियार, संभवतः ऑस्ट्रियाई निर्मित ‘ग्लॉक पिस्तौल’ का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, जांचकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि फॉरेंसिक जांच के बाद ही सटीक हथियार की पुष्टि हो सकेगी। सूत्रों ने कहा, ‘फॉरेंसिक विश्लेषण से हमले में इस्तेमाल किए गए सटीक प्रकार के हथियार का खुलासा होगा।’
घटनास्थल से मिले दृश्यों में कार की खिड़कियों पर गोलियों के निशान दिखाई दिए, जो हमले की भयावहता दर्शाते हैं। जांचकर्ताओं ने मौके से इस्तेमाल किए गए कारतूस और जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्धार्थ नाथ गुप्ता ने बताया कि मामले से जुड़ा एक वाहन रोका गया है। कार की नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की गई थी। हमने वाहन जब्त कर लिया है, उसके अंदर से इस्तेमाल किए गए कारतूस और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। फिलहाल कई CCTV फुटेज रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है।’
पुलिस टीमें संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाने के लिए जेसोर रोड और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही हैं। चल रही जांच के तहत स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है।
चंद्रनाथ रथ कौन थे?
चंद्रनाथ रथ को सुवेंदु अधिकारी का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था और वे कई वर्षों से उनके साथ करीबी रूप से जुड़े हुए थे। वे राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थे, जिनमें हाई-प्रोफाइल भवानीपुर चुनाव भी शामिल है। भाजपा की वरिष्ठ नेता केया घोष ने आरोप लगाया कि चंद्रनाथ को उनकी राजनीतिक भूमिका के कारण निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, ‘चंद्रनाथ ने सुवेंदु अधिकारी के लिए बहुत मेहनत की थी। यह कोई अचानक हुई घटना नहीं है। इस हत्या के पीछे राजनीतिक दुश्मनी हो सकती है।’
चंद्रनाथ की हत्या तेजी से राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है। भाजपा नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की संलिप्तता का आरोप लगाया है। भाजपा विधायक तरुणज्योति तिवारी ने टिप्पणी की, ‘हम शांति की वकालत कर रहे हैं, लेकिन TMC ने गंभीर गलती की है।’
हालांकि, TMC ने हत्या की कड़ी निंदा की है और आरोपों से इनकार किया है। एक बयान में पार्टी ने हाल की घटनाओं का उल्लेख किया, जिनमें उसके अपने कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया था, और कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। तृणमूल कांग्रेस ने कहा, ‘लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्याओं के लिए कोई जगह नहीं है। अपराधियों की पहचान होनी चाहिए और उन्हें सजा मिलनी चाहिए।’
बशीरहाट में एक अलग घटना में रोहित रॉय उर्फ चिंटू नामक एक युवक झड़प में घायल हो गया था। कहा जा रहा है कि यह झड़प पार्टी का झंडा फहराने के विवाद के कारण हुई थी। गोलीबारी की इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। इस घटना ने राज्य के कुछ हिस्सों में पहले से ही बने तनावपूर्ण माहौल को और अधिक गर्मा दिया है।

