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सवाई माधोपुर: टीचर के 500 रुपये खो गए तो छात्राओं के कपड़े उतरवाए, निलंबित
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के एक सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित अनुचित व्यवहार के आरोपों के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों ने बुधवार को स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। आरोप है कि एक शिक्षिका के पैसे खो जाने के बाद कक्षा 9 और 11 की छात्राओं की तलाशी के दौरान उनके कपड़े उतरवाए गए।
मामले की जांच के बाद शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षिका को निलंबित कर दिया है। हिंदी शिक्षिका सरस्वती मीणा के लगभग 500 रुपये खो गए थे। आरोप है कि उन्होंने कक्षा 9 और 11 की छात्राओं पर संदेह जताते हुए कथित तौर पर उनकी जांच करवाई। छात्राओं और उनके परिजनों का आरोप है कि जांच के दौरान छात्राओं के कपड़े उतरवाए गए, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हो गईं।
घर लौटने के बाद छात्राओं ने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिससे गांव में आक्रोश फैल गया। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक बुधवार सुबह स्कूल पहुंचे और मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
सूचना मिलने पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) प्रतिभा मीणा घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने छात्राओं से व्यक्तिगत रूप से बात कर घटना की जानकारी एकत्र की और उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया।
भरतपुर संभाग के संयुक्त विद्यालय शिक्षा निदेशक दलवीर सिंह ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट और प्राप्त शिकायतों के आधार पर वरिष्ठ शिक्षिका सरस्वती मीणा के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13 के तहत तत्काल प्रभाव से वरिष्ठ शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है।
दलवीर सिंह ने बताया कि निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय राजाखेड़ा (धौलपुर) स्थित CBEO कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया है। CBEO प्रतिभा मीणा के अनुसार, विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुमार मीणा ने समय पर उच्च अधिकारियों को इस मामले की जानकारी नहीं दी और इसे आवश्यक गंभीरता से नहीं लिया।
उन्होंने बताया कि इसे ध्यान में रखते हुए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है। अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ शिक्षकों ने छात्रों पर इस घटना की जानकारी किसी को न देने का दबाव बनाया था। CBEO ने नियमों के अनुसार निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
प्रधानाचार्य मनोज कुमार मीणा ने कहा कि शिक्षिका ने छात्राओं से माफी मांग ली थी। विद्यालय प्रशासन के साथ भी भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न होने की लिखित आश्वासन लेने की बात हुई थी। इसी कारण इस मामले की तत्काल उच्च अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई थी।
आरोपों को खारिज करते हुए शिक्षिका सरस्वती मीणा ने कहा, “मेरे 500 रुपये खो गए थे। उन्हें खोजने के लिए छात्राओं से पूछताछ की गई थी। छात्राओं के कपड़े उतरवाने के आरोप निराधार हैं। एक महिला शिक्षिका होने के नाते मैंने केवल छात्राओं से ही पूछताछ करना उचित समझा था।”

