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WHO का बड़ा बयान: 30 से 50 प्रतिशत कैंसर के मामलों को रोका जा सकता है
हर साल दुनिया में करोड़ों लोग कैंसर का शिकार हो जाते हैं। लेकिन एक अच्छी खबर भी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के अनुसार, लाइफस्टाइल (जीवनशैली) में उचित बदलाव, वैक्सीन और समय पर स्क्रीनिंग के जरिए 30 से 50 फीसदी कैंसर के मामलों को जरूर रोका जा सकता है।
इसका मतलब यह है कि कैंसर हमेशा किस्मत का खेल नहीं है। हम कितने सतर्क हैं, यह बात हमारे कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकती है।
भारत में कैंसर की स्थिति कितनी गंभीर है?
International Agency for Research on Cancer के GLOBOCAN 2022 के आंकड़ों के अनुसार:
वर्ष 2022 में भारत में कैंसर के 14.61 लाख नए मामले दर्ज किए गए।
कैंसर के कारण 8.08 लाख लोगों की मौत हुई।
हर 9 में से 1 भारतीय को अपने जीवनकाल में कभी न कभी कैंसर होने का खतरा है।
वर्ष 2025 तक भारत में हर साल 15.7 लाख से अधिक नए मामले दर्ज होने का अनुमान लगाया गया था।
ये आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि कैंसर के खिलाफ सबसे असरदार दवा सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि बचाव (रोकथाम) है।

WHO के अनुसार कैंसर से बचने के 7 असरदार उपाय
1. तंबाकू का पूरी तरह से त्याग
तंबाकू दुनिया में कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। भारत में मुंह, गले और फेफड़ों के अधिकांश कैंसर के लिए गुटखा, मावा, सुपारी, बीड़ी और सिगरेट जिम्मेदार हैं।
2. शराब के सेवन से बचें
शराब का नियमित सेवन मुंह, गले, लिवर, स्तन और आंतों के कैंसर का खतरा बढ़ाता है।
3. स्वस्थ वजन और नियमित व्यायाम
रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करना और मोटापे से बचना कई तरह के कैंसर के खतरे को कम करता है।
4. संतुलित आहार
अपने भोजन में अधिक फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर युक्त आहार शामिल करें। प्रोसेस्ड मीट, ज्यादा चीनी और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें।
5. HPV और हेपेटाइटिस-B की वैक्सीन
एचपीवी (HPV) वैक्सीन गर्भाशय के कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) का खतरा कम करती है, जबकि हेपेटाइटिस-B वैक्सीन लिवर कैंसर से सुरक्षा देती है।
6. नियमित स्क्रीनिंग (जांच)
स्तन कैंसर के लिए मैमोग्राफी
सर्वाइकल कैंसर के लिए HPV/Pap टेस्ट
मुंह की जांच, खासकर तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों में
कैंसर की जल्द पहचान होने से इलाज के सफल होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
7. प्रदूषण और सूरज की हानिकारक किरणों से बचें
वायु प्रदूषण और अत्यधिक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें भी कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ाती हैं।

गुजरात में खासकर तंबाकू और सुपारी के बढ़ते इस्तेमाल के कारण मुंह और गले के कैंसर के मामले चिंताजनक रूप से देखे जा रहे हैं।
कैंसर के खिलाफ सबसे बड़ी लड़ाई अस्पताल में नहीं, बल्कि हमारे घर से शुरू होती है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, तंबाकू से दूर रहना, जरूरी वैक्सीन लगवाना और समय पर स्क्रीनिंग कराना—ये चार कदम लाखों लोगों को कैंसर से बचा सकते हैं।
About The Author
Dr. Dinky Gajiwala, DNB (Medicine), DNB (Medical Oncology), is a dedicated Medical Oncologist and Consultant at Hope Cancer Clinic, Surat. She specializes in comprehensive cancer treatment and is passionate about empowering patients through education and awareness. With a strong presence on social media, Dr. Gajiwala actively spreads reliable information on breast cancer, chemotherapy, immunotherapy, and other critical aspects of oncology, making cancer care more accessible and understandable for all.

