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'मैं 48 लाख कमाता हूं, वह 8 लाख... फिर भी मेरी गर्लफ्रेंड तेवर दिखाती है!' माइक्रोसॉफ्ट के इंजीनियर का छलका दर्द
कहा जाता है कि प्यार में अमीरी-गरीबी या पैसों का कोई महत्व नहीं होता; लेकिन जब व्यावहारिक जीवन और लिव-इन रिश्तों की बात आती है, तो हकीकत बिल्कुल अलग कहानी दिखाती है। माइक्रोसॉफ्ट के एक इंजीनियर का दर्द इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'ग्रेपवाइन' पर वायरल हो रहा है। इस टेक इंजीनियर का दावा है कि उसके और उसकी गर्लफ्रेंड की सैलरी में जमीन-आसमान का अंतर है, जो अब उनके खुशहाल रिश्ते को धीरे-धीरे दीमक की तरह खा रहा है। पैसों की वजह से होने वाले रोज़ के झगड़ों ने उनके प्यार को खत्म कर दिया है।
माइक्रोसॉफ्ट में सीनियर प्रोडक्ट डिज़ाइनर के रूप में काम करने वाले एक शख्स ने 'गूफीपांडा' नाम से ऑनलाइन पर अपनी कहानी साझा की है। उसने बताया कि इस साल की शुरुआत में उसने और उसकी गर्लफ्रेंड ने साथ रहने का फैसला किया। शुरुआत में सब कुछ बहुत परिपक्व और व्यवस्थित लग रहा था। दोनों ने मिलकर अपने ऑफिस के पास एक सुंदर फ्लैट किराए पर लिया और खुशी-खुशी साथ रहने लगे। लेकिन यह हनीमून पीरियड ज़्यादा समय तक टिक नहीं पाया।
टेक इंजीनियर ने बताया कि जब फ्लैट का किराया, भारी सिक्योरिटी डिपॉज़िट और किराने के असली बिल आने लगे, तब उसे आर्थिक असमानता का एहसास हुआ। टेक प्रोफेशनल की वार्षिक सैलरी ₹48 लाख (₹48 LPA) है, जबकि उसकी गर्लफ्रेंड की सैलरी केवल ₹8 लाख (₹8 LPA) है। इस बड़े अंतर को संभालने के लिए इंजीनियर ने अपने वरिष्ठ सहकर्मियों से सलाह भी ली और एक संयुक्त बैंक खाता खुलवाया। उसने ज़िम्मेदारी दिखाते हुए घर के कुल खर्च का 85 प्रतिशत हिस्सा खुद उठाना शुरू कर दिया, ताकि उसकी गर्लफ्रेंड पर बोझ न पड़े।
इंजीनियर का कहना है कि वह किराए से लेकर जीवनशैली से जुड़े बड़े खर्चों तक सब कुछ संभाल रहा था, लेकिन हाल ही में आई एक परेशानी ने सब कुछ बदल दिया। इस हफ्ते उसकी कार खराब हो गई, जिसके मरम्मत का बिल बहुत ज़्यादा आया। जब उसने इस खर्च को साझा करने की बात कही, तो उसकी गर्लफ्रेंड नाराज़ हो गई और तुरंत रक्षात्मक रवैया अपना लिया। बात करने के बजाय उसने इस मुद्दे से बचना ही बेहतर समझा। इंजीनियर ने लिखा कि पैसों को लेकर होने वाली हर छोटी लड़ाई मेरे दिल में उसके लिए बची हुई भावनाओं को भी खत्म करती जा रही है।
यह पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया उपयोगकर्ता दो हिस्सों में बंट गए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि अगर इंजीनियर उस युवती को अपना जीवनसाथी मानता है, तो उसे खुशी-खुशी खर्च का बड़ा हिस्सा उठाना चाहिए और लड़की के करियर के विकास में भी मदद करनी चाहिए। दूसरी ओर, कई उपयोगकर्ताओं का मानना है कि महिला का रवैया गलत है। अगर वह वास्तव में इस रिश्ते को लेकर गंभीर होती, तो पैसों की बात पर इस तरह मुंह नहीं छिपाती; बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार जितना संभव हो, उतना योगदान देने की कोशिश करती।

