- Hindi News
- बिजनेस
- उदय कोटकः स्टार क्रिकेटर बनने का सपना टूटा, देश के सबसे बड़े बैंकर बने
उदय कोटकः स्टार क्रिकेटर बनने का सपना टूटा, देश के सबसे बड़े बैंकर बने
मुंबई की 112 साल पुरानी Sydenham College में 20 साल का एक गुजराती लड़का क्रिकेट टीम का स्टार था। वह शायद सुनील गावस्कर की तरह भारतीय टीम का बड़ा खिलाड़ी बन सकता था।
लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। कॉलेज मैच के दौरान रन लेते समय गेंद उनके सिर पर लगी। उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ और सर्जरी करनी पड़ी। कई महीनों तक वे बिस्तर पर रहे। भारतीय टीम में खेलने का सपना खत्म हो गया।
यह युवक थे उदय कोटक।
इसके बाद उन्होंने फाइनेंस क्षेत्र चुना। परिवार का कपास का व्यवसाय था, लेकिन वे उसमें नहीं जाना चाहते थे। उन्हें Hindustan Unilever Limited में नौकरी का प्रस्ताव भी मिला, लेकिन उन्होंने नौकरी भी नहीं की।
1985 में उन्होंने 30 लाख रुपये उधार लेकर 3 लोगों और 300 वर्गफुट के छोटे ऑफिस से कोटक फाइनेंस शुरू किया। उस समय निवेशकों को 6% ब्याज मिलता था और लोन 12% पर मिलता था। उन्होंने निवेशकों को 9% और लोन 11% पर देना शुरू किया। धीरे-धीरे व्यापार बढ़ा।
2003 में उन्होंने अपनी कंपनी को Kotak Mahindra Bank में बदलकर इतिहास रच दिया। एक छोटी कंपनी से देश की चौथी सबसे बड़ी निजी बैंक तक का सफर तय किया।
2008 की मंदी के समय सरकार ने उनकी मदद ली। उन्होंने Goldman Sachs के साथ साझेदारी की, हिस्सा बेचा और बाद में वापस खरीद लिया। आज वे देश के सबसे सम्मानित बैंकरों में गिने जाते हैं। उनकी नेटवर्थ लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये है और बैंक का मार्केट कैप करीब 4 लाख करोड़ रुपये है।
सरकार ने उन्हें अब Gujarat International Finance Tec-City (गिफ्ट सिटी) का चेयरमैन नियुक्त किया है। माना जा रहा है कि वे इसे नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

गिफ्ट सिटी क्या है और चुनौतियाँ क्या हैं?
गिफ्ट सिटी Gandhinagar में स्थित एक विशेष वित्तीय क्षेत्र है, जहाँ विदेशी मुद्रा का व्यापार होता है। सरकार ने इसे 20 साल के लिए टैक्स-फ्री घोषित किया है ताकि देशी-विदेशी निवेश आकर्षित हो।
वित्त क्षेत्र में अभी मुंबई का दबदबा है, इसलिए गिफ्ट सिटी की प्रतिस्पर्धा मुंबई से है। काम शुरू हो चुका है, लेकिन अभी वह पीछे है।
दूसरी चुनौती लाइफस्टाइल की है। विदेशी कंपनियाँ वहीं आती हैं जहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य और नाइटलाइफ की अच्छी सुविधाएँ हों। सरकार ने इसमें सुधार किए हैं।
पहले यहाँ चेयरमैन आईएएस अधिकारी होते थे। Hasmukh Adhia पहले चेयरमैन थे। अब उday कोटक की नियुक्ति को एक सकारात्मक और बड़ा कदम माना जा रहा है।

