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सीईसी से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी का बयान- मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग कार्यालय में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने बयान जारी करते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए।
टीएमसी के मीडिया बयान के मुताबिक, 15 सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के मुख्यालय पहुंचा था। इस प्रतिनिधिमंडल में ममता बनर्जी, टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी और SIR प्रक्रिया से प्रभावित 12 परिवारों के सदस्य शामिल थे।
ममता बनर्जी के साथ सीईसी से मिलने पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में अभिषेक बनर्जी के अलावा SIR से प्रभावित 12 परिवारों के सदस्य भी मौजूद थे। ममता के साथ जो 12 लोग सीईसी से मिलने पहुंचे थे, उनमें पांच ऐसे मतदाता शामिल थे जिन्हें मृत घोषित कर उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। इसके अलावा, पांच ऐसे परिवारों के सदस्य भी थे जिनकी SIR नोटिस मिलने के बाद मौत हो गई थी। वहीं, तीन ऐसे परिवारों के सदस्य भी मौजूद थे जिनके घर के बीएलओ (BLO) की कथित तौर पर काम के दबाव के चलते जान चली गई थी।
‘मैं बहुत दुखी हूं’
सीईसी से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने कहा, “मैं बेहद दुखी हूं। मैं लंबे समय से दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हूं। चार बार मंत्री और सात बार सांसद रह चुकी हूं, लेकिन आज तक मैंने इतना अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा। मैंने उनसे कहा कि मैं आपकी कुर्सी का सम्मान करती हूं, क्योंकि कोई भी पद स्थायी नहीं होता, एक दिन सभी को जाना पड़ता है। बंगाल को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है? चुनाव लोकतंत्र का उत्सव होते हैं, लेकिन आपने 98 लाख लोगों के नाम हटा दिए और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर तक नहीं दिया।
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SIR प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण : TMC
टीएमसी का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में लागू की जा रही SIR प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण, मनमानी, भेदभावपूर्ण और राजनीतिक रूप से प्रेरित है, जिसके चलते मतदाताओं के अधिकार छीने जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी प्रभावित परिवारों के साथ चुनाव आयोग पहुंचे और अपनी गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं।
140–150 लोगों की मौत का दावा : ममता
ममता बनर्जी ने पहले भी कई बार आरोप लगाया है कि SIR प्रक्रिया के कारण राज्य में भय और तनाव का माहौल बना, जिसकी वजह से कम से कम 140 से 150 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कई लोगों को गलत तरीके से मृत घोषित कर उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए, ताकि उनके वोट देने के अधिकार को छीना जा सके।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली पहुंचने पर बंगाल भवन में प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और दिल्ली पुलिस पर बंगालियों पर दबाव बनाने और उनकी निगरानी करने के आरोप लगाए।
सुप्रीम कोर्ट में भी दी चुनौती
इससे पहले ममता बनर्जी ने SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की थी, जिसमें चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पक्षकार बनाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची की शुद्धता के नाम पर यह प्रक्रिया वैध मतदाताओं को वंचित करने की साजिश है, जिसमें खासतौर पर अल्पसंख्यक और गरीब वर्गों को निशाना बनाया जा रहा है।

