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कुख्यात चिराग गोटी का पिता भी गिरफ्तार, बेटे के काले कारनामों में देता था साथ, पुलिस ने कसा शिकंजा
चिराग गोटी और उसके गैंग का अत्याचार लगातार बढ़ रहा था, लेकिन अब लगता है कि यह खत्म होने वाला है। सूरत की चौक बाजार पुलिस ने न सिर्फ चिराग बल्कि उसके पिता घनश्याम गोटी को भी गिरफ्तार किया है, जो उसके क्रिमिनल कामों में उसका साथ दे रहा था। यह पूरा मामला एक लैंड ब्रोकर की किडनैपिंग और एक्सटॉर्शन से शुरू हुआ था, जो अब 'GUJCTOC' जैसे सख्त कानून तक पहुंच गया है।
आमतौर पर एक पिता अपने बेटे को सुधारने का काम करता है, लेकिन यहां घनश्याम गोटी अपने बेटे चिराग के हर काले काम में उसकी मदद कर रहा था। लैंड ब्रोकर जिग्नेश व्यास की किडनैपिंग और एक्सटॉर्शन मामले में घनश्याम गोटी और निरंत गोटी समेत 7 आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी। चौक बाजार पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए पिता को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे साफ संकेत मिल गया है कि क्रिमिनल की मदद करने वाले भी कानून से बच नहीं सकते।
इस पूरे मामले का मेन आधार जिग्नेश व्यास नाम का एक आदमी है। जिग्नेश व्यास को किडनैप करके उनसे 2 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। गुंडागर्दी के दम पर चिराग और उसके गैंग ने 50,000 रुपये भी छीन लिए। इस घटना से सूरत के रियल एस्टेट और ज़मीन की दलाली के धंधे से जुड़े लोगों में हंगामा मच गया। चिराग का गैंग भोले-भाले लोगों को डराने-धमकाने और उनकी मेहनत की कमाई छीनने के लिए मशहूर हो गया, जिसे अब कोर्ट में ले जाया जा रहा है।
चिराग गोटी की क्रूरता तब हद पार कर गई जब उसने अपने पुराने पार्टनर को खत्म करने का प्लान बनाया। तेल के धंधे में पार्टनरशिप खत्म होने के बाद चिराग ने पुरानी दुश्मनी रखते हुए अपने ही पार्टनर को ड्रग्स केस में फंसाने का जाल बिछाया। जब मामला कोर्ट पहुंचा तो पुलिस को चिराग की आगे की एक्टिविटीज़ का पता चला और वह खुद चिराग के बिछाए जाल में फंस गया। एक जुर्म की जांच से कई दूसरे जुर्म सामने आए और वह कानून के शिकंजे में फंस गया। उसके बाद चिराग को गिरफ्तार कर लिया गया।
चिराग गोटी पर पहले भी 7 से ज़्यादा गंभीर जुर्म दर्ज हैं। पुलिस अब उसके गैंग के ऑर्गनाइज़्ड क्राइम पर रोक लगाने के लिए 'GUJCTOC' के तहत एक्शन लेने की तैयारी कर रही है। यह कानून लागू होते ही आरोपियों को बेल मिलना मुश्किल हो जाएगा और पुलिस उनकी गैर-कानूनी प्रॉपर्टी पर भी नज़र रखेगी। SOG ने जिस तरह से जांच तेज की है, उससे लगता है कि इस गैंग के पक्के जेल जाने के दिन करीब हैं।
चिराग गोटी के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनमें वह रिवॉल्वर या पिस्टल जैसे हथियारों के साथ देखा गया था। SOG के DCP राजदीप सिंह नकुम ने कहा कि यह हथियार असली पिस्टल है या एयरगन, इसकी डिटेल में जांच चल रही है। हथियार दिखाकर लोगों में डर पैदा करना इस गैंग का तरीका रहा है। अगर यह हथियार गैर-कानूनी साबित होता है, तो आर्म्स एक्ट के तहत भी सख्त एक्शन लिया जाएगा।
चिराग गोटी की गिरफ्तारी से लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ा है। पहले डर के मारे चुप रहने वाले 10 और लोग अब पुलिस के सामने आए हैं। इन लोगों ने पुलिस को चिराग और उसके गैंग के किए गए अन्याय की डिटेल दी है। पुलिस अभी इन सभी एप्लीकेशन को वेरिफाई कर रही है और जल्द ही नई शिकायतें भी दर्ज की जाएंगी। इससे पता चलता है कि जब कानून सख्त होता है, तो आम आदमी की हिम्मत दोगुनी हो जाती है।
SOG DCP राजदीप सिंह नकुम ने जनता से अपील की है कि चिराग गोटी जैसे लोगों से डरने की जरूरत नहीं है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सभी पीड़ित बिना डरे सामने आएंगे, पुलिस उन्हें पूरा सहयोग करेगी। प्लॉट या जमीन हड़पने के मामलों में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तो, सूरत के बदनाम चिराग गोटी कांड की ट्रेन नवसारी पहुंच गई है। गोटी की मवेशियों की पिटाई का शिकार हुए पार्थ मियानी ने बिलिमोरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। चूंकि पिटाई की घटना बिलिमोरा पुलिस स्टेशन इलाके में हुई थी, इसलिए यहां क्राइम रजिस्टर किया गया है। पीड़ित पार्थ, गोटी की कंपनी में काम करता था। पार्थ मियानी ने खुलासा किया है कि गोटी की पत्नी ने उसके टॉर्चर के कारण सुसाइड कर लिया था। बिलिमोरा पुलिस ने चिराग गोटी के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की है।

