अंतरिक्ष में 608 दिन बिताने वाली सुनीता विलियम्स ने ऐसा क्यों कहा- चांद पर जाना चाहती हूं पर मेरे पति मुझे इजाजत नहीं देंगे…

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नई दिल्ली। भारत दौरे पर आई भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स ने दिवंगत कल्पना चावला की मां संयोगिता चावला से मुलाकात की। दोनों ने एक गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे को गले लगाया। चावला की मां ने कहा कि सुनीता विलियम्स उनके परिवार की सदस्य जैसी हैं। 2003 में स्पेस शटल कोलंबिया हादसे में कल्पना चावला की मौत हो गई थी। इधर, सुनीता विलियम्स ने कहा कि इस समय दुनिया में अंतरिक्ष को लेकर एक तरह की होड़ चल रही है। कई देश चांद और अंतरिक्ष में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। लक्ष्य सिर्फ पहले पहुंचना नहीं है, बल्कि यह है कि इंसान सुरक्षित, टिकाऊ और लंबे समय तक रहने लायक इस तरीके से चांद पर जाए।

वे दिल्ली के अमेरिकन सेंटर में ‘आंखें सितारों पर, पैर जमीं पर' सेमिनार में पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि यह काम सबके फायदे, सहयोग और पारदर्शिता के साथ से किया जाना चाहिए, ताकि किसी एक देश का दबदबा न हो और पूरी मानवता को इसका लाभ मिले। 

भारत आना घर वापसी जैसा लगता है

सुनीता विलियम्स ने कहा कि भारत आना उन्हें घर वापसी जैसा लगता है। क्योंकि उनके पिता गुजरात के मेहसाणा जिले के झूलासन गांव से थे। वहीं, चांद पर जाने के एक सवाल के जवाब उन्होंने मजाकिया लहजे में कह कि मैं चंद्रमा पर जाना चाहती हूं, लेकिन मेरे पति मुझे इजाजत नहीं देंगे। घर वापसी और जिम्मेदारी सौंपने का समय आ गया है। अंतरिक्ष खोज में अगली पीढ़ी को अपना स्थान बनाना होगा।

सुनीता बोलीं- अंतरिक्ष से देखने पर अहसास होता है कि हम सब एक हैं

बता दें कि 60 साल की सुनीता विलियम्स हाल ही में नासा से रिटायर हुईं हैं। उन्होंने अंतरिक्ष में 608 दिन बिताए हैं। 9 स्पेस वॉक भी किए हैं। उन्होंने माना कि स्पेस ट्रैवल ने उनकी जिंदगी के नजरिए को बदला है। जब आप धरती को स्पेस से देखते हैं तो महसूस होता है कि हम सब एक हैं और हमें ज्यादा करीब से मिलकर काम करना चाहिए।

अंतरिक्ष में फैला कचरा एक चुनौती बन गई है

अंतरिक्ष में फैले कचरे पर विलियम्स ने कहा कि पिछले एक दशक में यह एक बड़ी चुनौती बन गई है और इसे मैनेज करने के लिए नई टेक्नोलॉजी की जरूरत है। उन्होंने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में बिताए समय पर कहा कि जब आठ दिन का मिशन तकनीकी दिक्कतों के कारण नौ महीने से ज्यादा का हो गया। बता दें कि वे सुनीता विलियम्स साल 2024 में 8 दिन के मिशन पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंची थीं, लेकिन तकनीकी कारणों से उनकी वापसी में 9 महीने से ज्यादा समय लग गया। वे अपनी टीम के साथ पिछले साल 19 मार्च को पृथ्वी पर लौटीं थीं।

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