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हिंदू पंचांग में फाल्गुन मास का विशेष महत्व; भगवान शिव, श्रीकृष्ण की आराधना करना काफी शुभ माना गया है
सूरत। फाल्गुन मास की शुरुआत हो चुकी है। हिंदू पंचांग के अनुसार ये 12वां महीना यानी अंतिम महीना है। यह महीना न केवल वसंत के आगमन का प्रतीक है, बल्कि रंगों का उमंग और उत्साह लेकर भी आता है। इस साल होलिका दहन 3 मार्च को होगा और 4 मार्च को होली खेली जाएगी। इस महीने में होली के अलावा महाशिवरात्रि जैसे बड़े व्रत-पर्व मनाए जाते हैं। फाल्गुन मास इसलिए भी खास हो जाता है क्योंकि यह महीना भगवान शिव और श्रीकृष्ण की पूजा के लिए काफी शुभ माना गया है। बता दें कि फाल्गुन मास में भगवान शिव, विष्णु जी, श्रीकृष्ण के साथ भक्त प्रहलाद की विशेष पूजा करनी चाहिए, क्योंकि इसी महीने की पूर्णिमा पर भक्त प्रहलाद की पूजा का पर्व होलिका दहन मनाया जाता है।
इस महीने रोज सुबह जल्दी जागना चाहिए और स्नान के बाद सूर्य को जल चढ़ाकर दिन की शुरुआत करनी चाहिए। इसके लिए तांबे के लोटे में जल भरें और फिर कुमकुम, चावल, फूल डालें, फिर सूर्य को अर्घ्य चढ़ाएं। फाल्गुन मास का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि किसानों की फसलें पकना शुरू हो जाती हैं। ये समय फसल आने का है, इसलिए फाल्गुन में किसान भी उत्सव मनाते हैं।
मथुरा, वृंदावन, बरसाना में इस समय चहल-पहल काफी बढ़ जाता है
फाल्गुन मास की शुरुआत होते ही मथुरा, वृंदावन जैसे जगहों पर चहल-पहल बढ़ जाती है। ये कृष्ण की नगरी है। इस समय गोकुल, बरसाना, गोवर्धन पर्वत क्षेत्र में दर्शन-पूजन करने का विशेष महत्व है। इस महीने मथुरा के आसपास कई दिनों तक होली खेली जाती है। श्रीकृष्ण के लाखों भक्त इन दिनों में मथुरा और श्रीकृष्ण से जुड़ी जगहों की यात्रा करते हैं। यहां यमुना नदी में स्नान करके दान-पुण्य करने की परंपरा है।
इस माह शिवरात्रि, इसलिए महादेव का अभिषक जरूर करें
इस महीने की 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व है। यह पूरे देश में धूमधाम से मनाई जाती है। इसलिए इन दिनों में भगवान शिव का अभिषेक खासतौर पर करना चाहिए। शिवलिंग पर जल, दूध, पंचामृत चढ़ाएं। अभिषेक के बाद शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाएं। बिल्व पत्र, धतूरा, आंकड़े के फूलों से श्रृंगार करें। अबीर, गुलाल, जनेऊ सहित अन्य पूजन सामग्री चढ़ाएं। ऊं नम: शिवाय मंत्र का जप करें। इसके अलावा किसी मंदिर में भगवान की पूजा के लिए तेल, घी, गुलाल, कुमकुम, चावल, अबीर, वस्त्र, जनेऊ, चुनरी जैसी पूजन सामग्री भेंट करें और अपने सामर्थ्य के अनुसार धन का दान करें। साथ ही साथ किसी गोशाला में गायों को हरी घास खिलाएं। गायों की देखभाल के लिए गोशाला में धन का दान करें। किसी तालाब में मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर खिला सकते हैं।
मंत्र जाप और ध्यान के लिए फाल्गुन मास शुभ
बता दें कि फाल्गुन मास मंत्र जाप और ध्यान के लिए बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि इन दिनों में मौसम में न तो ज्यादा ठंड रहती है और न ही ज्यादा गर्मी रहती है। इस वजह से इन दिनों में किए गए ध्यान में एकाग्रता बनी रहती है और आपके काम सफल होते हैं, आप ऊर्जावान बने रहते हैं।

