चांदखेड़ा डोसा बैटर केस में 3 वर्षीय मिस्टी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, बच्ची के शरीर में...

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अप्रैल महीने में अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके की एक दुकान से बैटर लाकर डोसा बनाया गया था। उसे खाने के बाद प्रजापति परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई थी। जिसमें परिवार की ढाई महीने की राहा और 3 साल की मिस्टी नाम की बच्चियों की मौत हो गई थी। बच्चियों के माता-पिता की भी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, इस मामले में इतने दिन बीत जाने के बाद भी बच्चियों की मौत का सटीक कारण सामने नहीं आया है। इस मामले में शनिवार को मिस्टी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस को मिली थी।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मिस्टी के शरीर में ‘एशिनोबैक्टर बौमानी’ नाम का खतरनाक बैक्टीरिया पाया गया था। इस बैक्टीरिया के कारण बच्ची के शरीर में गंभीर संक्रमण फैल गया था। रिपोर्ट में लिखा गया है कि, मिस्टी डी/ओ विमलकुमार प्रजापति, महिला, उम्र लगभग 03 वर्ष की पोस्टमॉर्टम नोट में मौत का कारण ‘CARDIORESPIRATORY FAILURE DUE TO SEPTICEMIA BY BACTERIA ACINOBACTER BAUMANII FOUND IN BODY. LUNG EDEMA FOUND.' बताया गया है।

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इस बारे में डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि जब संक्रमण पूरे शरीर में फैल जाता है और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर गंभीर असर करता है, तब उसे ‘सेप्टिसीमिया’ कहा जाता है। बच्ची के मामले में भी गंभीर संक्रमण के कारण हृदय और श्वसन प्रणाली ने काम करना बंद करना शुरू कर दिया था। चिकित्सा भाषा में इस स्थिति को ‘कार्डियोरेस्पिरेटरी फेल्योर’ कहा जाता है। इसके अलावा बच्ची के फेफड़ों में पानी भरने और सूजन की स्थिति भी देखी गई थी। जिसके कारण उसे सांस लेने में भारी परेशानी हो रही थी। आखिरकार गंभीर संक्रमण और श्वसन प्रणाली में आई खराबी के कारण बच्ची की मौत हुई, ऐसा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है।

इस मामले में परिवार का सिर्फ एक ही कहना है कि बैटर से बने डोसे खाने के बाद ही बच्चियों और माता-पिता की तबीयत बिगड़ी थी। जबकि पुलिस का जवाब यही रहा है कि बाहर से लाए गए बैटर को खाने के बाद मौत होने के कोई सबूत नहीं मिल रहे हैं। गौरतलब है कि चांदखेड़ा में राहा और मिस्टी प्रजापति नाम की दो बच्चियों की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस इतने दिनों बाद भी जांच कर रही है।

पुलिस ने इस मामले में बच्चियों के माता-पिता, दादा-दादी सहित परिवार के लोगों से पूछताछ की थी। हालांकि, सभी लोगों के बयानों में एक ही बात सामने आई है कि बाहर से लाए गए बैटर से डोसा बनाने के बाद ही परिवार की तबीयत बिगड़ी थी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब माता-पिता का लाई-डिटेक्शन टेस्ट कराने पर विचार कर सकती है।

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एसिनेटोबैक्टर बौमानी क्या है?

डॉक्टर एसिनेटोबैक्टर बौमानी को बेहद खतरनाक बैक्टीरिया मानते हैं। यह आमतौर पर अस्पतालों में, खासकर ICU, वेंटिलेटर और कैथेटर से जुड़े मरीजों में पाया जाता है। यह जीवाणु कई सामान्य एंटीबायोटिक्स पर असर न होने के लिए जाना जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि इसके इलाज के लिए टार्गेटेड एंटीबायोटिक्स, इंटेंसिव केयर सपोर्ट और गंभीर मामलों में वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है।

यह अंगों को संक्रमित कर सकता है

फेफड़े

खून का प्रवाह

सर्जरी के घाव

मूत्र मार्ग

जब यह बैक्टीरिया खून के प्रवाह में प्रवेश कर पूरे शरीर में फैल जाता है, तब यह सेप्टिसीमिया या सेप्सिस का कारण बन सकता है।

सामान्य लक्षण

तेज बुखार आना

सांस लेने में परेशानी होना

ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) कम हो जाना

घबराहट महसूस होना या बेहोश हो जाना

पेशाब की मात्रा कम हो जाना।

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