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'चीनी सेना की वजह से LAC पर बिगड़ते हैं हालात...' ITBP प्रमुख के बयान पर जानिए भारत सरकार ने क्या कहा
भारत सरकार ने भी स्वीकार किया है कि चीनी सेना भारत-चीन सीमा पर स्थिति बिगाड़ने में योगदान दे रही है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जब चीनी सैनिक निर्धारित पेट्रोलिंग पैटर्न से हटते हैं, तो सीमावर्ती इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण हो जाती है। यह बयान भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक (DG) शत्रुघ्न कपूर द्वारा अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कई बार टकराव होने की बात कहे जाने के बाद आया है।
23 अक्टूबर को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि जब चीनी सेना निर्धारित पेट्रोलिंग पैटर्न से हटती है, तो भारत-चीन सीमा पर कभी-कभी स्थिति बिगड़ जाती है। उन्होंने कहा, 'जैसा कि हमने पहले भी उल्लेख किया है, जब चीनी सेनाएं पहले से निर्धारित पेट्रोलिंग पैटर्न से हटती हैं, तो भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में समय-समय पर स्थिति अशांत हो जाती है।'
रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों देश वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर लंबित मुद्दों को सुलझाने और गलतफहमी से बचने के लिए राजनयिक और सैन्य माध्यमों से बातचीत जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना जरूरी है।
इससे पहले, 22 अक्टूबर को ITBP के महानिदेशक शत्रुघ्न कपूर ने राजस्थान के अलवर में कहा था कि अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा था कि पिछले कुछ दिनों में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं और स्थिति अभी भी वैसी ही बनी हुई है।
ITBP प्रमुख का यह बयान महत्वपूर्ण है, क्योंकि जुलाई के बाद पूर्वोत्तर सीमा पर बढ़ते तनाव की यह पहली आधिकारिक पुष्टि है। मीडिया सूत्रों की एक रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई के अंत से अरुणाचल प्रदेश के आसाफिला इलाके में दोनों देशों के सैनिकों के बीच तनाव जारी है। सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि चीनी सेना ने ऊंचाई वाले इलाकों में तंबू लगाए हैं।
सीमा पर तनाव के बीच ITBP भी अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत कर रही है। शत्रुघ्न कपूर के अनुसार, सीमा पर तैनात बटालियनों में ड्रोन प्लाटून बनाए जा रहे हैं। सैनिकों को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कमांडो को ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में लड़ाई के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके लिए एक अलग बटालियन का गठन किया जाएगा। ITBP ने गलवान घाटी जैसी परिस्थितियों का सामना करने के लिए 'स्ट्राइक' नाम का एक नया प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी शुरू किया है। इसका उद्देश्य कठिन पहाड़ी इलाकों में मुकाबले के लिए सैनिकों को तैयार करना है।

