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अल्मोड़ा के रवि ने बनाई 'उड़ने वाली कार', खुद चलाकर पूरी दुनिया को इसका सबूत दिया
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के युवा शोधकर्ता रवि टम्टा ने 'उड़ने वाली कार' विकसित की है। इस 'उड़ने वाली कार' का नाम 'HAPIDA SKYNEX' है। यह एक सिंगल-सीटर वाहन है, जो पूरी तरह बिजली से चलता है। रवि ने इस वाहन की परीक्षण उड़ान भी सफलतापूर्वक पूरी की, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। उन्होंने वर्षों के शोध और कड़ी मेहनत के बाद यह 'उड़ने वाली कार' विकसित की।
मीडिया सूत्रों की रिपोर्ट के अनुसार, रवि टम्टा ने हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम में 'HAPIDA SKYNEX' की परीक्षण उड़ान की थी। अल्मोड़ा जिला मजिस्ट्रेट (DM) अंशुल सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) चंद्रशेखर R. घोड़के भी मौजूद थे।
यह उड़ान प्रशासनिक निगरानी में और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था के साथ कराई गई थी। CM पुष्कर सिंह धामी ने भी रवि से उनकी उपलब्धि पर वीडियो कॉल के जरिए बात की थी। DM अंशुल सिंह ने भी रवि टम्टा की उपलब्धि को जिले के लिए गर्व की बात बताया।
CM पुष्कर सिंह धामी ने 'X' पर रवि टम्टा का वीडियो शेयर करके उन्हें बधाई दी। CM ने लिखा, 'आपकी उपलब्धि दर्शाती है कि, हमारे युवाओं में प्रतिभा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच की कोई कमी नहीं है। आपके प्रयास न केवल उत्तराखंड के युवाओं के लिए बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक हैं। हमें विश्वास है कि, आप भविष्य में अपने ऐसे नवाचारों के माध्यम से विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचते रहेंगे।'
रवि टम्टा अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम के पास स्थित कफलीखान गांव के निवासी हैं। उन्होंने 12वीं कक्षा तक राजकीय इंटर कॉलेज गुरुनाबाज में पढ़ाई की। इसके बाद, उन्होंने अल्मोड़ा की सोबन सिंह जीना यूनिवर्सिटी से स्नातक किया। अपनी पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने फ्लाइंग टेक्नोलॉजी और अन्य तकनीकी विषयों पर शोध जारी रखा।
रवि के अनुसार, उन्होंने इस काम के लिए किसी भी संस्थान से कोई विशेष डिग्री या प्रशिक्षण नहीं लिया है। उन्होंने इंटरनेट और किताबों के माध्यम से तकनीकी जानकारी जुटाई। उन्होंने लगभग 13 वर्षों तक शोध किया। इसके बाद, उन्होंने अपनी स्टार्टअप कंपनी, 'हापिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड' के माध्यम से 'हापिडा स्कायनेक्स' वाहन विकसित किया।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने यह उत्पाद चीन से खरीदा है या कहीं और से, तो उन्होंने जवाब दिया कि यह उनकी अपनी रचना है। जो लोग सोशल मीडिया पर दावा करते हैं कि उन्होंने इसे चीन से खरीदा है, उन्हें उनके घर आकर इसे देखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि, उनके पास हर दिन की तस्वीरें हैं, जिस जगह उन्होंने इसका निर्माण किया था। वह ऐसी बेतुकी टिप्पणियों पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। इसके बाद रवि ने एक मीडिया चैनल को फोन करके कहा कि उनके पास इस उत्पाद को बनाने के समय की ऐसी 50 से अधिक तस्वीरें हैं। उनके पास हर दिन की तस्वीरें हैं।

