- Hindi News
- बिजनेस
- भारत के साथ सीधा व्यापार बंद है फिर भी 3 महीनों में 587 करोड़ रुपये का माल पाकिस्तान पहुंचा
भारत के साथ सीधा व्यापार बंद है फिर भी 3 महीनों में 587 करोड़ रुपये का माल पाकिस्तान पहुंचा
पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सीधा व्यापार बंद हो गया है। इसके बावजूद पाकिस्तान में भारतीय सामान की मांग बनी हुई है। पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट 'डॉन' के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान पाकिस्तान ने भारत से 61.74 मिलियन डॉलर (587 करोड़ रुपये) का सामान आयात किया था। यह रकम पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 69 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल इसी अवधि में पाकिस्तान ने 36.55 मिलियन डॉलर (347 करोड़ रुपये) का सामान आयात किया था। हालांकि, इस अवधि के दौरान पाकिस्तान ने भारत को कोई सामान नहीं बेचा था।
भू-राजनीतिक विशेषज्ञ रविंदर सिंह रॉबिन ने डॉन की रिपोर्ट सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अगर सीधा व्यापार बंद है, तो यह सामान किस रास्ते से आ रहा है और इसके मूल देश को किस तरह रिकॉर्ड किया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्टों में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि भारतीय सामान तीसरे देशों के जरिए पाकिस्तान पहुंच रहा हो सकता है। इनमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सिंगापुर जैसे देश शामिल हैं।

थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, भारत से पाकिस्तान को होने वाला अनौपचारिक निर्यात सालाना 10 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इसके लिए दुबई, कोलंबो और सिंगापुर जैसे शहरों का ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
GTRI के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने LinkedIn पर इसे 'ग्रे-जोन रणनीति' बताया। उनके मुताबिक, भारतीय सामान पहले इन देशों में भेजा जाता है और फिर ट्रांजिट हब के गोदामों में रखा जाता है। वहां दस्तावेजों और लेबल में बदलाव करके सामान को दूसरे देश के नाम पर पाकिस्तान भेजा जा सकता है। हालांकि, ये विशेषज्ञों द्वारा बताई गई कुछ संभावित प्रक्रियाएं हैं।
दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले फार्मास्युटिकल उत्पाद और कच्चा माल भारत से पाकिस्तान निर्यात होने वाली प्रमुख वस्तुओं में शामिल हैं। एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2025 तक पाकिस्तान को भारत का फार्मास्युटिकल निर्यात 208 मिलियन डॉलर (लगभग 2,000 करोड़ रुपये) था। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख वस्तुओं में प्लास्टिक, पेट्रोलियम उत्पाद, रंग, कार्बनिक रसायन, रबर, कॉफी, चाय, सब्जियां, मसाले, डेयरी उत्पाद और अनाज भी शामिल हैं।

2019 के पुलवामा हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के व्यापारिक संबंध लगातार बिगड़ते गए हैं। भारत ने 1996 में पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा दिया था। हालांकि, 2019 में पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद भारत ने यह दर्जा वापस ले लिया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 2018 से 2024 के बीच भारत और पाकिस्तान के व्यापार में भारी गिरावट आई थी। पाकिस्तान से भारत में आयात होने वाले सामान की मात्रा भी काफी कम हो गई थी। 2019 में पाकिस्तान ने लगभग 548 मिलियन डॉलर (लगभग 5,300 करोड़ रुपये) का सामान बेचा था। 2024 में यह आंकड़ा घटकर केवल 4.8 लाख डॉलर (4.56 करोड़ रुपये) रह गया था। पाकिस्तान से भारत में आयात होने वाली वस्तुओं में कांच के बर्तन, तांबा, सल्फर, फल और ड्राई फ्रूट शामिल थे।

अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 के बीच भारत ने पाकिस्तान को लगभग 448 मिलियन डॉलर (4,260 करोड़ रुपये) का सामान बेचा था। वहीं, पाकिस्तान ने भारत को केवल 4.2 लाख डॉलर (4 करोड़ रुपये) का सामान बेचा था। 2025 में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत ने वाघा-अटारी सीमा बंद कर दी थी और पाकिस्तान से सामान के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात तथा परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया था। 4 मई को पाकिस्तान ने भारत के साथ सभी व्यापारिक गतिविधियां बंद करने की घोषणा की थी, जिसमें तीसरे देशों के जरिए होने वाला व्यापार भी शामिल था।

