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महाराष्ट्र में 124 गांवों को मिलाकर 'मुंबई 3.0' नाम का एक नया शहर बसाया जाएगा
महाराष्ट्र में एक नए शहर का निर्माण होने वाला है, जिसे मुंबई 3.0 कहा जा रहा है, इस शहर को मुंबई से बाहर एक नए आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, मुंबई 3.0 परियोजना के लिए 323 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में मास्टर प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी एक वैश्विक शहरी नियोजन कंपनी को सौंपी गई है।
प्रस्तावित विकास परियोजना को कर्नाला-साई-चिरनेर (KSC) न्यू टाउन के नाम से भी जाना जाता है। यह परियोजना महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में 323.44 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इसके दायरे में उरण, पनवेल और पेण तालुका के कुल 124 गांव शामिल होंगे।
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने इस महत्वाकांक्षी नए शहरी क्षेत्र के लिए विजन डॉक्यूमेंट, मास्टर प्लान और व्यापक प्लानिंग फ्रेमवर्क तैयार करने की जिम्मेदारी सिंगापुर स्थित सुरबाना ज्यूरोंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी है।

इस नियुक्ति के साथ मुंबई 3.0 की विस्तृत योजना बनाने के चरण की शुरुआत हो गई है। महाराष्ट्र सरकार इसे मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के नए विकास केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
124 गांव मिलकर बनाएंगे नया शहरी केंद्र
प्रस्तावित केएससी न्यू टाउन के तहत उरण, पनवेल और पेण तालुका के 124 गांवों को एक सुनियोजित शहरी विकास क्षेत्र में शामिल किया जाएगा।
सरकार की योजना इस इलाके को मुंबई और नवी मुंबई के बीच एक नए आर्थिक और शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने की है। यहां आधुनिक टाउनशिप के साथ-साथ वाणिज्यिक क्षेत्र, लॉजिस्टिक्स पार्क, रोजगार केंद्र और अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इस परियोजना के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, तकनीक, नवाचार और वाणिज्य से जुड़े संस्थानों और व्यवसायों के लिए भी जगह तैयार की जाएगी।

मुंबई पर बढ़ते दबाव को कम करने की योजना
मुंबई 3.0 को सिर्फ एक नई टाउनशिप के तौर पर विकसित नहीं किया जा रहा है। यह परियोजना मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के विस्तार और रोजगार व आर्थिक गतिविधियों के नए केंद्र विकसित करने की महाराष्ट्र सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
सरकार का लक्ष्य मुंबई और नवी मुंबई पर बढ़ते आबादी और बुनियादी ढांचे के दबाव को कम करना है। इसके लिए आधुनिक बुनियादी सुविधाओं और रोजगार के नए अवसरों से लैस एक नया शहरी केंद्र विकसित किया जाएगा।
अटल सेतु और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी प्रमुख कनेक्टिविटी सुविधाओं के साथ, मुंबई और एयरपोर्ट के बीच का इलाका आने वाले वर्षों में एक महत्वपूर्ण विकास क्षेत्र बन सकता है।
महाराष्ट्र सरकार पहले ही मुंबई 3.0 को अंतरराष्ट्रीय स्तर के शहरी और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने का विजन तैयार कर चुकी है। अब सुरबाना ज्यूरोंग द्वारा तैयार किया जाने वाला विजन डॉक्यूमेंट और मास्टर प्लान यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि प्रस्तावित 323.44 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का विकास किस स्वरूप में किया जाएगा।

