नकली लेबल, असली मौत! भावनगर में जहरीली शराब पीने से 6 से अधिक लोगों की मौत; शहर में ही तैयार होती थी ये जहरीली शराब

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गुजरात के भावनगर में जहरीली नकली शराब ने एक बार फिर शराबबंदी वाले राज्य की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भावनगर शहर और ग्रामीण इलाकों में कथित तौर पर बेची गई नकली शराब पीने से 6 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 21 लोग गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। मरीजों की स्थिति को देखते हुए मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह विभाग ने जांच स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) को सौंप दी है। पुलिस और जांच एजेंसियां नकली शराब के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। भावनगर जिले में कई जगहों पर छापेमारी और चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है।

भावनगर में ही तैयार होती थी नकली शराब

भावनगर जिला पुलिस अधीक्षक मयूरसिंह चावड़ा के मुताबिक, यह जहरीली शराब किसी दूसरे राज्य से तैयार होकर नहीं आई थी, बल्कि इसका उत्पादन भावनगर में ही किया गया था। शराब तैयार करने के लिए मेथनॉल, इथेनॉल, एसेंस और अन्य केमिकल का इस्तेमाल किया गया। पुलिस के अनुसार, इन केमिकल्स को अलग-अलग जगहों से मंगाया गया था। बताया गया कि दूसरे राज्य से कच्चा माल सरखेज के एक ट्रांसपोर्टर के जरिए भावनगर तक पहुंचाया गया था। इसके बाद शहर में ही नकली शराब तैयार कर उसे अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है।

शराब बनाने वाला आरोपी भी बना शिकार

पुलिस के अनुसार, नरेंद्र नाम के व्यक्ति ने कथित तौर पर इस नकली शराब को तैयार किया था। उसने खुद भी शराब का सेवन किया और जहरीले केमिकल का शिकार हो गया। उसकी मौत हो चुकी है।  पुलिस ने इस मामले में रईस को मुख्य सूत्रधार बताया है। उसे मध्य प्रदेश से हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकली शराब बनाने के लिए केमिकल कहां से खरीदे गए और इसे भावनगर के किन-किन इलाकों में पहुंचाया गया।

21 लोगों पर मामला दर्ज 

इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपियों समेत 21 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज की है। इनमें से 13 आरोपियों को कोर्ट में पेश किए जाने की बात कही गई है। पुलिस का दावा है कि मामले से जुड़े ज्यादातर कच्चे माल और तैयार नकली शराब का जखीरा बरामद कर लिया गया है।

जांच के दौरान सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की बात भी सामने आई है। पुलिस ने कहा है कि सबूत मिटाने या जांच को प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पूरे जिले में छापेमारी

घटना के बाद भावनगर जिले में पुलिस ने निगरानी और चेकिंग बढ़ा दी है। संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और नकली शराब की सप्लाई से जुड़े लोगों की तलाश जारी है। अस्पताल में भर्ती मरीजों की हालत पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में सामने आए नामों में गौतम सोलंकी, रईसुद्दीन, मनोज, जतिन, गणेश, अमन, हर्ष, नरेंद्रसिंह उर्फ डॉक्टर (मृतक), धर्मेंद्रसिंह गोहिल, सारस सोलंकी, विवेक सोलंकी, अर्जुनसिंह, संजय चावड़ा, जयदीप मकवाणा, भार्गव भट्ट, रोहित चौहान, केवल सोलंकी, सुखदेव सोलंकी और हार्दिक बारैया शामिल हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और नकली शराब की सप्लाई कितने इलाकों तक पहुंची थी।

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