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AI से फर्जी फोटो भेजके बोलते थे साफ हो गया और GPS से नकली हाजिरी लगते थे! 4 कर्मचारी बर्खास्त
हरियाणा के गुरुग्राम नगर निगम (MCG) ने सरकारी कामकाज में तकनीक के दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आने के बाद चार संविदा कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से हटा दिया है। विभागीय जांच में इन कर्मचारियों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से फर्जी तस्वीरें तैयार करने, GPS स्पूफिंग के जरिए नकली उपस्थिति दर्ज कराने और सरकारी कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप सही पाए गए।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने विभागीय जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और व्यक्तिगत सुनवाई के बाद यह कार्रवाई की। बर्खास्त किए गए चारों कर्मचारी हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (HKRNL) के माध्यम से नियुक्त किए गए थे।
AI से बनाई सफाई की फर्जी तस्वीरें
जांच में सामने आया कि सहायक स्वच्छता निरीक्षक वसीम को एक इलाके में कचरा साफ कराने की शिकायत का निस्तारण करना था। लेकिन उसने मौके पर सफाई कराने के बजाय AI आधारित फोटो एडिटिंग टूल्स का इस्तेमाल कर कचरे वाली तस्वीरों को इस तरह बदल दिया कि जगह पूरी तरह साफ दिखाई देने लगी। इन संशोधित तस्वीरों को नगर निगम के शिकायत पोर्टल पर अपलोड कर शिकायत का निस्तारण दिखा दिया गया, जबकि वास्तविकता में कचरा वहीं पड़ा था। बाद में भौतिक सत्यापन के दौरान पूरा मामला उजागर हो गया। इसे सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ और धोखाधड़ी मानते हुए उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
GPS स्पूफिंग से लगाई फर्जी हाजिरी
दूसरे मामले में सहायक स्वच्छता निरीक्षक सोनू पर GPS स्पूफिंग एप का उपयोग कर नगर निगम के डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम में फर्जी उपस्थिति दर्ज करने का आरोप साबित हुआ। जांच के दौरान वह अपनी ड्यूटी स्थल पर मौजूद नहीं मिला, जबकि पोर्टल पर उसकी उपस्थिति दर्ज थी। पूछताछ में तकनीकी जांच से पता चला कि उसने GPS लोकेशन बदलने वाले ऐप का इस्तेमाल कर सिस्टम को धोखा दिया था। इसके बाद उसे भी सेवा से हटा दिया गया।

दो कंप्यूटर ऑपरेटर भी बर्खास्त
कार्रवाई केवल स्वच्छता विभाग तक सीमित नहीं रही। नगर निगम ने दो कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी बर्खास्त किया। जांच में पाया गया कि वे प्रॉपर्टी आईडी और प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े मामलों में निर्धारित SOP का उल्लंघन करते हुए अनावश्यक आपत्तियां लगा रहे थे। इससे वैध आवेदनों के निपटारे में देरी हुई और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर दोनों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गईं।
निगम आयुक्त ने दी सख्त चेतावनी
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन, धोखाधड़ी, सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़, कर्तव्य में लापरवाही या पद का दुरुपयोग करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी

