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युद्ध का असर: नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किया इजाफा
मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव और युद्ध के हालातों के बीच भारतीय उपभोक्ताओं को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। भारत की सबसे बड़ी निजी ईंधन खुदरा विक्रेता कंपनी, नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम में ₹5.30 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की वृद्धि की है।

वैश्विक आपूर्ति बाधित: होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट
ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर काले बादल मंडरा रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों से ईंधन की कीमतों में क्रमिक वृद्धि देखी जा रही है। इसका मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का आभासी तौर पर बंद होना है। साथ ही, अमेरिका और ईरान द्वारा एक-दूसरे के ऊर्जा केंद्रों पर किए गए हमलों ने वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।

अफवाहें और 'पैनिक बाइंग': पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़
ईंधन की कमी की खबरों के बीच देश के कई राज्यों में अफरा-तफरी का माहौल है। असम के गुवाहाटी सहित कई हिस्सों में लोग पेट्रोल पंपों पर उमड़ पड़े हैं। सोशल मीडिया पर ईंधन खत्म होने की खबरों के कारण लोग 'पैनिक बाइंग' (घबराहट में खरीदारी) कर रहे हैं। यही हाल एलपीजी (LPG) स्टेशनों का भी है, जहां रिफिलिंग के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

विपक्ष का हमला: 'सरकार की तैयारी अधूरी'
इस ऊर्जा संकट पर राजनीति भी तेज हो गई है। AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्ष के बीच सरकार "ऊर्जा संकट" को संभालने में पूरी तरह से विफल रही है। भारत पर्याप्त 'रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार' (Strategic Petroleum Reserves) बनाने में नाकाम रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और भी बड़ा उछाल आ सकता है।

