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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 500 के नोटों से शुरू हुआ लाखों का खेल
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने शुरुआत बेहद छोटी चोरी से की थी। पहले वे चढ़ावे की गिनती के दौरान 500 रुपये के एक या दो नोट निकालकर अपनी जेब में रख लेते थे। लंबे समय तक किसी को इस बात का संदेह नहीं हुआ, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया। इसके बाद उन्होंने नोटों के बंडल निकालने शुरू कर दिए और आखिरकार लाखों रुपये तक की रकम चढ़ावे से गायब होने लगी।
एसआईटी की जांच के अनुसार, आरोपी चढ़ावे की गिनती के दौरान बेहद शातिर तरीके से रकम निकालते थे। वे नोटों को जेब, कमर, मोजों और कपड़ों के अंदर छिपाकर बाहर ले जाते थे। शुरुआत में कम रकम निकालने की वजह से हिसाब-किताब में अंतर पकड़ में नहीं आता था, लेकिन समय के साथ चोरी की रकम बढ़ती चली गई। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी वजह से यह कथित घोटाला लंबे समय तक चलता रहा।
जांच में सीसीटीवी फुटेज सबसे अहम सबूत बनकर सामने आई है। फुटेज में कुछ कर्मचारी चढ़ावे की गिनती करते समय नोट अलग करते और उन्हें कपड़ों में छिपाते दिखाई दिए। इन वीडियो के आधार पर पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की, जिसके बाद कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। पुलिस अब फुटेज की फ्रेम-दर-फ्रेम जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे खेल में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
अब तक इस मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें चढ़ावे की गिनती और उसकी निगरानी से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 79.85 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। हालांकि जांच एजेंसियों का मानना है कि वास्तविक गबन की रकम इससे कहीं अधिक हो सकती है और अभी कई वित्तीय पहलुओं की जांच जारी है।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर चोरी की रकम का इस्तेमाल जमीन खरीदने, मकान बनवाने और अन्य संपत्तियां जुटाने में किया गया। जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों, संपत्तियों, निवेश और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी का पैसा कहां-कहां लगाया गया। यदि अवैध संपत्ति के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो उसे जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
एसआईटी अब सिर्फ गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस पूरे मामले में कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था या फिर किसी अन्य कर्मचारी अथवा अधिकारी की भूमिका भी रही है। इसके लिए चढ़ावा गिनने की पूरी प्रक्रिया, ड्यूटी रोस्टर, सीसीटीवी रिकॉर्ड, बैंक में रकम जमा कराने की व्यवस्था और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी को जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। दूसरी ओर, राम मंदिर ट्रस्ट ने भी चढ़ावे की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और चढ़ावे के प्रबंधन की प्रक्रिया में बदलाव किए जाने की तैयारी है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या बड़े खुलासे होने की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है

