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प्रेमिका को मारने के लिए दोस्त को 22 लाख की पेशकश, लेकिन श्रेया की हत्या करने के बाद उसे ही धोखा मिला
वाराणसी में 22 वर्षीय श्रेया उपाध्याय की दर्दनाक हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे पागल प्रेमी की करतूत मान रही थी, लेकिन अब कहानी पूरी तरह बदल गई है। पुलिस के अनुसार श्रेया की हत्या किसी एक व्यक्ति ने नहीं की, बल्कि दो दोस्तों ने मिलकर साजिश रची थी। वाराणसी पुलिस ने सोमवार तड़के आमने-सामने की मुठभेड़ के बाद इस हत्या में शामिल आरोपी पुनीत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान पुनीत ने हत्या की पूरी कहानी बताई थी। इस मामले का मुख्य आरोपी विवेक चौबे अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस उसकी तलाश में कई जगहों पर छापेमारी कर रही है।
पुलिस जांच के मुताबिक यह साजिश विवेक चौबे से शुरू हुई थी। विवेक और श्रेया के बीच प्रेम संबंध था। पुलिस के अनुसार, विवेक श्रेया की कुछ हरकतों और मांगों से नाराज था और वह उससे छुटकारा पाना चाहता था। हत्या की योजना बनाने के बाद उसे इस काम में साथ दे सकने वाले पार्टनर की जरूरत थी। इसके बाद विवेक ने अपने पुराने दोस्त पुनीत को इस साजिश में शामिल किया। दोनों ने B-फार्मा की पढ़ाई के दौरान मिर्जापुर के एक ही कॉलेज में पढ़ाई की थी और बहुत अच्छे दोस्त थे। पुनीत मऊ जिले का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, पुनीत खुद आर्थिक समस्या से गुजर रहा था।
पुलिस के अनुसार, पुनीत ने अपनी गर्लफ्रेंड के महंगे शौक पूरे करने के लिए ऑनलाइन लोन ऐप से लाखों रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज के बोझ और आर्थिक समस्याओं के बीच विवेक ने उसे श्रेया की हत्या के बदले 22 लाख रुपये की पेशकश की थी। पुलिस के अनुसार, इस रकम के लालच में पुनीत हत्या की साजिश में शामिल हो गया था। हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए विवेक ने बनारस के रोहनिया इलाके के बच्छांव पश्चिमपुरा में एक कमरा किराए पर लिया था। पुलिस के अनुसार श्रेया को वहां बुलाने के लिए यह कमरा खास तौर पर लिया गया था। घर की तरह रहने के लिए कमरे में कोई सामान नहीं था।
पुलिस के अनुसार, विवेक और पुनीत 17 अगस्त की रात पहले ही इस कमरे में पहुंच गए थे। दोनों सुबह होने का इंतजार कर रहे थे। योजना के मुताबिक 18 अगस्त की सुबह विवेक श्रेया को किसी बहाने उस कमरे में लेकर आया था। पुलिस के अनुसार, विवेक के कमरे के अंदर पहुंचते ही उसने श्रेया की गर्दन पीछे से पकड़ ली थी ताकि वह कोई आवाज न कर सके। इस दौरान वहां पहले से मौजूद पुनीत ने श्रेया के पेट में चाकू मार दिया था। पुलिस के अनुसार, इसके बाद श्रेया बेहोश हो गई और पुनीत ने उसका गला काट दिया।
हत्या के बाद कहानी में एक और मोड़ आया। पुलिस के अनुसार, घटना के करीब 20 मिनट बाद विवेक ने पुनीत से कहा कि वह 22 लाख रुपये लेकर अभी वापस आएगा। इसके बाद विवेक कमरे से बाहर निकल गया। पुनीत उसी कमरे में श्रेया की डेड बॉडी के पास बैठा और उसके लौटने का इंतजार करने लगा। जब विवेक काफी देर तक वापस नहीं आया और उसका फोन भी स्विच ऑफ बताने लगा तो पुनीत को शक हुआ कि उसके साथ भी धोखा हुआ है। पुलिस के अनुसार, इसके बाद पुनीत ने वहां से निकलने के लिए कैब बुक की और वहां से भाग गया।
जांच के दौरान, पुलिस को कमरे के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज से एक संदिग्ध कैब के बारे में जानकारी मिली थी। DCP गोमती नीतू काद्यान के अनुसार पुलिस ने कैब ड्राइवर से पूछताछ की थी। इस पूछताछ के जरिए पुलिस पुनीत तक पहुंची थी। इसके बाद पुलिस ने पुनीत के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल चेक की। पुलिस के अनुसार, कॉल डिटेल में विवेक और पुनीत के बीच लगातार बातचीत का खुलासा हुआ था। जिससे पुलिस को दोनों के संबंधों और हत्या की साजिश के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी।
सोमवार तड़के वाराणसी की राजातालाब पुलिस और SOG की संयुक्त टीम ने पुनीत को घेर लिया था। पुलिस के अनुसार इस मुठभेड़ के दौरान पुनीत के पैर में गोली लगी थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान पुनीत ने श्रेया की हत्या की पूरी कहानी बताई। इस खुलासे के बाद पुलिस अब मुख्य आरोपी विवेक चौबे को खोजने में जुटी है। पुलिस के अनुसार विवेक अभी भी फरार है और उसे पकड़ने के लिए कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
DCP गोमती नीतू काद्यान ने बताया कि, पुलिस ने CCTV फुटेज और कैब ड्राइवर से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद मोबाइल कॉल डिटेल से भी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की गई थी। सोमवार तड़के संयुक्त टीम ने पुनीत को गिरफ्तार किया था और पूछताछ के दौरान मामले की पूरी जानकारी सामने आई थी।
इसके अलावा पुलिस ने कहा कि, इस पूरी साजिश के पीछे 22 लाख रुपये का लालच था। विवेक ने अपने दोस्त पुनीत को हत्या के बदले यह रकम देने का भरोसा दिया था। लेकिन हत्या के बाद विवेक खुद घटनास्थल से चला गया था और वापस नहीं लौटा। इसके बाद पुनीत को लगा कि उसके साथ भी धोखा हुआ है और वह कैब में बैठकर चला गया। अब पुलिस इस मामले में फरार विवेक चौबे को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए पुनीत से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस के अनुसार इस हत्या की पूरी साजिश और दोनों आरोपियों की पूछताछ के दौरान उसकी भूमिका सामने आई है।

