व्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर: सरकार को नए फीचर से किस बात का डर सता रहा है, क्या इससे साइबर फ्रॉड बढ़ जाएगा?

Hindi Khabarchhe Picture
On

नई दिल्ली। भारत में व्हाट्सएप का नया यूजरनेम फीचर फिलहाल लॉन्च नहीं होगा। केंद्र सरकार ने मेटा को निर्देश दिया है कि जब तक इस फीचर से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा और जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इसे देश में लागू न किया जाए। इसके साथ ही सरकार ने कंपनी को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब भी मांगा है। दरअसल, सरकार की मुख्य चिंता यह है कि इस फीचर के जरिए मोबाइल नंबर छिपाकर फर्जी पहचान बनाना आसान हो सकता है, जिससे साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ने की आशंका है। बहरहाल सरकार इस फीचर के सुरक्षा मानकों और इसके संभावित दुरुपयोग की विस्तृत जांच करना चाहती है। 

बता दें कि WhatsApp ने 29 जून से दुनियाभर में यूजरनेम रजिस्ट्रेशन की शुरुआत की है। यह सुविधा एक साथ सभी यूजर्स को नहीं मिलेगी, बल्कि आने वाले कुछ महीनों में चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग देशों में रोलआउट की जाएगी। जिस क्षेत्र में यह फीचर उपलब्ध होगा, वहां यूजर्स को WhatsApp के भीतर नोटिफिकेशन मिलेगा।
वहीं, WhatsApp के हेड कुणाल शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस फीचर की घोषणा करते हुए लिखा था कि सही समय बहुत महत्वपूर्ण है। दुनिया भर में फीचर उपलब्ध होने से पहले अपना यूजरनेम सुरक्षित कर लें। जल्द ही लोगों से जुड़ने का एक अधिक निजी तरीका WhatsApp पर उपलब्ध होगा।

आखिर भारत सरकार को क्यों है चिंता

दरअसल, सरकार का मानना है कि यूजरनेम फीचर लागू होने के बाद कई स्थितियों में लोगों का मोबाइल नंबर सामने नहीं आएगा। ऐसे में कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे के नाम से मिलता-जुलता यूजरनेम बनाकर लोगों को गुमराह कर सकता है। इससे फर्जी प्रोफाइल के जरिए ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध की आशंका बढ़ सकती है।
भारत WhatsApp का सबसे बड़ा बाजार है। भारत में करीब 50 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। इतने बड़े यूजर बेस को देखते हुए सरकार सुरक्षा व्यवस्था और फेक प्रोफाइल से जुड़े जोखिमों का आकलन करना चाहती है।

क्या है WhatsApp का यूजरनेम फीचर

मेटा ने WhatsApp में ऐसा फीचर पेश किया है, जिसकी मदद से लोग मोबाइल नंबर साझा किए बिना भी किसी नए व्यक्ति से बातचीत कर सकेंगे। इसके लिए केवल यूजरनेम का इस्तेमाल होगा। यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए लाई गई है, जो अपनी निजी जानकारी साझा किए बिना नए संपर्कों से जुड़ना चाहते हैं।

WhatsApp यह फीचर क्यों ला रहा है?

कंपनी का कहना है कि कई बार लोग किसी नए व्यक्ति से संपर्क करना चाहते हैं, लेकिन अपना मोबाइल नंबर साझा नहीं करना चाहते। जैसे किसी नेटवर्किंग इवेंट में मिले व्यक्ति, नए क्लासमेट, पड़ोसी या बच्चों के स्कूल अथवा स्पोर्ट्स ग्रुप के अन्य अभिभावकों से बातचीत के दौरान प्राइवेसी बनाए रखना जरूरी होता है। ऐसे मामलों में अब मोबाइल नंबर की जगह केवल यूजरनेम साझा किया जा सकेगा।

क्या यूजरनेम बनाना जरूरी होगा या वैकल्पिक होगा

WhatsApp ने स्पष्ट किया है कि यूजरनेम पूरी तरह वैकल्पिक सुविधा है। यूजर चाहें तो अपना यूजरनेम बना सकते हैं और चाहें तो बिना यूजरनेम के भी पहले की तरह WhatsApp का इस्तेमाल कर सकते हैं। यानी किसी पर भी यूजरनेम बनाने की बाध्यता नहीं होगी।

अपने पसंद का यूजरनेम चाहिए तो क्या करें

दुनियाभर में करोड़ों लोग इस फीचर का इस्तेमाल करेंगे। ऐसे में एक जैसे या मिलते-जुलते नामों की मांग अधिक रहने की संभावना है। इसलिए जो यूजर पहले अपना यूजरनेम रिजर्व करेंगे, उन्हें अपनी पसंद का नाम मिलने की संभावना भी ज्यादा रहेगी।

मोबाइल नंबर तभी दिखेगा जब आप साझा करना चाहेंगे

यूजरनेम फीचर लागू होने के बाद कुछ परिस्थितियों में मोबाइल नंबर अपने-आप सामने नहीं आएगा। यानी जब किसी बड़े ग्रुप चैट में आपको जोड़ा जाएगा अथवा जब आप पहली बार किसी नए व्यक्ति से बातचीत शुरू करेंगे। ऐसी स्थिति में सामने वाले व्यक्ति को आपका यूजरनेम दिखाई देगा, जबकि मोबाइल नंबर तभी दिखाई देगा जब आप स्वयं उसे साझा करना चाहेंगे।

तो क्या मोबाइल नंबर पूरी तरह गायब रहेगा

इसका जवाब है नहीं। अगर आपने यूजरनेम बनाया है तो केवल नए व्यक्ति को आपका नंबर दिखाई नहीं देगा। हालांकि WhatsApp अकाउंट बनाने और उसे चलाने के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह अनिवार्य रहेगा। जिन लोगों के पास पहले से आपका नंबर सेव है, वे पहले की तरह ही आपसे चैट कर सकेंगे।

जरूरी बात: अपराधी इस फीचर का फायदा न उठाए, यह ध्यान रखना होगा

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से यह मानते रहे हैं कि किसी भी ऐसे फीचर, जिसमें वास्तविक पहचान सीमित दिखाई देती हो, उसके साथ मजबूत वेरिफिकेशन और रिपोर्टिंग सिस्टम भी जरूरी होता है। WhatsApp पहले से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, टू-स्टेप वेरिफिकेशन, अकाउंट रिपोर्टिंग और स्पैम डिटेक्शन जैसे सुरक्षा फीचर उपलब्ध कराता है। अब सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यूजरनेम फीचर भी इन्हीं सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो और इसके जरिए साइबर अपराधियों को किसी तरह का अतिरिक्त फायदा न मिले।

About The Author

More News

यूट्यूब पर वीडियो देखकर घर पर ही करवा दी डिलीवरी, प्रसूता की बिगड़ी तबीयत, फिर…

Top News

यूट्यूब पर वीडियो देखकर घर पर ही करवा दी डिलीवरी, प्रसूता की बिगड़ी तबीयत, फिर…

वीडियो प्लेटफ़ॉर्म यूट्यूब पर वीडियो देखकर डिलीवरी कराना एक महिला के लिए जानलेवा साबित हुआ। ऐसे वीडियो देखने के बाद...
यूट्यूब पर वीडियो देखकर घर पर ही करवा दी डिलीवरी, प्रसूता की बिगड़ी तबीयत, फिर…

हार्दिक को खरीदने के लिए CSK-KKR समेत 7 IPL टीमों ने दिखाई दिलचस्पी... जानिए कौन मारेगा बाज़ी?

मुंबई इंडियंस (MI) के कप्तान हार्दिक पंड्या IPL 2026 के लिए सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाले खिलाड़ियों में से...
खेल 
हार्दिक को खरीदने के लिए CSK-KKR समेत 7 IPL टीमों ने दिखाई दिलचस्पी... जानिए कौन मारेगा बाज़ी?

बारिश ने फिर प्रशासन की पोल खोल दी, सूरत के डिंडोली में सड़क धंस गई, द्वारका में हाई अलर्ट

गुजरात में बारिश को लेकर जून का महीना सूखा रहने के बाद जुलाई में मेघराजा ने जोरदार दस्तक दी है।...
राष्ट्रीय  
बारिश ने फिर प्रशासन की पोल खोल दी, सूरत के डिंडोली में सड़क धंस गई, द्वारका में हाई अलर्ट

ग्वालियर में 5 माह से लापता लड्डू गोपाल को ढूंढेगी SIT, तीन थानों की पुलिस करेगी तलाश

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां 5 माह से लापता भगवान लड्डू गोपाल की...
धर्म ज्योतिष 
ग्वालियर में 5 माह से लापता लड्डू गोपाल को ढूंढेगी SIT, तीन थानों की पुलिस करेगी तलाश

बिजनेस

Copyright (c) Khabarchhe All Rights Reserved.