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कम ब्याज और तुरंत लोन के जाल में फंसने से पहले इस खबर को जरूर पढ़ें…सरकार ने तीन फर्जी लोन एप प्ले स्टोर से हटवाए
यही नहीं आपकी निजी जानकारी का भी गलत इस्तेमाल हो सकता है…
नई दिल्ली। ऑनलाइन तुरंत लोन देने का दावा करने वाले संदिग्ध ऐप्स के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। गृह मंत्रालय के इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट की शिकायत के बाद गूगल ने तीन और लोन ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया है। आरोप है कि ये ऐप कम ब्याज और कुछ ही मिनट में लोन देने का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। लोन मिलने के बाद ग्राहकों से भारी ब्याज और पेनल्टी वसूली जाती थी। बता दें कि सरकार इस महीने अब तक ऐसे 9 ऐप्स पर कार्रवाई कर चुकी है। सरकार का कहना है कि संदिग्ध ऐप्स केवल ज्यादा ब्याज वसूलने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए यूजर्स की निजी जानकारी तक पहुंच बनाने और उसका गलत इस्तेमाल करने का खतरा भी रहता है। ऐसे में किसी भी डिजिटल लोन ऐप को फोन में इंस्टॉल करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचना जरूरी है।
इन 3 नए ऐप्स पर कार्रवाई क्यों?
I4C ने गूगल को नोटिस भेजकर तीन ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। इनमें होराइजन कैश सर्विस, मनी स्कोर मॉनिटर और जेलीक्रेडिट शामिल हैं। इन ऐप्स पर आरोप है कि ये कम ब्याज पर 5 मिनट में लोन देने का दावा करते थे। इसके बाद ग्राहकों से भारी ब्याज और पेनल्टी वसूली जाती थी। सरकारी शिकायत के बाद गूगल ने इन ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया। कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धाराओं के तहत की गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नोटिस मिलने के करीब 3 घंटे के भीतर इन ऐप्स को हटाने की कार्रवाई की गई।
मोबाइल का कौन-सा डेटा खतरे में पड़ सकता है?
ऐसे ऐप्स डाउनलोड करते समय दी गई परमिशन सबसे बड़ा खतरा बन सकती है। आरोप है कि संबंधित ऐप्स यूजर के फोन में मौजूद पहचान संबंधी जानकारी, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, कॉन्टेक्ट लिस्ट, फोटो गैलरी और कैमरे तक पहुंच हासिल कर सकते थे। इस तरह हासिल की गई निजी जानकारी का इस्तेमाल लोगों को परेशान या ब्लैकमेल करने के लिए किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
इस तरह के 6 एप पहले भी हटाये जा चुके हैं
इस महीने सरकार ने गूगल को छह संदिग्ध लोन ऐप्स हटाने के लिए कहा था। इनमें लोन ऑर्बिट, हिसाब, नेक्स्स लोन, वन फंड, क्रेडिट फैक्टर और मोबाइल क्रेडिड शामिल थे। इन तीन नए ऐप्स को मिलाकर अगस्त में अब तक कुल 9 फर्जी लोन ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
आकर्षक विज्ञापन के जरिए लोगों को जाल में फंसाते हैं
फर्जी लोन ऐप्स आमतौर पर प्ले स्टोर या सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापन दिखाते हैं। इनमें बिना दस्तावेज, बिना CIBIL स्कोर और कुछ ही मिनट में बड़ी रकम का लोन देने का दावा किया जाता है। आर्थिक जरूरत में फंसे लोग ऐसे ऑफर देखकर ऐप डाउनलोड कर लेते हैं। इसके बाद ऐप कई तरह की परमिशन मांग सकता है और लोन मिलने के बाद भारी ब्याज या अतिरिक्त शुल्क वसूलने की कोशिश की जाती है। वहीं, सरकार की कार्रवाई केवल लोन ऐप्स तक सीमित नहीं है। करीब 57 फर्जी वेबसाइट्स और डेटाबेस को बंद करने के निर्देश भी दिए गए हैं। आरोप है कि ऐसी वेबसाइट्स फोन में वायरस फैलाकर बैंक खातों से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही थीं।
ऐसे चक्करों में पड़ने से पहले ये जरूर जान लें
लोन लेने से पहले यह पता करना जरूरी है कि ऐप किस बैंक या एनबीएफसी से जुड़ा है। किसी भी वैध लोन ऐप के पीछे संबंधित रजिस्टर्ड बैंक या एनबीएफसी की जानकारी होनी चाहिए। कंपनी का नाम, कार्यालय का पता, संपर्क नंबर और ईमेल जैसी जानकारी भी जांचें। आरबीआई की वेबसाइट पर जाकर संबंधित बैंक या एनबीएफसी के रजिस्ट्रेशन की पुष्टि की जा सकती है।
किसी भी एप को डाउनलोड करने से पहले यह जानना चाहिए
लोन के लिए किसी ऐप को आपकीपूरी कॉन्टेक्ट लिस्ट या फोटो गैलरी की जरूरत नहीं होनी चाहिए। ऐसी परमिशन मांगी जाए तो सावधान रहें। लोन मंजूर होने से पहले प्रोसेसिंग फीस या फाइल चार्ज के नाम पर पैसे मांगने वाले ऐप से सावधान रहें। प्ले स्टोर पर ऐप की रेटिंग और खासकर 1-स्टार रिव्यू देखें। शिकायतों में बार-बार एक जैसी समस्या सामने आ रही हो तो ऐप डाउनलोड न करें। सबसे खास बात किसी अनजान वेबसाइट से मिली APK फाइल फोन में इंस्टॉल न करें।
लोन एप के जरिए कोई परेशान करे तो इसका यह है समाधान
अगर कोई संदिग्ध लोन ऐप आपको परेशान कर रहा है या आपकी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर रहा है तो तुरंत कार्रवाई करें। राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें। इसके अलावा cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर नजदीकी थाने की साइबर सेल में भी शिकायत दें। संदिग्ध ऐप को फोन से हटाएं और उसकी दी हुई सभी परमिशन बंद करें।

