अयोध्या: रामलला के पुजारी दाढ़ी-मूंछ रखेंगे या क्लीन शेव, पहनावा से लेकर तिलक और गर्भगृह के लिए भी नियम तय? पढ़िए पूरी गाइडलाइन

Hindi Khabarchhe Picture
On

अयोध्या। अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान रामलला की पूजा और सेवा करने वाले पुजारियों के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। मंदिर में सेवा के दौरान अब पुजारियों को तय परिधान और धार्मिक परंपराओं का पालन करना होगा। इसके साथ ही उनके बाल, दाढ़ी, तिलक, मंदिर में प्रवेश, मोबाइल के इस्तेमाल और श्रद्धालुओं से बातचीत को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य पूजा और सेवा व्यवस्था में अनुशासन, पवित्रता और एकरूपता बनाए रखना है।

रामानंदी परंपरा के अनुसार होगा पहनावा

मंदिर न्यास की धार्मिक समिति की सदस्य मिथिलेश नंदिनी शरण के अनुसार, पुजारियों के लिए निर्धारित नया परिधान रामानंदी परंपरा के अनुरूप तय किया गया है। इसके तहत सभी पुजारी हल्के पीले रंग की रेशमी धोती और इसी रंग का रेशमी उत्तरीय पहनेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हल्का पीला रंग भगवान राम को प्रिय माना जाता है। इसी वजह से पुजारियों के लिए इस रंग का चयन किया गया है।
धार्मिक समिति के सदस्य महंत राजकुमार दास ने बताया कि वस्त्रों की पवित्रता और शुद्धता को ध्यान में रखते हुए रेशमी परिधान चुना गया है। सभी पुजारियों के लिए एक जैसी वेशभूषा तय करने का उद्देश्य मंदिर की पूजा और सेवा व्यवस्था में अनुशासन तथा एकरूपता लाना है। समिति का मानना है कि इससे रामलला की पूजा-अर्चना में धार्मिक गरिमा और पारंपरिक स्वरूप अधिक स्पष्ट दिखाई देगा।

बाल और दाढ़ी को लेकर भी नियम

नई गाइडलाइन में पुजारियों की साज-सज्जा को लेकर भी नियम बनाए गए हैं। इसके मुताबिक पुजारी या तो ‘पंचकेश’ परंपरा का पालन करेंगे या पूरी तरह मुंडित रहेंगे। आंशिक रूप से बढ़े हुए बाल रखने की अनुमति नहीं होगी। दाढ़ी रखने की भी अनुमति नहीं होगी। यानी पुजारियों को तय धार्मिक परंपरा के अनुसार बाल रखना होगा या फिर पूरी तरह क्लीन शेव रहना होगा। इसके अलावा सभी पुजारियों के लिए रामानंदी परंपरा के अनुसार तिलक लगाना अनिवार्य किया गया है।

शौच के बाद स्नान जरूरी

पुजारियों की व्यक्तिगत शुद्धता को लेकर भी सख्त व्यवस्था की गई है। शौच के बाद बिना स्नान किए कोई पुजारी मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। यदि किसी नियम का उल्लंघन होता है तो गाय के दूध, घी और दही से शुद्धिकरण किया जाएगा।

गर्भगृह में मोबाइल ले जाने पर रोक

नई गाइडलाइन के तहत पुजारी गर्भगृह में मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। उन्हें मंदिर से जुड़े विषयों पर सोशल मीडिया पर बयानबाजी से भी बचना होगा। वॉट्सऐप या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी कोई बात साझा नहीं करनी होगी, जिससे राम मंदिर को लेकर लोगों के बीच गलत संदेश जाए। 
इसके अलावा पुजारियों को श्रद्धालुओं के साथ अच्छा व्यवहार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उनसे अनावश्यक बातचीत नहीं करने को कहा गया है, ताकि किसी श्रद्धालु के मन में अर्चकों या राम मंदिर को लेकर गलत धारणा न बने।

सेवा के दौरान निर्धारित स्थान पर रहना होगा

गाइडलाइन में पुजारियों की सेवा व्यवस्था को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। सेवा के दौरान उन्हें अपने निर्धारित स्थान पर ही रहना होगा। यदि किसी जरूरी काम से स्थान छोड़ना पड़े तो पहले पाली प्रमुख यानी शिफ्ट इंचार्ज को इसकी जानकारी देनी होगी और कारण बताना होगा। इसके बाद ही वे अपनी सेवा का स्थान छोड़ सकेंगे।

हंसी-मजाक से भी बचना होगा

पुजारियों को अनावश्यक बातचीत, समूह बनाकर चर्चा और हंसी-मजाक से बचने के लिए भी कहा गया है। किसी घटना की स्थिति में उन्हें शांत रहकर उसे संभालने की कोशिश करनी होगी। जरूरत पड़ने पर जिम्मेदार लोगों से सहयोग और मार्गदर्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं।

बाहर की कोई वस्तु गर्भगृह में नहीं ले जा सकेंगे

मंदिर की ओर से मिले भोग-प्रसाद के अलावा बाहर की कोई अन्य चीज गर्भगृह में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। पुजारियों को किसी व्यक्ति पर बेवजह टिप्पणी करने या अपना अधिकार जताने से भी बचना होगा। यदि किसी पुजारी को किसी तरह की परेशानी या असंतुष्टि होती है तो उसे सीधे आचार्य जी को इसकी जानकारी देनी होगी और उनका मार्गदर्शन लेना होगा।

परिवार और परिचितों के लिए विशेष मदद के भी नियम

यदि किसी पुजारी के परिवार या इष्ट-मित्र मंदिर में आते हैं तो उनके दर्शन, प्रसाद आदि में किसी तरह की मदद आचार्य जी करेंगे या उनके निर्देश के अनुसार ही यह व्यवस्था की जाएगी। किसी अन्य व्यक्ति के लिए इस तरह की विशेष मदद या व्यवहार करने पर संबंधित पुजारी को खुद जिम्मेदार माना जाएगा।
मंदिर में साफ-सफाई के लिए सेवकों को सोने, चांदी और अन्य धातुओं के बर्तन देने से पहले और वापस लेने के बाद उनकी गिनती करना भी जरूरी होगा। इस तरह नई गाइडलाइन में पुजारियों के पहनावे के साथ-साथ उनकी सेवा, व्यक्तिगत शुद्धता, व्यवहार, सोशल मीडिया के इस्तेमाल और मंदिर की व्यवस्था से जुड़े कई नियम तय किए गए हैं।

About The Author

More News

कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन किया तो हुई गिरफ्तारी, ममता बनर्जी ने कहा- तानाशाही चाहिए या लोकतंत्र?

Top News

कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन किया तो हुई गिरफ्तारी, ममता बनर्जी ने कहा- तानाशाही चाहिए या लोकतंत्र?

नंदीग्राम से कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी हत्या के एक...
राजनीति 
कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन किया तो हुई गिरफ्तारी, ममता बनर्जी ने कहा- तानाशाही चाहिए या लोकतंत्र?

अयोध्या: रामलला के पुजारी दाढ़ी-मूंछ रखेंगे या क्लीन शेव, पहनावा से लेकर तिलक और गर्भगृह के लिए भी नियम तय? पढ़िए पूरी गाइडलाइन

अयोध्या। अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान रामलला की पूजा और सेवा करने वाले पुजारियों के लिए नई व्यवस्था...
धर्म ज्योतिष 
अयोध्या: रामलला के पुजारी दाढ़ी-मूंछ रखेंगे या क्लीन शेव, पहनावा से लेकर तिलक और गर्भगृह के लिए भी नियम तय? पढ़िए पूरी गाइडलाइन

फार्मा कंपनी के MD ने कहा 'हम UPI से पेमेंट लेना कम कर देंगे...'; MDR से 1.20 करोड़ रुपये का हमें नुकसान होगा!

UPI से संबंधित नए चार्ज कुछ व्यवसायों के लिए चिंता का कारण बन गए हैं। इससे खास तौर पर कम...
बिजनेस 
फार्मा कंपनी के MD ने कहा 'हम UPI से पेमेंट लेना कम कर देंगे...'; MDR से 1.20 करोड़ रुपये का हमें नुकसान होगा!

Xiaomi Redmi Note 17 Pro और 17 Pro Max लॉन्च; 10,000mAh बैटरी, 5000 का डिस्काउंट

Xiaomi ने भारत में दो नए स्मार्टफोन, Redmi Note 17 Pro और Redmi Note 17 Pro Max लॉन्च किए हैं।...
टेक और ऑटाे 
Xiaomi Redmi Note 17 Pro और 17 Pro Max लॉन्च; 10,000mAh बैटरी, 5000 का डिस्काउंट

बिजनेस

Copyright (c) Khabarchhe All Rights Reserved.