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प्रतीक यादव की वसीयत में चौंकाने वाला खुलासा: बेटियों के नाम पूरी जायदाद, लेकिन पत्नी अपर्णा यादव का जिक्र तक नहीं!
प्रतीक यादव के निधन के बाद यादव परिवार से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली चर्चा सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि प्रतीक यादव ने अपनी सारी संपत्ति को लेकर पहले ही एक वसीयत तैयार करवा ली थी, जिसमें पूरी संपत्ति उनकी दोनों बेटियों के नाम कर दी गई है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि इस कथित वसीयत में उनकी पत्नी अपर्णा यादव के नाम किसी भी प्रकार की संपत्ति का उल्लेख नहीं किया गया है। इसी कारण इस खबर ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक एक नई बहस छेड़ दी है। लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियाँ बनीं कि प्रीतिक यादव को इतना बड़ा फैसला लेना पड़ा। खास बात यह भी है कि इस कथित वसीयत में बेटियों की उम्र को लेकर भी कुछ शर्तें रखी गई हैं, जिनके तहत एक निश्चित उम्र पार करने के बाद ही संपत्ति बेचने या उस पर पूर्ण अधिकार मिलने की बात कही गई है।

सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव की वसीयत में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि उनकी संपत्ति उनकी दोनों बेटियों को ही मिलेगी। इतना ही नहीं, उसमें एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी गई बताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि बड़ी बेटी 25 से 27 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद ही संपत्ति बेच सकेगी या अपनी इच्छा के अनुसार उसका उपयोग करने का अधिकार प्राप्त कर सकेगी। तब तक इस संपत्ति का उपयोग तो किया जा सकेगा, लेकिन उसे बेचा नहीं जा सकेगा।
इस कथित वसीयत की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर प्रीतिक यादव ने यह वसीयत इतनी जल्दी क्यों तैयार करवाई थी? क्या उन्हें किसी अनहोनी की आशंका थी या फिर इसके पीछे पारिवारिक परिस्थितियांं जिम्मेदार थीं? फिलहाल इन सवालों का कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है, लेकिन चर्चाएं लगातार जारी हैं।

इस साल की शुरुआत में प्रतीक यादव और अपर्णा यादव के संबंधों को लेकर भी काफी चर्चाएं सामने आई थीं। सोशल मीडिया पर प्रतीक यादव की ओर से कुछ ऐसी टिप्पणियां की गई थीं, जिसके बाद दोनों के बीच मतभेद होने की अटकलें तेज हो गई थीं। इतना ही नहीं, एक पोस्ट में अपर्णा यादव को ‘फैमिली डेस्ट्रॉयर’ तक कह दिया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।
हालांकि, बाद में जनवरी के अंतिम दिनों में प्रतीक यादव ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि दोनों के बीच थोड़ी बहस जरूर हुई थी, लेकिन अब सब कुछ सामान्य है। इस बयान के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन सूत्रों का दावा है कि अंदरूनी तौर पर स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं थी। अब जब इस कथित वसीयत की बातें सामने आ रही हैं, तो इसे उसी पुराने विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर ऐसे कौन-से हालात बने कि प्रतीक यादव ने अपनी पूरी संपत्ति बेटियों के नाम कर दी और पत्नी अपर्णा यादव का उल्लेख तक नहीं किया।

हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और वसीयत को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई पुष्टि भी नहीं की गई है। लेकिन सूत्रों के हवाले से सामने आई इस जानकारी ने यादव परिवार और उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया गर्म माहौल पैदा कर दिया है।

