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‘…तो मैं जूते-चप्पल पहनना छोड़ दूंगा’ मंच पर भाजपा विधायक की शपथ से CM भी पड़ गए असहज
मध्य प्रदेश में विकास और सड़क अवसंरचना में सुधार के दावों के बीच सत्तारूढ़ भाजपा नेता से जुड़ी एक अनोखी घटना ने व्यापक चर्चा छेड़ दी है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कालापीपल विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने अपने क्षेत्र की जर्जर और खराब सड़कों का मुद्दा बेहद भावुक और आक्रामक अंदाज में उठाया। मंच से ही विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र की सड़कों का कायाकल्प होने तक नंगे पैर रहने की प्रतिज्ञा कर ली।
कार्यक्रम में जनता को संबोधित करते हुए विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने कहा कि जब तक मेरे विधानसभा क्षेत्र की सड़कें पूरी तरह नहीं बन जातीं, तब तक मैं जूते या चप्पल पहनने का पूरी तरह त्याग करता हूं। चाहे इसमें दस साल ही क्यों न लग जाएं, लेकिन जब तक सड़कें नहीं बनेंगी, तब तक मैं जूते-चप्पल नहीं पहनूंगा।
विधायक का यह तीखा और भावुक बयान सुनकर मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री मोहन यादव और अन्य वरिष्ठ नेता असहज दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मुख्यमंत्री ने तुरंत अपने पास बैठे कैबिनेट मंत्री इंदर सिंह परमार की ओर इशारा किया। मुख्यमंत्री का इशारा मिलते ही मंत्री परमार मंच पर विधायक चंद्रवंशी के पास गए, उनकी पीठ थपथपाकर उन्हें शांत कराया और जनहित के अन्य मुद्दों पर चर्चा आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
विधायक चंद्रवंशी द्वारा जूते-चप्पल छोड़ने की बड़ी घोषणा के कुछ ही समय बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वयं माइक संभाला और शांत तथा मुस्कुराते हुए अंदाज में विधायक को कुछ सलाह दी। मुख्यमंत्री ने मंच से टिप्पणी करते हुए कहा, हमारे प्रिय विधायक ने भावनाओं में आकर यह बयान दिया है। लेकिन हमारे राज्य में 5,00,000 किलोमीटर से अधिक मजबूत सड़कें बन चुकी हैं, और विकास की बात आए तो हम इतने कमजोर नहीं हैं। हमारे जूते-चप्पल ही हमें विकास की दौड़ में आगे बढ़ने में मदद करते हैं। कांटों और बाधाओं के बीच भी दुनिया की कोई ताकत हमारा रास्ता नहीं रोक सकती।
विधायक को सीधे संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार पूरे जोश के साथ विकास कार्य कर रही है; इसलिए अच्छे काम और सही कार्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित करने के लिए जूते-चप्पल उतारने जैसी शपथ लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को सावधान करते हुए सार्वजनिक मंच से अपनी बात रखते समय शिष्टाचार बनाए रखने और अपनी भाषा का ध्यान रखने के महत्व पर जोर दिया।
इस अवसर का लाभ उठाते हुए मुख्यमंत्री ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जूते-चप्पल छोड़कर घर बैठना कांग्रेस का काम है, क्योंकि वह पिछले 20 वर्षों से राज्य की सत्ता से बाहर है। एक बार जनता ने उन्हें मौका दिया था, तब भी आंतरिक कलह के कारण उन्होंने मात्र पंद्रह महीनों में ही अपनी सरकार गंवा दी।
मुख्यमंत्री ने टिप्पणी की कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में देश विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है, और कालापीपल सहित पूरे राज्य में सड़क नेटवर्क तेजी से सुधर रहा है। फिलहाल, विधायक की शपथ और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया का वीडियो पूरे मध्य प्रदेश में सोशल मीडिया पर शीर्ष ट्रेंडिंग विषय बन गया है।

