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मध्य प्रदेश: भाजपा विधायक की इनोवा कार फायर ब्रिगेड के पानी से धुलने पर राजनीतिक विवाद भड़का
मध्य प्रदेश के सिंगरौली से भाजपा विधायक रामनिवास शाह के सरकारी बंगले के बाहर उनकी टोयोटा इनोवा कार को फायर ब्रिगेड के वाहन से धोए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है। सरकारी और आपातकालीन संसाधनों का अपने निजी वाहन के लिए दुरुपयोग करने के आरोपों के बाद विपक्ष ने भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए हैं।

जांच के अनुसार, मंगलवार सुबह सामने आए इस वायरल वीडियो में सिंगरौली नगर निगम के तीन कर्मचारी फायर इंजन से जुड़ी होस पाइप के जरिए विधायक की कार पर पानी छिड़ककर उसे साफ करते हुए स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। आपातकालीन सेवा के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहन का राजनीतिक नेता की गाड़ी धोने के लिए इस्तेमाल किए जाने पर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने भारी आक्रोश व्यक्त किया था। इस बारे में जब NDTV ने सिंगरौली नगर निगम की कमिश्नर सविता प्रधान से बात की, तो उन्होंने इस घटना के बारे में खुद अनजान होने की बात कही।
https://twitter.com/YTKDIndia/status/2092386753802010680
यह वीडियो सामने आने के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा के विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने भाजपा विधायक पर तीखे हमले करते हुए मुद्दे को और गरमा दिया था। सिंघार ने कहा, जब आम जनता के घर में आग लगती है तब बुझाने के लिए समय पर फायर ब्रिगेड नहीं पहुंचती, लेकिन सिंगरौली में भाजपा विधायक ने फायर ब्रिगेड को अपना प्राइवेट वॉशिंग सेंटर बना दिया है। उन्होंने आपातकालीन सेवा का निजी स्वार्थ के लिए दुरुपयोग करने के लिए सरकारी मशीनरी की जवाबदेही तय करने की मांग की थी।
दूसरी ओर, इस विवाद को लेकर सवाल पूछे जाने पर विधायक रामनिवास शाह ने शुरुआत में अपने राजनीतिक विरोधियों पर पलटवार किया था। उन्होंने कहा कि लोगों को पहले यह समझना चाहिए कि क्या कोई विधायक खुद अपनी गाड़ी धुलवाता है? इसके साथ ही उन्होंने सिंगरौली में कांग्रेस के राजनीतिक अस्तित्व और उनकी चुनावी गतिविधियों पर भी सवाल उठाए थे।

जब उनसे पूछा गया कि क्या आपातकालीन सेवा के लिए निर्धारित फायर टेंडर का इस तरह कार धोने के लिए इस्तेमाल उचित है? तब शाह ने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा था। उन्होंने खुलासा करते हुए कहा कि मैं इस विषय पर कुछ कहने की स्थिति में नहीं हूं। मैं भोपाल से वापस आया था और एक सरकारी स्कूल में साइकिल वितरण के कार्यक्रम में गया था। वहां से मुझे बी.पी. मंडल साहब की जयंती के कार्यक्रम में जाना था और उसके बाद शांति समिति की बैठक थी। मैं उस समय बंगले पर मौजूद ही नहीं था, तो मुझे कैसे पता हो कि वहां क्या हुआ? शाह ने जोड़ा कि उन्होंने केवल अपने ड्राइवर को गाड़ी जल्दी लेकर आने के लिए निर्देश दिया था।

अपना बचाव करते हुए विधायक शाह ने यह संभावना भी जताई थी कि फायर टेंडर वहां होने का कारण कुछ अलग हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने ऐसा सुना था कि नगर निगम की टंकियों में पानी की समस्या थी और ऊपरी मंजिल तक पानी नहीं पहुंच रहा था। शायद नगर निगम के अधिकारियों के आवास पर पानी पहुंचाने के लिए यह वाहन भेजा गया हो।
जब पत्रकारों ने बार-बार पूछा कि क्या इन परिस्थितियों में भी फायर ब्रिगेड के वाहन का इस्तेमाल धोने के लिए उचित माना जाएगा? तब शाह ने जिम्मेदारी ड्राइवर पर डालते हुए कहा, वहां क्या हुआ था यह ड्राइवर से पूछो।

