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बालाघाट: शराब की दुकान हटाने के लिए आंदोलन कर रही थीं महिलाएं, तभी वहां पहुंचा शराबी पति; उसे खंभे से बांधकर मुंह पर लगाई टेप
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में अपने पति की शराब की लत से परेशान एक महिला ने अपने ही पति को सार्वजनिक रूप से बिजली के खंभे से बांध दिया। इतना ही नहीं, उसके मुंह पर सेलो टेप भी चिपका दी, ताकि वह महिलाओं के आंदोलन में बाधा न डाल सके। यह घटना उस समय हुई जब स्थानीय महिलाएं अपने रिहायशी इलाके से शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रही थीं। इस घटना का एक वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया।
यह घटना बालाघाट जिले के बुधी इलाके में हुई, जहां महिलाएं कई दिनों से शराब की दुकान को रिहायशी क्षेत्र से हटाने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि शराब की दुकान इलाके का माहौल खराब कर रही है। शराब के नशे में धुत लोग अक्सर सड़कों पर हंगामा करते हैं, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं और घरेलू झगड़े भी बढ़ रहे हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण महिलाएं धरने पर बैठी हुई हैं।
सोमवार को धरना स्थल पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब प्रदर्शन कर रही एक महिला का पति नशे की हालत में वहां पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसने पहले महिलाओं का विरोध किया और फिर गाली-गलौज शुरू कर दी। उसने प्रदर्शन रोकने की कोशिश की और वहां मौजूद महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। उसके इस व्यवहार से कुछ समय के लिए प्रदर्शन स्थल पर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।
पति का व्यवहार देखकर पत्नी का गुस्सा फूट पड़ा। बताया जाता है कि वह लंबे समय से अपने पति की शराब की लत से परेशान थी। प्रदर्शन स्थल पर ही अन्य महिलाओं की मदद से उसने अपने पति को रस्सी से बिजली के खंभे से बांध दिया। इसके बाद उसने उसे और गाली-गलौज करने या बाधा पहुंचाने से रोकने के लिए उसका मुंह भी बंद कर दिया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। कई लोगों ने इस घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने खंभे से बंधे व्यक्ति को मुक्त कराया और स्थिति को सामान्य किया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद महिलाओं और स्थानीय लोगों से पूरी घटना की जानकारी जुटाई। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
आंदोलन में शामिल मंजीता सोनवणे ने बताया कि महिलाएं कई दिनों से शराब की दुकान हटाने की मांग कर रही हैं, लेकिन प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है। उन्होंने कहा, "हमने भीषण गर्मी में भी धरना दिया। अब बारिश शुरू हो गई है, लेकिन हमारा विरोध खत्म नहीं होगा। जब तक शराब की दुकान को कहीं और स्थानांतरित नहीं किया जाता, तब तक महिलाएं धरना जारी रखेंगी।"
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि रिहायशी इलाके में शराब की दुकान होने से परिवार सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। शराब पीने के बाद लोग अक्सर सड़क पर हंगामा करते हैं, महिलाओं और युवतियों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है और घरेलू हिंसा के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने प्रशासन को कई बार ज्ञापन दिया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, इसलिए उनका विरोध जारी है।
मंगलवार को इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इसमें एक व्यक्ति बिजली के खंभे से बंधा हुआ दिखाई दे रहा है, जिसके आसपास बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद हैं। वीडियो वायरल होने के बाद लोग इस घटना पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। प्रशासन की भूमिका और शराब की दुकान के खिलाफ चल रहे विरोध को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल यह पूरा मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

