सोना और चांदी की कीमतों में सोमवार को भी तेज़ गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी मार्केट (MCX) पर चांदी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से लगभग आधी रह गई है, वहीं सोने के दामों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। चंद दिनों में ही चांदी करीब 2 लाख रुपये तक सस्ती हो चुकी है, जबकि सोने की कीमतों में 51 हजार रुपये से अधिक की गिरावट आ चुकी है।
MCX पर सोमवार दोपहर 12:30 बजे सोना करीब 8,000 रुपये टूटकर 1,39,599 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 39,847 रुपये की गिरावट के साथ 2 लाख 25 हजार रुपये पर पहुंच गई। निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते यह बड़ी गिरावट देखने को मिली है। ऐसे में फोमो (FOMO) में निवेश करने वाले निवेशक बुरी तरह फंस गए हैं, खासतौर पर गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश करने वालों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
क्या चांदी वाकई 2 लाख रुपये सस्ती हो गई है?
वायदा बाजार में चांदी का रिकॉर्ड उच्च स्तर 4.20 लाख रुपये रहा है, जहां से गिरकर यह अब करीब 2.25 लाख रुपये पर आ चुकी है। यानी चांदी की कीमतों में लगभग 1.95 लाख रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इतनी बड़ी गिरावट महज़ 4 से 5 कारोबारी सत्रों के भीतर देखने को मिली है।
वहीं सोने की बात करें तो इसका रिकॉर्ड हाई स्तर 1.93 लाख रुपये रहा है, जो अब टूटकर करीब 1.39 लाख रुपये पर आ गया है। इसका मतलब है कि सोने के भाव में 51 हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।
गोल्ड–सिल्वर ETF में भी तेज गिरावट
सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट के बाद गोल्ड और सिल्वर ETF पर भी इसका सीधा असर देखने को मिला है। सिल्वर ETF में तो लगातार दो सत्रों तक लोअर सर्किट लगा है। इसके अलावा गोल्ड ETF में भी तेज गिरावट दर्ज की गई है।
सोमवार को सिल्वर ETF करीब 20 फीसदी तक टूट गया, जबकि बीते एक हफ्ते में इसमें लगभग 35 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। हालांकि एक महीने के आधार पर देखें तो इसमें करीब 10 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है।
वहीं गोल्ड ETF की बात करें तो सोमवार को इनमें 8 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली, जबकि एक हफ्ते में ये करीब 15 फीसदी टूट चुके हैं। हालांकि मासिक आधार पर गोल्ड ETF लगभग स्थिर बने हुए हैं।
कहीं आप फंस तो नहीं गए?
Gold–Silver ETF निवेशकों को लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिन लोगों ने फोमो में आकर रिकॉर्ड हाई स्तर पर सोना और चांदी के ETF खरीदे थे, उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ा है। रिकॉर्ड ऊंचाई पर सिल्वर ETF लेने वाले निवेशक फिलहाल बड़े घाटे में हैं, क्योंकि उनका निवेश लगभग आधा रह गया है। वहीं गोल्ड ETF खरीदने वाले निवेशकों को भी नुकसान का सामना करना पड़ा है।
इन 4 वजहों से गिरे सोना–चांदी के दाम
चांदी की कीमतों में आई बड़ी गिरावट की एक वजह इंडस्ट्रियल डिमांड में कमजोरी मानी जा रही है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले चेयरमैन के तौर पर केविन वॉश के नाम की घोषणा के बाद भी सोने-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखी गई है। साथ ही कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी में शॉर्ट सेलिंग बढ़ गई है, जिसके चलते दोनों धातुओं के भाव पर दबाव बना हुआ है।
अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि सोने और चांदी में जारी गिरावट को देखते हुए फिलहाल सतर्क रहना बेहद ज़रूरी है। हालांकि, बड़ी गिरावट के दौरान चरणबद्ध तरीके से सीमित खरीदारी की जा सकती है। इसके अलावा, अपने पोर्टफोलियो में इन कीमती धातुओं की हिस्सेदारी 10 से 20 फीसदी से कम या इससे अधिक नहीं रखनी चाहिए।

