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‘ऐसे चावल तो कबूतर भी नहीं खाते’, बिहार के मंत्री ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल
बिहार के एक मंत्री ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए हैं। चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे चावल तो कबूतर भी नहीं खाते, आम आदमी क्या खाएगा? यह मुद्दा उठाने वाले मंत्री का नाम लखेंद्र पासवान है और इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है।
क्या है पूरा मामला?
बिहार में गरीबों को पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत मिलने वाले चावल की गुणवत्ता पर खुद मंत्री लखेंद्र पासवान ने सवाल उठाए हैं। नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि चावल इतनी खराब गुणवत्ता के हैं कि कबूतर भी नहीं खाते, तो फिर आम आदमी इन्हें कैसे खाएगा?
खास बात यह रही कि जब मंत्री ने चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठाए, तब वहां खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश और विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। एक मंत्री द्वारा अपनी ही सरकार पर सवाल उठाने की घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है और उनका वीडियो भी वायरल हो रहा है। अब देखना यह होगा कि इस मुद्दे पर पार्टी का क्या रुख रहता है।
मंत्री लखेंद्र पासवान सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने X हैंडल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए बताया था कि अपने पातेपुर विधानसभा क्षेत्र की मरुई पंचायत के अंतर्गत मुशापुर वांचर गांव में स्वर्गीय शिवम कुमार के परिवार से मुलाकात की और हरसंभव मदद की। मेरे विभाग के माध्यम से पीड़ित परिवार को ₹4,12,650 की पहली किस्त दी गई है और इतनी ही राशि की दूसरी किस्त भी जल्द दी जाएगी। इसके अलावा, परिवार को हर महीने ₹7,000 का मुआवजा दिया जाएगा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। बिहार में NDA सरकार पीड़ित परिवार के साथ है। परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करना और उन्हें न्याय दिलाना हमारी प्रतिबद्धता है।
इससे पहले उन्होंने पोस्ट किया था कि नवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर मैंने परंपरा और सौभाग्य के प्रतीक नीलकंठ पक्षी को उड़ाकर पूरे क्षेत्रवासियों, बिहारवासियों और देशवासियों के लिए सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रकृति, परंपरा और आस्था से जुड़ी हमारी सांस्कृतिक विरासत हमें लगातार सकारात्मकता और जनकल्याण की प्रेरणा देती है। इससे पहले बिहार में खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी के पिता पर एक टिप्पणी की थी। खड़गे के भाषण के दौरान बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली दिखाई दी थीं।

