प्रशांत महासागर में 5 तूफान एक साथ, भारत के मॉनसून पर क्या होगा असर?

Hindi Khabarchhe Picture
On

पश्चिमी प्रशांत महासागर में इस समय एक साथ कई उष्णकटिबंधीय तूफानी सिस्टम सक्रिय हैं। इनमें टाइफून डॉल्फिन और चान-होम प्रमुख हैं। इन तूफानों की गतिविधियों ने मौसम वैज्ञानिकों का ध्यान खींचा है, क्योंकि प्रशांत महासागर में होने वाली ऐसी हलचल का असर हजारों किलोमीटर दूर भारत के मॉनसून सिस्टम पर भी पड़ सकता है।

चीन में लैंडफॉल कर चुका है डॉल्फिन

इनमें टाइफून डॉल्फिन सबसे ज्यादा शक्तिशाली रहा। यह चीन के झेजियांग प्रांत में लैंडफॉल कर चुका है। लैंडफॉल के समय इसकी हवाओं की रफ्तार करीब 151 किलोमीटर प्रति घंटा थी। इसके कारण पूर्वी चीन में भारी बारिश, बाढ़ और जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा। शंघाई में भी बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

लैंडफॉल के बाद डॉल्फिन कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन इसके अवशेष अभी भी बड़े क्षेत्र में नमी पहुंचा रहे हैं। मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के अनुसार इसका प्रभाव चीन के कई हिस्सों तक पहुंच सकता है।

Tufaan 2
guycarp.com

एक साथ कई सिस्टम क्यों चिंता बढ़ा रहे हैं?

पश्चिमी प्रशांत में सिर्फ डॉल्फिन ही सक्रिय नहीं है। चान-होम समेत कई अन्य उष्णकटिबंधीय सिस्टम भी इस क्षेत्र में मौजूद हैं। इनकी वजह से पूरे क्षेत्र में वायुमंडलीय गतिविधियां बढ़ गई हैं।

दरअसल, प्रशांत महासागर में बनने वाले टाइफून सिर्फ उसी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहते। इनके कारण हवा के दबाव, नमी और वायुमंडलीय परिसंचरण में बदलाव हो सकता है। यही बदलाव आगे चलकर दक्षिण एशिया के मौसम को भी प्रभावित कर सकते हैं।

भारत के मॉनसून से इसका क्या कनेक्शन है?

भारत का दक्षिण-पश्चिम मॉनसून एक बेहद जटिल मौसम प्रणाली है। इसे सिर्फ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की परिस्थितियां ही प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि हिंद महासागर के साथ-साथ प्रशांत महासागर में होने वाली गतिविधियां भी भूमिका निभाती हैं।

6325673227518154349
aajtak.in

जब पश्चिमी प्रशांत में शक्तिशाली टाइफून सक्रिय होते हैं, तो वे आसपास के वातावरण में हवा और नमी के प्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं। इससे मॉनसून की हवाओं के पैटर्न में बदलाव की संभावना पैदा होती है।

यही वजह है कि वैज्ञानिक यह देख रहे हैं कि डॉल्फिन और चान-होम जैसे सिस्टम आगे किस दिशा में जाते हैं और इनके कारण वायुमंडलीय परिसंचरण में किस तरह का बदलाव आता है।

क्या भारत में बारिश बढ़ेगी या घटेगी?

यह सबसे अहम सवाल है, लेकिन इसका जवाब सीधे तौर पर 'बारिश बढ़ेगी' या 'बारिश घटेगी' नहीं दिया जा सकता।

टाइफून की स्थिति, उसकी ताकत, उसकी दिशा और उसके कमजोर होने के बाद बनने वाला सिस्टम—इन सभी चीजों पर संभावित प्रभाव निर्भर करेगा। इसलिए पश्चिमी प्रशांत की मौजूदा गतिविधियों को भारत में भारी बारिश का सीधा संकेत मानना सही नहीं होगा।

हालांकि, कुछ परिस्थितियों में प्रशांत की गतिविधियां दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को मजबूत करने या उसके पैटर्न में बदलाव में योगदान दे सकती हैं। ऐतिहासिक रूप से भी पश्चिमी प्रशांत के कुछ टाइफून ने दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की गतिविधि को प्रभावित किया है।

Tufaan-3
news18.com

अभी सबसे ज्यादा नजर किस पर?

फिलहाल मौसम वैज्ञानिकों की नजर डॉल्फिन के अवशेषों, चान-होम और पश्चिमी प्रशांत के दूसरे सक्रिय सिस्टमों पर है। डॉल्फिन चीन में लैंडफॉल के बाद कमजोर हो रहा है, लेकिन इसकी बड़ी क्लाउड सिस्टम और नमी आगे भी मौसम को प्रभावित कर सकती है।

इसका मतलब यह नहीं है कि भारत में तुरंत कोई असामान्य मौसम आने वाला है। लेकिन प्रशांत में एक साथ इतनी गतिविधियां होने के कारण मॉनसून के आगे के व्यवहार को समझने के लिए इन सिस्टमों पर नजर रखना जरूरी हो गया है।

कुल मिलाकर, पश्चिमी प्रशांत में सक्रिय ये तूफान भारत से हजारों किलोमीटर दूर हैं, लेकिन मौसम की दुनिया में दूरी हमेशा असर को खत्म नहीं करती। प्रशांत महासागर की हलचल से हवा और नमी के वैश्विक पैटर्न प्रभावित हो सकते हैं और इसका असर भारत के मॉनसून तक पहुंच सकता है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि इन तूफानों का भारतीय मॉनसून पर वास्तविक प्रभाव कितना पड़ता है।

About The Author

More News

इस 17 वर्षीय भारतीय युवा को US की यूनिवर्सिटी ने 3.55 करोड़ की स्कॉलरशिप ऑफर की

Top News

इस 17 वर्षीय भारतीय युवा को US की यूनिवर्सिटी ने 3.55 करोड़ की स्कॉलरशिप ऑफर की

तमिलनाडु के इरोड में रहने वाले 17 वर्षीय छात्र प्रणव इलांगो ने कभी प्रतिष्ठित अमेरिकी संस्थानों में पढ़ाई करने का...
राष्ट्रीय  
इस 17 वर्षीय भारतीय युवा को US की यूनिवर्सिटी ने 3.55 करोड़ की स्कॉलरशिप ऑफर की

‘खुश न हों तो ऑफिस न आएं’, हर्ष गोयनका ने चीन की 'अनहैप्पी लीव' पॉलिसी पर चर्चा छेड़ दी

अगर आप नाखुश हैं तो बिना कारण बताए छुट्टी लेने का अधिकार मिलना चाहिए? चीन की रिटेल कंपनी पांग डोंग...
‘खुश न हों तो ऑफिस न आएं’, हर्ष गोयनका ने चीन की 'अनहैप्पी लीव' पॉलिसी पर चर्चा छेड़ दी

सूरत के सबसे बड़े अस्पताल में प्रताड़ना का मामला: जानिए रैगिंग को लेकर देश में कितने सख्त नियम और कानून हैं, सजा का क्या प्रावधान है?

सूरत। जिले के सबसे बड़े अस्पताल न्यू सिविल में अपने सीनियर्स की रैगिंग से परेशान होकर एक डॉक्टर ने सुसाइड...
राष्ट्रीय  
सूरत के सबसे बड़े अस्पताल में प्रताड़ना का मामला: जानिए रैगिंग को लेकर देश में कितने सख्त नियम और कानून हैं, सजा का क्या प्रावधान है?

भोले की भक्ति से बीमारी भी हारी! 80 साल के परशुराम ऑक्सीजन सिलिंडर के सहारे स्कूटी से निकले कांवड़ यात्रा पर

मुजफ्फरनगर। भक्ति के आगे उम्र और बीमारी भी छोटी पड़ जाती है। इसका अनूठा उदाहरण 80 वर्षीय शिवभक्त परशुराम शर्मा...
धर्म ज्योतिष 
भोले की भक्ति से बीमारी भी हारी! 80 साल के परशुराम ऑक्सीजन सिलिंडर के सहारे स्कूटी से निकले कांवड़ यात्रा पर

बिजनेस

Copyright (c) Khabarchhe All Rights Reserved.