बड़े बदलाव छोटी-छोटी, लोकल और लगातार कोशिशों से शुरू होते हैं

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(उत्कर्ष पटेल)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाल ही में 'मन की बात' में दिया गया बयान कि "बड़े बदलाव छोटी, लोकल और लगातार कोशिशों से शुरू होते हैं" आज के समय में पूरी तरह से रेलिवेंट और इंस्पायरिंग मैसेज है। एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन, एग्रीकल्चर में इनोवेशन, वॉटर कंजर्वेशन और सोशल डेवलपमेंट जैसे एरिया में इंडिविजुअल और लोकल लेवल पर उठाए गए छोटे कदम नेशनल लेवल पर बड़े बदलाव ला सकते हैं।

यह आइडिया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी साल में 'पंच परिवर्तन' को मेन थीम बनाने के रेजोल्यूशन से और सही साबित होता है। अगर हम इस पंच परिवर्तन को शॉर्ट में समझें...

1. सोशल समरसता: जाति, क्लास, भाषा या रीजन के फर्क को मिटाकर समाज में एकता और बराबरी की भावना जगाना।

2. फैमिली एजुकेशन: फैमिली वैल्यू को मजबूत करना और परिवार को समाज की एक मजबूत यूनिट बनाना।

3. एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन: पेड़ लगाना, पानी और जमीन की रक्षा करना और एनवायरनमेंट के प्रति सेंसिटिव लाइफस्टाइल अपनाना। 
4. स्वदेशी आचरण / स्वबोध: आत्मनिर्भरता, भारतीय मूल्यों और आत्मनिर्भरता पर आधारित जीवनशैली।
5. नागरिक कर्तव्य: संवैधानिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरा करके एक सक्रिय नागरिक बनना।

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प्रधानमंत्री मोदी का संदेश और RSS का "पंच परिवर्तन" संकल्प एक ही दिशा में इशारा करते हैं। एक व्यक्ति से शुरू होने वाले छोटे-छोटे बदलाव समाज और देश को बदल सकते हैं। चाहे कोई व्यक्ति पेड़ लगाए, परिवार में मूल्यों का पालन करे, समाज में सद्भाव फैलाए, स्वदेशी प्रोडक्ट्स अपनाए और एक नागरिक के तौर पर जिम्मेदारी निभाए, ये हर छोटा काम पंच परिवर्तन के पांच मूल्यों को मजबूत करता है।

आज हमारे देश को एक सभ्य और विकसित भारत बनाने के लिए ऐसे ही सामूहिक प्रयासों की ज़रूरत है। कूचबिहार में पेड़ लगाने से लेकर गांवों में ड्रिप इरिगेशन और नेचुरल खेती तक, ये सभी पर्यावरण और खेती के क्षेत्र में छोटे-छोटे कदमों के जीते-जागते उदाहरण हैं। जब हम पंच परिवर्तन अपनाएंगे, तो देश सेवा की छोटी-छोटी लहरों से एक हरा-भरा, खुशहाल, सामंजस्यपूर्ण और आत्मनिर्भर समृद्ध भारत बनेगा।

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आज से ही, आइए हम एक छोटा सा संकल्प लें: अपने परिवारों में अपने मूल मूल्यों को डालें, पर्यावरण की रक्षा करें, समाज में सद्भाव लाने वाला व्यवहार करें, स्वदेशी अपनाएं और अपना नागरिक कर्तव्य निभाएं। क्योंकि जैसा कि PM नरेंद्रभाई कहते हैं, छोटे प्रयासों से ही बड़े बदलाव संभव हैं और पंच परिवर्तन इन प्रयासों को एक सुसंगत दिशा देता है।

हमारी छोटी सी मिली-जुली पहलएक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए एक लाइफलाइन बनेगी।

(लेखक एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवी और khabarchhe.com के संस्थापक हैं।)

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